ग्वालियर में नकली Cold Drink बनाने वाली कंपनी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया, नकली Sting की 22 हजार से अधिक पैक्ड बॉटल बरामद
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने नकली कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर में नकली कोल्ड ड्रिंक बनाने का काम चल रहा है। पुलिस ने मौके पर रेड डाली तो बड़ा खुलासा हुआ है। PEPSI कंपनी के Sting ब्रांड की नकली कोल्ड ड्रिंक मिली है। यह सबसे ज्यादा सेहत के लिए खतरान बताई जा रही है। इस पर यदि अंकुश लग गया तो ग्रामीण क्षेत्र की आधी समस्या का समाधान हो सकता है।
PEPSI कंपनी की शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस का दावा है कि नकली Sting कोल्ड ड्रिंक की 22 हजार से अधिक नकली पैक्ड बॉटल मिली है। PEPSI कंपनी की शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस की जांच में पता चला है कि ABHI नाम से रजिस्टर्ड कंपनी ट्रांसपोर्ट नगर में बड़े ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक बनाने का काम करती थी। मौके से आरोपी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है।
सबसे हानिकारक ड्रिंक्स के प्रकार
एनर्जी ड्रिंक्स में बहुत अधिक मात्रा में कैफीन और शुगर होती है। यह हृदय गति (Heart Rate) और ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा सकती हैं। नियमित या अत्यधिक सेवन से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
कोला और डार्क सॉफ्ट ड्रिंक्स में अत्यधिक शुगर, फॉस्फोरिक एसिड और कार्बोनिक एसिड होता है। इससे मोटापा (Obesity), टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर और दांतों का इनेमल खराब होने (कैविटी) का खतरा बढ़ता है।
सोडा और पैकेज्ड फ्रूट ड्रिंक्स: इनमें छिपी हुई शुगर और कृत्रिम रंग होते हैं जो शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और मिनरल्स की कमी पैदा करते हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मामले को लेकर ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री का आदेश है और समय-समय पर डीजीपी द्वारा भी आदेशित किया जाता रहा है कि मिलावटखोरी पर लगाम लगाई जाए। बुधवार को बहुरापुर पुलिस को सूचना मिली थी कि इंडस्ट्रियल एरिया ट्रांसपोर्ट नगर में नकली कोल्ड ड्रिंक बनाने की फैक्ट्री संचालित हो रही है, जिसमें पेप्सी को कंपनी का एनर्जी ड्रिंक स्टिंग नकली रूप से तैयार किया जा रहा है। बड़ी मात्रा में कंपनी के ब्रांडेड ढक्कन मिले हैं। बनाने वाली मशीन भी बरामद की गई है।
कोल्ड ड्रिंक्स से नुकसान
टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है। अत्यधिक शुगर के सेवन से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) पैदा होता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। वहीं हड्डियों का कमजोर होने लगती हैं। इनमें मौजूद फॉस्फोरिक एसिड शरीर में कैल्शियम और अन्य मिनरल्स के अवशोषण को रोकता है, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं। दांतों का खराब होने लगते हैं. क्योंकि कोल्ड ड्रिंक का अम्लीय (Acidic) स्वभाव और शुगर दांतों के इनेमल (Enamel) को गला देते हैं, जिससे कैविटी और दांत सड़ने की समस्या होती है। लिवर की समस्याएं (फैटी लिवर) बढ़ जाती हैं. इनमें मौजूद अतिरिक्त शुगर और फ्रुक्टोज लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग हो सकता है। किडनी को बहुत ज्यादा नुकसान होता है. फॉस्फोरिक एसिड और अन्य केमिकल्स किडनी में पथरी (Kidney Stones) और कार्यक्षमता में गिरावट का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) बनी रहती है। इनमें कैफीन और अधिक शुगर होती है, जो मूत्रवर्धक (Diuretic) का काम करती है। इससे बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
फिर क्या करना चाहिए
खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department – FSSAI): आप अपने राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) पर इसकी शिकायत कर सकते हैं।
आप पेप्सी कंपनी के कस्टमर केयर या स्थानीय वितरक (Distributor) को इसकी जानकारी दे सकते हैं। कंपनी ऐसे मामलों में खुद भी पुलिस या प्रशासन की मदद से कार्रवाई करती है।
यदि आपको बड़े पैमाने पर नकली उत्पाद बिकने का संदेह है, तो आप स्थानीय थाने में इसकी सूचना दे सकते हैं (जैसा कि पहले ग्वालियर और अन्य स्थानों पर पुलिस कार्रवाई में सामने आया है)।
कोल्ड ड्रिंक्स में शुगर और हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे शरीर में कैलोरी बढ़ती है और मोटापा तेजी से बढ़ता है।
