सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार भगवान के घर से लेकर आए हैं शरीर के इन अंगो पर निशान तो भाग्यशाली हो सकते हैं…
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By- DB News Update |Edited By- Supriya
samudra shastra: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के शरीर पर जो भी बर्थ मार्क होते हैं, वो उसके भाग्य से जुड़ा कोई न कोई संकेत जरूर देते हैं। ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार शरीर पर मौजूद बर्थमार्क (जन्म से हुआ निशान) व्यक्ति के पिछले जन्म के कर्मों, स्वभाव, व्यक्तित्व और भविष्य का संकेत देते हैं। शरीर के कुछ अंग ऐसे होते हैं। जहां बर्थ मार्क होना भाग्यशाली होने की निशानी समझे जाते हैं। आइए, जानते हैं कि शरीर के किन अंगों पर बर्थ मार्क होना शुभ माना जाता है और इनसे क्या संकेत मिलते हैं।
आपने अपने आसपास देखा होगा कि कुछ लोगों के शरीर पर कोई न कोई निशान जरूर होता है। देखने में ये निशान साधारण ही लगते हैं लेकिन सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार इन बर्थ मार्क का कोई न कोई अर्थ जरूर होता है। शरीर के कुछ अंगों पर बर्थ मार्क होने से आप काफी भाग्यशाली होते हैं।
मान्यता है कि बर्थमार्क पिछले जन्म के किसी अधूरे कार्य, गहरे अनुभव, या चोट के ऊर्जावान (क्रेमिक) निशान होते हैं जो इस जन्म में भी व्यक्ति के साथ जुड़े रहते हैं। इसके अलावा निशान का आकार (जैसे दिल या तारे का आकार) प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक होता है।
चेहरे पर बर्थ मार्क होने का मतलब
किसी के चेहरे पर अगर कोई बर्थ मार्क होता है, तो लोगों को लगता कि इससे उनकी सुंदरता कम हो रही है लेकिन सामुद्रिक शास्त्र की मानें, तो चेहरे पर बर्थ मार्क होना सौभाग्य की निशानी माना जाता है। चेहरे पर बर्थ मार्क होने से व्यक्ति के पास पैसों की कोई कमी नहीं होती। साथ ही ऐसे लोग संवेदनशील माने जाते जाते हैं।
पैरों पर बर्थ मार्क होने का मतलब
जिन लोगों के पैरों पर बर्थ मार्क होता है, ऐसे लोग बहुत ही तरक्की पसंद होते हैं। इनके बारे नें कहा जाता है कि जिन लोगों के पैरों में बर्थ मार्क होता है, वे लोग दूसरों के लिए भी बहुत भाग्यशाली होते हैं। पैरों पर बर्थ मार्क वाले लोग बहुत कम मेहनत में भी बहुत तरक्की होते हैं।
पेट पर बर्थ मार्क होने का मतलब
जिन लोगों के पेट पर बर्थ मार्क होता है। ऐसे लोगों को लालची माना जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार पेट पर बर्थ मार्क होना यह दर्शाता है कि ऐसे लोगों को कभी भी संतुष्टि नहीं मिलती है। इनके मन में हमेशा थोड़ा और थोड़ा और की भावना देखी जाती है।
सीने पर बर्थ मार्क होने का मतलब
जिन लोगों के सीने पर बर्थ मार्क होता है, उन्हें काफी हंसमुख स्वभाव का माना जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसे लोग बहुत आसानी से किसी का दिल भी जीत लेते हैं। साथ ही ऐसे लोगों को बहुत रोमांटिक भी माना जाता है। प्यार के मामले में ऐसे लोग काफी सफल माने जाते हैं। इनका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है।
पीठ पर बर्थ मार्क होने का मतलब
जिन लोगों के पीठ पर बर्थ मार्क होता है, ऐसे लोग भी सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार बहुत ही भाग्यशाली माने जाते हैं। ऐसे लोग खुले विचारों वाले होते हैं और अपनी बात को खुलकर जाहिर करते हैं। इन्हें छोटी मानसिकता वाले लोग बिल्कुल भी पसंद नहीं होते हैं।
दायां कंधा: दाएं कंधे पर बर्थमार्क होना बहुत अच्छा माना जाता है। यह अच्छे भाग्य (गुड लक) का प्रतीक है।
जांघों पर: पैर या जांघ की जांघों पर निशान होना सौभाग्य, सफलता और तरक्की का संकेत माना जाता है।
दाहिना गाल: दाहिने गाल पर निशान वाले लोग मेहनती और जुनूनी होते हैं। इनका वैवाहिक जीवन भी खुशहाल रहता है।
माथे पर: माथे पर बर्थमार्क होना उच्च बौद्धिक क्षमता, बुद्धिमत्ता और नेतृत्व गुण का प्रतीक माना जाता है।
अशुभ बर्थमार्क (Unlucky Birthmarks)
बायां कंधा: बाएं कंधे पर बर्थमार्क होना अशुभ माना जाता है। इसे जीवनभर की परेशानियों और समस्याओं से जोड़ा जाता है।
पेट पर: पेट या नाभि के आसपास का निशान स्वार्थी या अत्यधिक लालची स्वभाव का संकेत माना जाता है।
बायां गाल: बाएं गाल की तरफ बर्थमार्क होने पर आर्थिक परेशानियों और उदासी का सामना करना पड़ सकता है.
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