मां शैलपुत्री (Maa Shailputri) वस्त्र: श्वेत रंग हस्त मुद्रा: एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल का फूल वाहन: नंदी (वृषभ) बैल प्रिय फूल: सफेद फूल (विशेषकर चमेली) पूजा का रंग: नवरात्रि के पहले दिन सफेद के साथ-साथ पीले या नारंगी रंग के वस्त्र
स्वरूप: स्वर्ण के समान चमकती आभा मस्तक: घंटे के आकार का आधा चंद्रमा हस्त मुद्रा : दस भुजाओं में त्रिशूल, गदा, तलवार, धनुष, बाण, खड्ग और कमंडल प्रिय फूल : पीले रंग के फूल वस्त्र: पूजा में सुनहरे या पीले रंग के वस्त्र
स्वरूप: अष्टभुजाधारी हस्त मुद्रा : आठों हाथ में त्रिशूल, गदा, धनुष, बाण, कमल, अमृतपूर्ण कलश, चक्र और जपमाला आभूषण व वस्त्र: माता का स्वरूप सुनहरे या नारंगी वस्त्रों और आभूषणों से सजी रहती हैं वाहन: सिंह (शेर) वस्त्र: पूजा में सुनहरे या पीले रंग के वस्त्र
स्वरूप: सुनहरे रंग की आभा और अत्यंत तेजस्वी माता के वस्त्र: श्वेत व पीले वस्त्र आसन: कमल के फूल पर विराजमान हस्त मुद्रा : दाहिने तरफ नीचे वाले हाथ में कमल का फूल, ऊपर वाले हाथ में वरमुद्रा, बाईं तरफ ऊपर वाले हाथ में भी कमल का फूल और नीचे वाले हाथ में पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) वाहन: मां स्कंदमाता सिंह (शेर)
स्वरूप: तेजस्वी और दिव्य वाहन: सिंह (शेर) हाथों में अस्त्र: माँ के एक हाथ में तलवार और दूसरे में कमल का फूल है। हस्त मुद्रा : दो हाथ अभय मुद्रा (डर दूर करने वाले) और वरद मुद्रा (वरदान देने वाले) श्रृंगार: दिव्य आभूषणों से सुशोभित, चेहरे पर करुणा के साथ-साथ तेज वस्त्र: माता को लाल और पीला रंग अत्यंत प्रिय है
रूप: विकराल, भयंकर और शक्ति का प्रतीक रंग: शरीर का रंग घने अंधकार जैसा काला बाल: बिखरे हुए और हवा में उड़ते हुए बाल गले की माला: गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला नेत्र: तीन गोल नेत्र, जो ब्रह्मांड की तरह चमकते हैं भंगिमा: नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालाएं निकलती हैं वाहन: गधा (गदर्भ) भुजाएं: चार भुजाएं, ऊपर उठे हुए दाहिने हाथ में वरमुद्रा, नीचे वाले हाथ में अभयमुद्रा, बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और नीचे वाले हाथ में खड्ग (कटार) प्रिय रंग: सप्तमी को रॉयल ब्लू या नीले रंग के वस्त्र पहनना बहुत शुभ
रूप: गौर वर्ण- माता का रंग चंद्रमा के समान गोरा और दमकता हुआ हस्त मुद्रा : चतुर्भुज रूप- एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में डमरू, तीसरा हाथ में अभय मुद्रा और चौथा हाथ वरद मुद्रा वाहन: महागौरी बैल पर सवार आभूषण: श्वेत आभूषणों से सुसज्जित वस्त्र : सफेद या श्वेत वस्त्र अत्यंत प्रिय हैं
रूप: चेहरे पर एक सौम्य और प्यारी मुस्कान आभूषण: दिव्य आभूषणों और ताजे फूलों की माला से सुशोभित आसन: खिले हुए गुलाबी या लाल कमल के फूल पर विराजमान वाहन: सिंह (शेर) चार भुजाएं: दाहिने नीचे वाले हाथ में कमल का फूल, दाहिने ऊपर वाले हाथ में शंख, बाएं नीचे वाले हाथ में गदा और बाएं ऊपर वाले हाथ में सुदर्शन चक्र वस्त्र : लाल रंग का वस्त्र धारण करना अत्यंत प्रिय है