घर में लड्डू गोपाल है तो उनकी सेवा श्रद्धा के साथ करनी चाहिए. हालांकि लड्डू गोपल की सेवा करने से पहले कुछ जरूरी नियमों के बारे में जान लें, नहीं तो लड्डू गोपाल नाराज हो जाएंगे.
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By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Laddu Gopal Niyam: घर में लड्डू गोपाल है तो इन 10 बातों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. इन बातों को नजरअंदाज करने से लड्डू गोपाल नाराज हो जाते हैं, जिसके कारण भक्ति और सेवा का फल प्राप्त नहीं हो पाता है. लड्डू गोपाल श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप है, इसलिए बाल स्वरूप कृष्ण की देखभाल छोटे बच्चे की तरह करनी चाहिए.
लड्डू गोपाल के प्रति ऐसा रखें भाव
भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप यानी लडडू गोपाल जी के प्रति पूजा के समय ऐसा भाव रखें कि उनकी कृपा जल्दी प्राप्त हो. दरअसल लड्डू गोपाल जी की पूजा, संतान सुख, संतान के उत्तम भविष्य, घर में सुख-शांति, धन-धान्य की कामना से की जाती है. इसमें ऐसा भाव होता है कि लडडू गोपाल जी अब यह घर मेरा नहीं है, आपका है. आप ही इसके स्वामी, इसके पालक, इसके रक्षक सबकुछ हैं. जो होगा वह सब आपके आशीर्वाद से होगा. जो प्राप्त होगा वह आपका प्रसाद होगा. मैं अपने कर्म वैसे ही रखूंगा या रखूंगी जो कर्म शास्त्र सम्मत होगा. इस भाव से की लड्डू गोपाल से की गई पूजा फलदायी है.
लड्डू गोपाल श्रीकृष्ण की दैनिक दिनचर्या और सेवा
सुबह एक छोटे बच्चे की तरह उन्हें प्यार से ताली बजाकर या घंटी बजाकर जगाएं. जागने के बाद उन्हें सबसे पहले पानी या दूध का भोग लगाएं. प्रतिदिन लड्डू गोपाल को शंख में गंगाजल या साफ जल भरकर स्नान कराएं. मौसम के हिसाब से पानी का तापमान रखें (सर्दियों में गुनगुना पानी). स्नान के बाद चंदन लगाएं, सुंदर वस्त्र पहनाएं और आभूषणों से उनका श्रृंगार करें. जैसे बच्चों को समय-समय पर भूख लगती है, वैसे ही लड्डू गोपाल को दिन में कम से कम चार बार (सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता और रात का भोजन) सात्विक भोग लगाएं. उनके भोजन में तुलसी दल (पत्ता) जरूर रखें, क्योंकि बिना तुलसी के श्री कृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते. दोपहर और रात का शयन: दोपहर के समय और रात को सही समय पर लड्डू गोपाल को सुलाएं. रात को सुलाते समय उनके भारी आभूषण और मुकुट उतारकर हल्के सूती वस्त्र (नाइट ड्रेस) पहनाएं और प्यार से सुलाएं.
पूजन के समय इन बातों का रखे ख्याल
- लड्डू गोपाल को प्रतिदिन साफ और ताजे जल से स्नान कराएं. ऐसा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है.
- लड्डू गोपाल को प्रतिदिन मक्खन या मिश्री का भोग लगाना चाहिए. मक्खन और मिश्री कान्हा जी को काफी प्रिय होता है.
- प्रतिदिन लड्डू गोपाल की पूजा के बाद उन्हें साफ-सुथरे और सूती के वस्त्र पहनाना चाहिए. लड्डू गोपाल को गंदे कपड़े भूलकर भी नहीं पहनाएं.
- लड्डू गोपाल को पालने या चौकी पर रखना चाहिए. ताकि उनका ध्यान बालक के रूप में किया जा सके.
- घर में लड्डू गोपाल है तो कलह-क्लेश करने से बचें. उन्हें तेज आवाज पसंद नहीं है.
- प्रतिदिन लड्डू गोपाल को भोग लगाया जाए तो उसमें तुलसी के पत्ते जरूर चढ़ाएं. बिना तुलसी दल के प्रसाद चढ़ाने से भोग अधूरा माना जाता है.
- लड्डू गोपाल की पूजा करते समय मन शांत और शुद्ध होना बेहद जरूरी है. अशुद्ध या क्रोधित मन से उनकी पूजा नहीं करें.
- लड्डू गोपाल बाल स्वरूप हैं ऐसे में उनका ध्यान भी बच्चे की तरह रखना चाहिए. रात को सुलाते समय उन्हें चादर जरूर ओढ़ाएं.
- लड्डू गोपाल को जहां भी रखें वहां पर सुगंधित धूप-अगरबत्ती जरूर जलाएं. उन्हें पवित्र स्थान और सुगंध काफी प्रिय होता है.
- लड्डू गोपाल को परिवार के सदस्य की तरह ही प्यार और सेवा करें. उनका हमेशा ध्यान रखें.
आनंददायक हैं लड्डू गोपाल
मान्यता है कि लड्डू गोपाल भगवान आनंददायक हैं. इनकी पूजा करने से घर पर किसी वस्तु की कमी नहीं होती है. श्रद्धालुओं को सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है. माताएं अक्सर पूजा करते समय या फिर पूजा घर में लड्डू गोपाल की इच्छाओं के अनुरूप काम नहीं कर पाती हैं. ऐसे घरों में क्लेश होता है. ऐसी विघ्न-बाधाओं से बचने के लिए पूजा करने की विधि की जानकारी पण्डित-पुरोहित से जरूर ले लें.
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