कतार में रखे शवों को शाह ने दी श्रद्धांजलि, मोदी सऊदी से लौटे, गृहमंत्री अमित शाह ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
J&K Pahalgam Terror Attack : पहलगाम आतंकी हमले के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी है. इसके बाद वो आर्म्ड पुलिस अस्पताल भी पहुंचे हैं. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार की दोपहर आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया जिसमें दो विदेशी पर्यटकों समेत 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हो गए. हमले की जिम्मेदारी कश्मीर में आतंक का नया पर्याय बने लश्कर- ए-तैयबा के हिट स्क्वॉड द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है.
आतंकी हमले के बाद सरकार एक्शन में है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज पहलगाम में घटनास्थल का जायजा लेंगे. वहीं पीएम मोदी भी सऊदी अरब की यात्रा से भारत लौट आए हैं. संभावना है कि वह आज जम्मू-कश्मीर जाएं.
सुरक्षाबलों ने ढेर किए दो आतंकी
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबल अलर्ट मोड में हैं. उरी में घुसपैठ की कोशिश करने वाले 2 आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया है.
पहलगाम के जंगलों में चल रहा बड़ा ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय रायफल्स, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस पहलगाम के जंगलों में बड़ा ऑपरेशन चला रही है. आतंकियों की नापाक हरकत के बाद सुरक्षाबल मुंहतोड़ जवाब देने के मूड में हैं.
कहां से दाखिल हुए आतंकी, सामने आई रूट मैप की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक आतंकी कहां से दाखिल हुए, इसके रूट मैप की शुरुआती जानकारी सामने आई है. आतंकी पीर पंजाल की पहाड़ियों से होते हुए राजौरी से चत्रु और वधावन होते हुए पहलगाम तक पहुंचे. यह वह इलाका है, जहां पर बड़ी संख्या में गुज्जर बकरवाल की आबादी है.
आतंकियों का लगातार मिल रहा था इनपुट
सूत्रों के अनुसार, जम्मू कश्मीर में हालात के पूरी तरह सामान्य होने, आतंकियों के पारिस्थितिक तंत्र को लगभग नष्ट किए जाने के सरकारी दावों के बीच बीतेकुछ समय से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं. आतंकी न सिर्फ सुरक्षाबलों पर किसी जगह सनसनीखेज हमला करेंगे बल्कि वह पर्यटकों और अल्पसंख्यकों को भी निशाना बनाएंगे और वह यह हमला पर्यटन सीजन के जोर पकड़ने के साथ कर सकते हैं. इसके लिए संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को समय समय पर अलर्ट भी किया जा रहा था.
इसे देखते हुए विभिन्न वादी समेत पूरे प्रदेश में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया था और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों लगातार यही दोहरा रही थी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी श्रीनगर में एकीकृत मुख्यालय की बैठक में जम्मू कश्मीर के सुरक्षा परिदृश्य का जायजा लिया था. इसमें भी आतंकी हमलों की आशंका पर चर्चा हुर्ह थी और उसके बाद पूरे प्रदेश में एक व्यापक सुरक्षा आकलन हुआ और उसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई.
तो इसलिए पाकिस्तान ने कराया हमला?
लश्कर कमांडर मौलाना कसूरी ने गत फरवरी में गुलाम जम्मू कश्मीर में आतंकियों के एक बैठक में कहा था कि आने वाले दिनों में कश्मीर में उनकी जिहादी गतिविधियां तेज होंगी. गत दिनों पाकिस्तानी सेना के जनरल आसिम मुनीर ने भी कश्मीर को लेकर भड़काऊ बयान दिया है. इसलिए इस हमले को सिर्फ आतंकी हमले तक सीमित नहीं समझना चाहिए. यह हमला कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विवादित और हिंसाग्रस्त क्षेत्र के रूप में प्रचारित करने की पाकिस्तान की पुरानी रणनीति का एक हिस्सा है. विगत पांच वर्षों में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान पूरी तरह से बैकफुट पर है. आतंकियों का भी नेटवर्क लगभग नष्ट हो चुका है.
कश्मीर जिहाद के मुद्दे पर विरोध
पाकिस्तान और गुलाम जम्मू कश्मीर में भी अब कश्मीर जिहाद के मुद्दे पर उनका विरोध शुरू हो चुका है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर को अब शायद ही कोई खुलकर विवादित बताता है. यह हमला कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से विवादित बनाने का एक जरिया बनाने के लिए ही किया गया है.
पुलवामा का कांड के बाद पहला बड़ा आतंकी हमला
पहलगाम हमला वर्ष 2019 के पुलवामा कांड के बाद पहला बड़ा आतंकी हमला है। यह हमला उस समय हुआ, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर गए हैं. सऊदी अरब कभी कश्मीर में आजादी के नारे और कश्मीर पर पाकिस्तान का समर्थक रहा है.
इसके अलावा यह हमला अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भारत दौरे के समय हुआ है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के 20 मार्च 2000 को भारत दौरे के दौरान लश्कर ए तैयबा के आतंकी मुजम्मिल ने अपने साथियों संग मिलकर छत्तीसिंहपोरा में 35 सिखों का नरसंहार किया था. अमेरिका से ही कुछ समय पहले लश्कर आतंकी तहुव्वर राणा को भारत लाया गया है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री के सऊदी अरब में होने के समय यह हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के संदर्भ में सुर्खियां बटोरेगा. हमले में विदेशी पर्यटक भी मारे गए हैं. हमले से उपजे हालात पर अमेरिका कश्मीर को फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच का एक विवादित मुद्दा बता सकता है और यही पाकिस्तान व उसके एजेंट चाहते हैं.
इसके अलावा इस हमले में जिस तरह से आतंकियों ने सिर्फ पर्यटकों को,निशाना बनाया है, उससे पता चलता है कि वह इस नरसंहार के जरिए पूरे देश में सांप्रदायिक हिंसा भड़काना चाहते हैं. उन्होंने धर्म विशेष के आधार पर पर्यटकों को कत्ल किया है.

