NEET मामले को लेकर केंद्र सरकार लगातार दिखा रही है सख्ती, आरोपों के बीच नीट पर ट्रिपल एक्शन लिया. मई को नीट यूजी एग्जाम को आयोजित किया गया था। जिसमें 4750 परीक्षा केंद्र शामिल थे.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Neet News: नीट पेपर लीक पर सियासत जोरों-शोरों से हो रही है। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित सर्वोपरि है। साथ ही, उन्होंने नीट एग्जाम करवाने वाली संस्था ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी’ (एनटीए) के प्रमुख सुबोध सिंह को हटाने के बारे में भी बताया है। उन्होंने कहा है कि एनडीए में सुधार की जरुरत है। जिसके लिए सात सदस्यों वाली समिति का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि एनटीए की कमान अब नए अधिकारी को मिल गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने पेपरलीक के आरोपों के बीच नीट पर ट्रिपल एक्शन लिया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि एनटीए के डीजी सुबोध सिंह को हटा दिया गया है। उनकी जगह भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरोला को एनटीए की कमान दी गई है। प्रधान ने कहा कि नीट कथित पेपर लीक की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया है।
एक्शन मोड में शिक्षा मंत्रालय
शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों के हक में फैसला होगा। इससे पहले बीते शनिवार को शिक्षा मंत्रालय ने इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ के राधाकृष्णन के नेतृत्व में हाई लेवल कमेटी बनाई गई। जिसमें एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया समेत देश के सात दिग्गज रिसर्चर, स्कॉलर और साइंटिस्ट को शामिल किया है। शिक्षा मंत्रालय के द्वारा बनाई गई हाई लेवल कमिटी का काम नीट की परीक्षा प्रकियाओं और डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार लाना है। साथ ही, यह टीम NTA के स्ट्रक्चर पर भी काम करेगी। यह कमेटी दो महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंपेगी।
नतीजे आने के तुरंत बाद यह विवादों में घिर गया
गौरतलब है कि 5 मई को नीट यूजी एग्जाम को आयोजित किया गया था। जिसमें 4750 परीक्षा केंद्र शामिल थे। इन केंद्रों पर कुल 24 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। पहले नीट यूजी का रिजल्ट 14 जून को घोषित किया जाना था। लेकिन नतीजे 10 दिन पहले यानी 4 जून को ही आ गए। साथ ही, एग्जाम के नतीजे आने के तुरंत बाद यह विवादों में घिर गया। पेपर लीक का आरोप लगा। इसके बाद कई सेंटर्स पर एक जैसे नंबर कई छात्रों के आए। जिसके बाद पता चला कि बिहार और गुजरात में पेपर लीक की घटना हुई है.
सुधार के लिए आप 13 सितंबर तक सुझाव कैसे दे सकते हैं?
एनटीए ने परीक्षा प्रणाली में बुनियादी बदलाव लाने के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है. यह कमेटी देश के छात्रों, अभिभावकों, टीचर्स और आम नागरिकों से खुलकर सुझाव मांग रही है. सरकार का मानना है कि परीक्षा सुधार की इस मुहिम में हर नागरिक की राय बेहद जरूरी है.
अगर आपके पास परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने का कोई आइडिया है, तो आप 13 सितंबर 2026 तक अपने विचार भेज सकते हैं. यह सुझाव व्हाट्सएप, आधिकारिक वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के जरिए भेजे जा सकते हैं. सरकार ने साफ किया है कि सुझाव हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में दिए जा सकते हैं.
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
बीते दिनों नीट-यूजी समेत कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे थे. इन विवादों ने लाखों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई थी. इसके बाद से ही पूरी परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की मांग तेजी से उठ रही थी.
सरकार ने अफसरों की नई टीम उतारने के साथ जनता की सीधी भागीदारी का रास्ता चुना है. इसका असली मकसद परीक्षा संचालन की हर तकनीकी और प्रशासनिक खामी को जड़ से खत्म करना है. इन नए कदमों से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता एक बार फिर मजबूत होगी.
UPSC के जरिए होगी एनटीए में भर्ती
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सीनियर प्रोफेशनल्स की भर्ती की घोषणा की है और UPSC प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए यंग प्रोफेशनल्स से आवेदन मांगे हैं। इस कदम का मकसद एजेंसी की परीक्षा प्रणाली को मजबूत करना है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये नियुक्तियां प्रो. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञों की उच्च-स्तरीय समिति द्वारा सुझाए गए सुधारों को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम हैं। इस भर्ती में जनरल मैनेजर के चार पद और यंग प्रोफेशनल के 16 पद शामिल हैं, जो एजेंसी के अलग-अलग कामकाज में मदद करेंगे।
