ताजमहल तक पहुंची यमुना, पोरबंदर में घर डूबे, हिमाचल में अब तक 145 मौतें, मौसम के मिजाज और लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्य में बार-बार रुकावट आ रही है.

Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Uttarakhand Landslide : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में लैंडस्लाइड के कारण बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया है. गंगोत्री हाईवे धरासू पुराना थाना और सोनागढ़ के पास ब्लॉक है. यमुनात्री हाईवे भी नारदचट्टी के पास बंद है. कुथनौर में ट्रैफिक शुरू हो गया है. बाकी जगहों पर मलबा हटाने का काम जारी है. सीमा सड़क संगठन की टीमें मलबे को हटाने के लिए लगातार मशीनों के साथ तैनात हैं. हालांकि, संवेदनशील जोन में रुक-रुक कर हो रही पत्थरबाजी और भूस्खलन की वजह से हाईवे को पूरी तरह साफ करने में बाधा आती है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस द्वारा यात्रियों को सुरक्षित स्थानों (जैसे गौरीकुंड, सोनप्रयाग या नजदीकी कस्बों) में ही रोक दिया जाता है. देश के पश्चिमी हिस्से महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश के कारण जन-जीवन प्रभावित हुआ है. दोनों राज्यों में आज रेड अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश में यमुना के कारण कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. यमुना का पानी ताजमहल तक पहुंच गया है. 40 गांव अलर्ट पर हैं. मथुरा में यमुना नदी कटान के बाद अपना मूल रास्ता छोड़कर दो किमी दूर बह रही हैं.
46 बच्चे और 4 टीचर्स को बचाया
इधर, गुजरात के तटीय जिलों में बुधवार को भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए. जूनागढ़ जिले में 12 घंटों में 331 एमएम बारिश हुई. NDRF ने पोरबंदर जिले के एक स्कूल में फंसे 46 बच्चों और 4 टीचर्स को बचाया. मूसलाधार बारिश के चलते जूनागढ़ और आस-पास के तटीय जिलों की सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं. एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों ने राहत कार्य चलाते हुए जूनागढ़ के मानेवाड़ा गांव के निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला है. इसके अलावा पड़ोसी जिले पोरबंदर में भी एक स्कूल में फंसे बच्चों और शिक्षकों का रेस्क्यू किया गया.
यातायात और बिजली आपूर्ति प्रभावित
सड़कों पर कमर तक पानी भर जाने के कारण कई मुख्य मार्ग और हाईवे बंद करने पड़े हैं. इसके साथ ही कई ग्रामीण और तटीय इलाकों में संपर्क टूट गया है और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. निचले और संवेदनशील इलाकों से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों या आश्रय गृहों में शिफ्ट किया गया है.

लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश और पटरियों पर पानी भरने (जलभराव) के कारण ट्रेन सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं. इस भारी बारिश की वजह से कई लंबी दूरी की ट्रेनें 6 से 8 घंटे की देरी से चल रही थीं, जिसके कारण स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी. वहीं, महाराष्ट्र में तेज बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बीते दिन मुंबई में 107.4 एमएम बारिश हुई. ठाणे जिले में पानी से भरी खदान में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 20 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 145 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में बारिश के कारण हुए हादसों में 2281 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
प्रशासन और BRO की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि सीमा सड़क संगठन (BRO), PWD और NHIDCL की टीमें और जेसीबी मशीनें दोनों हाईवे से मलबे को हटाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं. जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह बैरिकेट्स लगाए हैं और वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ही रोक दिया गया है. मौसम के मिजाज और लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्य में बार-बार रुकावट आ रही है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले समय के लिए भी राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.
