भारतीय खिलाड़ी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए विशाल लक्ष्य दिया, लेकिन शाई होप ने अकेले बाजी पलट दी.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
IND vs WI 3rd ODI: भारत से वेस्टइंडीज कप्तान ने जीत छीनकर अपनी झोली में डाल ली. तीन वनडे मैचों की इस श्रंखला में शुरुआती 2 मैचों में मिली हार का बदला भी ले लिया और न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में खेले गए तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने भारत को 5 विकेट से हरा दिया. इससे पहले भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और पहली बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोने के बाद 351 रन बनाए. लेकिन जवाबी बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम ने इस लक्ष्य को 48.2 ओवर में ही अपने पाले में कर लिया. वेस्टइंडीज के लिए कप्तान शाई होप ने नाबाद 162 रन बनाए और अपनी टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया. वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का यह सबसे बड़ा रन चेज है. हलांकि यह मैच हारने के बाद भी भारत ने तीन मैचों की इस सीरीज में 2-1 से बढ़त बनाते हुए सिरीज विनर रही.
मैच जिताकर ही वापिस लौटे कप्तान
वेस्टइंडीज कप्तान शाई होप पारी की शुरुआत करने आए थे, लेकिन वे मैच जिताकर ही वापिस नाबाद लौटे. होप ने 143 गेंद में नाबाद 162 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 17 चौके और 3 छक्के लगाए. 352 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने मुख्य ओपनर के चोटिल होने के बाद भी शानदार शुरुआत की. मेन ओपनर ज्वेल एंड्रयू फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वह बैटिंग करने नहीं उतरे तो शाई होप पारी की शुरुआत करने पहुंचे. पिछले मैच में शतक लगाने वाले जॉन कैंपबेल 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, लेकिन शाई होप और आमिर जंगू ने भारतीय गेंदबाजों को जमकर धुनाई की. होप और आमिर ने दूसरे विकेट के लिए 109 रनों की साझेदारी की. आमिर जंगू 56 गेंद में 67 रन बनाकर आउट हुए. उनके बल्ले से 5 चौके और एक छक्का आया. फिर शरफेन रदरफोर्ड 25 गेंद में 24 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. 30 ओवर में 206 रनों पर तीन विकेट गिरे तो ऐसा लगा कि अब भारत मैच जीत सकता है. क्योंकि शाई होप के अलावा वेस्टइंडीज के पास कोई भी स्पेशलिस्ट बल्लेबाज बकाया नहीं था.
बॉलिंग ऑलराउंडर कीमो ने दिया कप्तान का साथ
बॉलिंग ऑलराउंडर कीमो पॉल ने कप्तान होप का अच्छा साथ दिया, और वेस्टइंडीज की उम्मीद बनाए रखी. पॉल ने 35 गेंद में पांच चौकों की मदद से 44 रन बनाए. इसके बाद मैथ्यू फॉर्ड भी सात रन बनाकर चलते बने. 44वें ओवर में 290 रनों पर पांच विकेट गिर गए. इस दौरान ऐसा लगा कि मैच अब पूरी तरह से वेस्टइंडीज के हाथ से निकल गया है. भारत की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन शाई होप ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते रहे और उन्होंने हार नहीं मानी. वह दूसरे छोर पर लगातार रन बनाते रहे. होप का गुडाकेश मोती ने भी अच्छा साथ दिया. दोनों ने फिर कोई विकेट नहीं गिरने दिया, और 10 गेंद में पहले वेस्टइंडीज को जीत दिला दी. मोती ने 14 गेंद में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाए. होप ने 143 गेंद में 162 रनों की पारी खेली. उन्होंने 17 चौके और तीन छक्के जड़े. दोनों नाबाद लौटे.
केएल राहुल ने भी खेली आतिशी पारी
भारत की तरफ से पहली बल्लेबाजी करने उतरी टीम का प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा. क्योंकि भारत की तरफ से केएल राहुल नाबाद 129 बनाए, इससे पहले ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 92 रनों की ताबड़तोड़ बैटिंग देखने को मिली. इसी क्रम में ऋतुराज गायकवाड़ ने भी 57 रनों की पारी खेली. इससे पहले शुभमन गिल 01 और विराट कोहली 00 पर आउट हो गए. फिर भी भारत ने 351 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया.
हार के तीन प्रमुख कारण
- 1-जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के बिना उतरी टीम इंडिया ने डेथ ओवरों में बहुत खराब गेंदबाजी की. आखिरी 5 ओवरों में वेस्टइंडीज को 56 रन बनाने थे. जब शाई होप जैसा सेट बल्लेबाज क्रीज पर हो, 30 गेंद में पचास से अधिक रन बनाना असंभव नहीं है. समस्या यह रही कि भारतीय गेंदबाजों ने 10 गेंद पहले ही मैच खत्म करवा दिया. ये 56 रन कैरेबियाई बल्लेबाजों ने 20 गेंदों में ही बना डाले.
- 2- तीसरे वनडे मैच में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 9 कैच टपकाए. इनमें से 3 कैच भारतीय फील्डरों ने भी छोड़े. जब आमिर जांगू 34 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन विराट कोहली उनका कैच छोड़ दिया. आगे चलकर आमिर ने 67 रन बनाए और शाई होप के साथ 109 रनों की साझेदारी की थी. चौथे ही ओवर में गुरनूर बराड़, जॉन कैंपबेल का कैच नहीं ले पाए थे. वहीं आमिर का 22 रन के स्कोर पर भी एक कैच छूटा था. खराब फील्डिंग भी टीम इंडिया की हार का एक बड़ा कारण बनी.
- 3- शुभमन गिल की खराब कप्तानी भी देखने को मिली. दरअसल नीतीश कुमार रेड्डी बतौर पांचवें गेंदबाज खेल रहे थे. नीतीश बहुत महंगे साबित हो रहे थे, ऐसे में कप्तान गिल को छठे गेंदबाजी विकल्प यानी नमन धीर का रुख करना पड़ा. आमतौर पर एक तरफ से अगर कप्तान को मजबूरन एक छोर से डिफेंसिव होना भी पड़ रहा हो, तो वह दूसरे छोर से अटैक करता है. मगर कप्तान गिल ने कई बार अपने पांचवें और छठे गेंदबाजी विकल्प, नीतीश और नमन से एकसाथ गेंदबाजी करवाई. जब गेंदबाजी में अटैक करना चाहिए था, तब गिल की यह डिफेंसिव कप्तानी टीम इंडिया पर भारी पड़ी.
भारतीय कप्तान ने किसे माना हार का जिम्मेदार?
मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने कहा, “मैं अपनी टीम के स्कोर से खुश था और मुकाबला हमारे नियंत्रण में भी था. मगर ड्यू के कारण 4 ओवर पीछे (स्लो-ओवर रेट) होना और फिर वो मुकाबला हमारे हाथ से छीन ले गए. अगर स्लो-ओवर रेट की पेनल्टी ना लगती तो मैच आखिरी ओवर तक जाता.”
डेथ बॉलिंग में सुधार की जरूरत
45वें ओवर तक वेस्टइंडीज ने 5 विकेट के नुकसान पर 296 रन बनाए थे. उसे 5 ओवरों में 56 रन बनाने थे और यहां एक विकेट वेस्टइंडीज के सारे मोमेंटम को तोड़ सकता था, लेकिन भारतीय गेंदबाज दबाव बना ही नहीं पाए. शुभमन गिल ने भी डेथ बॉलिंग में सुधार का जिक्र किया. गिल ने कहा, “कभी-कभी हमें पता नहीं होता कि हम डिफेंस कर रहे हैं या अटैक, खासतौर पर डेथ ओवरों के समय. “
भारत ने 2-1 से जीती सीरीज
खैर यह अच्छी बात रही कि हारने के बाद सीख मिलना भी जरूरी है, जिससे 2027 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को अपनी गलतियों का अहसास होगा. हलांकि भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है. वेस्टइंडीज का भारत के खिलाफ कोई वनडे सीरीज जीतने का इंतजार पिछले 20 साल से चला आ रहा है, जो इस बार भी समाप्त नहीं हो सका.
