ज्येष्ठ माह के मंगलवार का खास धार्मिक महत्व है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं, जोकि हनुमानजी की पूजा के लिए समर्पित है. जानें इस साल ज्येष्ठ में कितने मंगलवार होंगे.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jyeshtha Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल से जुड़ी धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही भगवान श्रीराम और हनुमान पहली बार मिले थे, जिसे धर्म और भक्ति के मिलन की शुरुआत मानी जाती है. बजरंगबली के भक्तों के लिए ज्येष्ठ का महीना एक विशेष अवसर की तरह होता है. क्योंकि इस महीने पड़ने वाले मंगलवार के दिन भक्त अपने आराध्य देव (हनुमान जी) के वृद्ध रूप की पूजा कर पुण्यफल प्राप्त करते हैं.
पांच बड़ा मंगल पड़ रहे
हनुमान भक्तों के लिए इस साल ज्येष्ठ का महीना खास रहने वाला है. क्योंकि इस बार ज्येष्ठ में कुल पांच मंगलवार यानी पांच बड़ा मंगल पड़ रहे हैं.
आइए जानते हैं 5 बड़ा मंगल की तारीख
- पहला बड़ा मंगल 13 मई 2025 को था.
- दूसरा बड़ा मंगल 20 मई 2025,
- तीसरा बड़ा मंगल 27 मई 2025,
- चौथा बड़ा मंगल 3 जून 2025,
- पांचवा बड़ा मंगल 10 जून 2025 को पड़ेगा.
बता दें कि इस साल ज्येष्ठ महीने की शुरुआत 13 मई से हुई है जो 11 जून 2025 को समाप्त होगी. ज्येष्ठ माह का शुभारंभ भी पहला बड़ा मंगल के साथ हुआ.
हनुमान चालीसा का पाठ करें
हनुमान जी की कृपा पाने के लिए भक्त ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार के दिन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करें, व्रत रखें और हनुमान चालीसा का पाठ करें. साथ ही बड़ा मंगल के दिन दान करना और भंडारा कराना भी बहुत पुण्यदायी माना जाता है.
बड़े मंगल को मुख्य परंपराएं और कार्य
इन दिनों भक्त हनुमान जी के वृद्ध या ‘बुढ़वा’ रूप की पूजा कर संकटों से मुक्ति और बल की कामना करते हैं. मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ होता है तथा जगह-जगह विशाल भंडारे (अन्नदान) आयोजित किए जाते हैं. इस दिन सिंदूर का चोला, लाल वस्त्र, चमेली का तेल, और बूंदी के लड्डू अर्पित किए जाने की परंपरा है.
क्यों खास है ज्येष्ठ का महीना?
राम-हनुमान मिलन: पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान श्रीराम और हनुमान जी की पहली बार मुलाकात हुई थी. मान्यता है कि इसी महीने में हनुमान जी को अमरता का वरदान प्राप्त हुआ था. महाभारत काल में इसी दिन हनुमान जी ने महाबली भीम का अभिमान तोड़ा था.
बड़े मंगल को इस तरह करें सूर्य देव की पूजा
ज्येष्ठ माह में आने वाले बड़े मंगल पर सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि हनुमान जी ने सूर्य देव को अपना गुरु मानकर विद्या सीखी थी। ऐसे में घर-परिवार में खुशियां बनाए रखने के लिए आप बड़े मंगल पर इस तरह सूर्य देव की उपासना कर सकते हैं –
- प्रातःकाल स्नान आदि के बाद तांबे के एक लोटे में शुद्ध जल लें और उसमें लाल कनेर का फूल या साबुत चावल (अक्षत) डालें.
- इस जल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें और हाथ जोड़कर उन्हें प्रणाम करें.
- मंगलवार के दिन सूर्यदेव को इस विधि से जल चढ़ाने से घर-परिवार में सुख-शांति आती है और खुशहाली बनी रहती है.
- हनुमान जी की कृपा पाने के लिए पहले बड़े मंगल (बुढ़वा मंगल) पर हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करें.
- यह उपाय हनुमान जी की कृपा पाने, सभी संकटों से रक्षा और मनोकामना पूर्ति के लिए बहुत प्रभावशाली माना गया है.
- इसके साथ ही हनुमान जी की पूजा में चोला अर्पित करना भी अत्यंत शुभ होता है, जिससे साधक को बजरंगबली की विशेष कृपा मिलती है.
लगाएं इन चीजों का भोग
बड़े मंगल की पूजा में हनुमान जी को भोग के रूप में बूंदी, गुड़-चना, बूंदी के लड्डू और मीठा पान आदि जरूर अर्पित करना चाहिए. इन चीजों का श्रद्धापूर्वक भोग लगाने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं, और अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेते हैं. साथ ही इससे मनोकामनाओं की भी पूर्ति होती है.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
