पहली बार विपक्ष द्वारा 12 अक्टूबर को लोकतंत्र मार्च निकाला गया, इंडिया ब्लॉक के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में किसका नाम है और क्या धाराएं लगी हैं? अभी तक स्पष्ट नहीं.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
India Bloc Protest Delhi: इंडिया गठबंधन का विगत 7 दिनों से SIR को लेकर प्रदर्शन जारी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पहली बार ‘लोकतंत्र मार्च’ निकाला और विरोध दर्ज कराया. सोमवार 12 अक्टूबरर को दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट मार्च किया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के बड़े नेताओं और समर्थकों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. एसआईआर में बड़े स्तर पर नाम काटे जाने और गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए 11 नेताओं ने संयुक्त याचिचा दखिल की. इस याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है. इधर विपक्ष द्वारा निकाले गए मार्च दिल्ली पुलिस ने भी FIR दर्ज की है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, बाराखम्बा पुलिस स्टेशन और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में ये FIR दर्ज की गई है. फिलहाल, धाराओं और आरोपों की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. एफआईआर में किन नेताओं का नाम है, यह भी नहीं बताया जा रहा है. अभी पुलिस जांच कर रही है.
चाय पर चर्चा के दौरान बनेगी रणनीति
गठबंधन के सांसद आज मंगलवार 13 मार्च को मुलाकात करेंगे. वे चाय पर चर्चा के दौरान आगे की रणनीति तय कर सकते हैं. इससे पहले यह बतादें कि राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के 11 नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, इसको लेकर पेंच फंस गया है. यानि गठबंधन के नेताओं द्वारा दखिल याचिका पर आज मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकेगी. मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से 13 अक्टूबर के लिए जारी सप्लीमेंट्री लिस्ट में राहुल गांधी की याचिका शामिल नहीं है.
14 खामियां बताकर दायर की गई है याचिका
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं की तरफ से दायर याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं. यह याचिका वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी है. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने वाले वकील से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की साफ कॉपी मांगी. 9 याचिकाकर्ताओं ने याचिका दायर करने की लिखित सहमति नहीं दी थी. रजिस्ट्री ने यह भी कहा कि याचिका के साथ जमा किए दस्तावेज के कुछ पन्ने पढ़ने लायक नहीं हैं. कुछ गायब हैं. कोर्ट फीस भी 220 रुपए कम जमा की गई है.
सीजेपी ने सुबह-सुबह किया प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन से पहले बीते शनिवार (10 अक्टूबर) को कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिए गए थे. हालांकि इन्हें फिर छोड़ दिया गया था. इसके बाद आज मंगलवार को सुबह-सुबह फिर से सौरव दास और आशुतोष रांका प्रदर्शन करने पहुंच गए. सौरव दास को फिर से हिरासत में लिया गया है. बतादें कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) आक्रामक है. आज सुबह करीब 9 बजे सीजेपी के नेता ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शन किया. इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
इसका वीडियो खुद आशुतोष रांका और सीजेपी ने शेयर किया है. इसमें रांका कई समर्थकों के साथ झंडे लेकर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगा रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि इस दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.
वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों का स्वतंत्र ऑडिट हो
राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका में रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है. इसमें तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को भी शामिल करने की मांग है. याचिका में कहा गया है कि यह समिति तय समय के भीतर SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों और किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट करे.
‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकालकर विरोध जताया
नई दिल्ली में 12 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकालकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया. राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दूसरे विपक्षी नेता शामिल हुए. विपक्ष ने SIR पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की.
SIR को लेकर विपक्ष के लगाए गए आरोप
इंडिया गठबंधन का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं. विपक्षी दलों ने मांग की है कि नाम हटाने की प्रक्रिया की जांच हो, गलतियों को सुधारा जाए और पात्र मतदाताओं का मतदान का अधिकार सुरक्षित रखा जाए.
क्या बोले सौरव दास?
सौरव दास ने कहा कि हम जंतर-मंतर में प्रवेश कर चुके हैं और अब हमें हिरासत में लिया जा रहा है. लेकिन यह हम सभी युवा पीढ़ी के लिए एक संदेश है. हम यह कर सकते हैं. सीजेपी के नेता आज ऐसे समय में जंतर-मंतर पहुंचे हैं, जब सरकार ने जंतर मंतर को प्रदर्शन करने वाली जगह की सूची से हटा दिया है. इसपर सीजेपी ने कड़ी नाराजगी जताई.
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
अभिजीत दीपके ने कहा कि नरेंद्र मोदी का डर इस बात से स्पष्ट है कि उन्होंने जंतर मंतर को विरोध स्थल के रूप में हटा दिया है. उन्हें लगता है कि अगर जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शन का स्थल नहीं रहेगा और यह बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है.
अभिजीत दीपके ने साथ ही आशुतोष रांका की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराते आशुतोष रांका.” उन्होंने सेल्यूट वाला इमोजी भी एक्स पर पोस्ट किया.
