पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है. पाकिस्तान ने पहले भारत के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Pakistan Installed Jammers: पाकिस्तान ने अपना एयर स्पेस बंद करने के बाद वहां जैमर लगा दिए हैं ताकि भारत के लड़ाकू विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें. नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी के बीच पाकिस्तान ने चीन में बने विमानरोधी मिसाइल सिस्टम की तैनाती बढ़ा दी है. पाकिस्तान ने चीन की एयर डिफेंस मिसाइल प्रणालियां तैनात की है. बता दें कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है. पहले पाकिस्तान ने भारत के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था. अब भारत ने भी बदले में पाकिस्तान के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है. इसी बीच पाकिस्तान ने एक बड़ा कदम उठाया है.
भारत ने पाकिस्तानी उड़ानों के लिए बंद किया हवाई मार्ग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के स्वामित्व वाली और संचालित उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को 23 मई तक बंद करने की घोषणा की. कुछ दिन पहले ही इस्लामाबाद ने भारतीय विमानन कंपनियों के स्वामित्व वाली और संचालित सभी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने का फैसला किया था. भारत ने इस संबंध में नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया है, जिसके तहत पाकिस्तानी विमानों को 23 मई तक भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है.
एचक्यू-9 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया था
पाकिस्तान ने चीन का बना एचक्यू-9 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया था ताकि भारतीय मिसाइलों और विमानों को रोका जा सके, लेकिन भारत ने इन सिस्टम्स को आसानी से जाम कर दिया और बिना रुकावट पाकिस्तान के अंदर तक हमला किया. इन सिस्टम्स की विफलता पर चीन में भी चर्चा हुई और कई चीनी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इसके लिए पाकिस्तान की कम ट्रेनिंग और खराब ऑपरेशन प्लानिंग को जिम्मेदार ठहराया.
चीन की पीएल-15 मिसाइल को अमेरिका की एआईएम-120डी जैसी आधुनिक मिसाइलों का मुकाबला करने वाली बताया गया था, लेकिन यह अपने लक्ष्यों को छू भी नहीं सकी. भारतीय अधिकारियों ने होशियारपुर में एक पीएल-15 मिसाइल का टुकड़ा बरामद किया, जो जमीन पर गिरा मिला था.
भारतीय हमलों को रोक पाने में असफल रहे
पाकिस्तान ने चीन के जे-10सी और जेएफ-17 ब्लॉक- III जैसे लड़ाकू विमानों को तैनात किया था, लेकिन ये भारतीय हमलों को रोक पाने में असफल रहे. इन जेट्स के पास पीएल-15 मिसाइलें थीं, फिर भी वे भारत की एयर स्ट्राइक को न तो रोक पाए और न ही कोई प्रभावशाली जवाब दे पाए.
पाकिस्तान चीनी तकनीक के सहारे भारत को रोकने की कोशिश
इस हार के बीच पाकिस्तान ने प्रोपेगैंडा फैलाते हुए दावा किया कि उसने भारत के कई विमान, जिनमें राफेल भी शामिल हैं, गिरा दिए, लेकिन इन दावों को कोई सबूत नहीं मिला, न ही किसी भारतीय विमान का मलबा पाकिस्तान दिखा सका. जहां पाकिस्तान चीनी तकनीक के सहारे भारत को रोकने की कोशिश कर रहा था, वहीं भारत ने अपनी स्वदेशी तकनीक और कुछ पश्चिमी रक्षा उपकरणों के सहारे न केवल खुद को बचाया, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा में गहरी सेंध लगाई.
दुश्मन की रक्षा में भी सेंध लगाने की ताकत रखती है रक्षा प्रणाली
प्रसिद्ध रक्षा विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने कहा, “भारत ने यह दिखा दिया कि आधुनिक रक्षा प्रणाली सिर्फ हमले रोकने के लिए नहीं, बल्कि दुश्मन की रक्षा में भी सेंध लगाने की ताकत रखती है. यह सब एक मजबूत रणनीति और सिस्टम के सही इस्तेमाल का नतीजा है.”
अब सबको पता चल चुका है कि चीन के बनाए हथियार और सिस्टम जमीनी हकीकत में फेल हो गए. पाकिस्तान की सुरक्षा में गंभीर खामियां सामने आईं. वहीं, भारत की तकनीक और रणनीति ने एक बार फिर खुद को सक्षम और भरोसेमंद साबित किया. बतौर हथियार निर्यातक देश चीन की साख पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
हथियारों की गुणवत्ता और उनका सही इस्तेमाल युद्ध में सबसे अहम
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने साबित कर दिया कि हथियारों की गुणवत्ता और उनका सही इस्तेमाल युद्ध में सबसे ज्यादा मायने रखते हैं और इसमें भारत ने बाजी मार ली. यह ऑपरेशन भारत के लिए एक बड़ी सफलता रही और इससे पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की तकनीक की कमजोरी खुलकर सामने आ गई.
