पाकिस्तान में पहलगाम हमले के बाद तनाव का माहौल है. भारत के संभावित हमले के डर से राष्ट्रपति ने 5 मई को नेशनल असेंबली की आपात बैठक बुलाई है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Pakistan News: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को इस बात का डर सता रहा है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है. इसको देखते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली की मीटिंग बुलाई है. ये बैठक 5 मई, 2025 को शाम 5 बजे इस्लामाबाद स्थिति संसद भवन में होगी. इस मीटिंग में सभी दल के नेता मौजूद रहेंगे. ये देखना दिलचस्प होगा कि संसद की इस बैठक इमरान खान की पार्टी PTI का क्या रुख रहता है. पीटीआई प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का समर्थन करती है या नहीं. हालांकि, जेल में बंद इमरान खान ने एक बयान में कहा था कि वह भारत के खिलाफ सरकार का साथ देंगे. इससे पहले सेना प्रमुख ने भी इमरान खान से मदद मांगने के लिए अपने चार जनरल को उनसे मुलाकात करने के लिए जेल भी भेजा था.
राष्ट्रपति की तरफ से बुलाई गई नेशनल असेंबली की विशेष बैठक
मीडिया रिपोर्ट के अनुवसार पाकिस्तान में इस तरह की आपात बैठकें तब बुलाई जाती हैं जब राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा महसूस हो. राष्ट्रपति की तरफ से बुलाई गई नेशनल असेंबली की इस विशेष बैठक में सभी दलों के नेता, सुरक्षा विशेषज्ञ और मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे. इस बैठक में कई जरूरी मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, जो खासकर मौजूदा स्थिति पर आधारित हो सकते हैं.
हालांकि कि पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने पहलगाम हमले के लेकर चिंता जताई है. मीर ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि, सभी निहत्थे पर्यटकों पर हुई गोलीबारी बेहद शर्मनाक और निंदनीय है. ऐसे कायराना हमलों की हर स्तर पर कड़ी निंदा होनी चाहिए.
हमला किसने किया और जवाबी कार्रवाई जरुरी
वहीं पाकिस्तान के एक और पत्रकार साइरल अलमिदा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके इस बात की चिंता जताई. कि अगर भारत जवाबी कार्रवाई करता है क्या हम उन्हे रोक पाएंगे? अलमिदा ने अपने पोस्ट में लिखा कि, अगर भारत यह तय कर ले कि हमला किसने किया और जवाबी कार्रवाई जरुरी है, तो क्या कोई उसे रोक पाएगा?अलमिदा ने यह पोस्ट पाकिस्तान में बढ़ते आशंकाओं को लेकर किया है कि क्या भारत पाकिस्तान पर जवाबी हमला कर सकता है?
भारत को चुकाना पड़ेगा खामियाजा
पहलगाम के बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर काफी हलचल है. जहां कई लोग इस बात से डरे हुए है कि कहीं भारत जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान पर हमला न कर दें. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जवाबी कार्रवाई करने पर भारत को खामियाजा चुकाने की धमकी दे रहें हैं.
वहीं भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि, मुझे यकीन है कि किसी भी तरह के भारतीय हमले को नाकाम करने के लिए इस्लामाबाद हर तरह से तैयार है. मुझे कोई शक नहीं है कि इस बार पाकिस्तान का जवाब मुंहतोड़ होगा.
‘हमें उपदेश न दे पाकिस्तान’
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा की छठी समिति में ‘राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन’ विषय पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान की टिप्पणियों के बाद भारत ने शुक्रवार को जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया. भारत की काउंसलर आर. मेथिली ने कहा, ‘अजीब विडंबना है कि ऐसे देश से कानून के शासन पर उपदेश सुनने को मिल रहे हैं, जिसका अपना रिकार्ड इसका मजाक बनाता है. जो देश अपने सैन्य शासकों को अपनी अदालतों के दायरे से बाहर रखता है, वह कानून के शासन पर उपदेश नहीं दे सकता.’
मेथिली ने कहा कि जिस शासन तंत्र में किसी भी निर्वाचित सरकार को कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया हो और एक पूर्व प्रधानमंत्री (इमरान खान) को मनमाने ढंग से जेल में डालकर, अपने ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के विपरीत, चिकित्सा से वंचित कर दिया गया हो, वह कानून के शासन का मजाक है.
उन्होंने पाकिस्तान पर एक लोकप्रिय पार्टी को चुनाव लड़ने से रोकने, सैन्य अदालतों के जरिये नागरिकों को सजा देने, सुप्रीम कोर्ट के जजों की आवाज दबाने और मानवाधिकारों का दमन करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने पाकिस्तानी सहयोगी से केवल एक बात कहूंगी- अपने लोगों की सुनिए.’
पूरे कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान दोनों दावा करते हैं
पूरे कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान दोनों दावा करते हैं, हालांकि इसके अलग-अलग हिस्से पर दोनों का शासन है. हमले के बाद भारत ने कई जवाबी क़दम उठाए हैं, जिनमें मुख्य बॉर्डर क्रासिंग अटारी को बंद करना, पाकिस्तान के साथ महत्वपूर्ण सिंधु जल संधि को निलंबित करना और कुछ राजनयिकों को निकालना शामिल है. इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘कड़ी कार्रवाई’ करने की बात कही है और वादा किया है कि सिर्फ़ हमलावरों पर ही नहीं, बल्कि भारतीय धरती पर इस ‘नापाक हरकत’ के पीछे के मास्टरमाइंड पर भी कार्रवाई होगी.
इस कार्रवाई को किस क़ीमत पर और कब अंजाम दिया जाएगा
विश्लेषक कहते हैं कि सवाल ये नहीं है कि सैन्य कार्रवाई होगी या नहीं, बल्कि सवाल ये है कि इस कार्रवाई को किस क़ीमत पर और कब अंजाम दिया जाएगा. सैन्य इतिहासकार श्रीनाथ राघवन ने बीबीसी को बताया, “हमें कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जो घरेलू जनता और पाकिस्तान के लोगों के लिए संदेश होगी. साल 2016 से ही ख़ास तौर पर 2019 के बाद, जवाबी कार्रवाई के रूप में सीमा पार सैन्य अभियान या हवाई हमले का तरीक़ा अपनाया गया.” उन्होंने कहा, “अब सरकार के लिए उससे कम कार्रवाई करना मुश्किल होगा. और पाकिस्तान इसका जवाब देगा, जैसा उसने पहले भी किया है. दोनों तरफ़ से ग़लत अनुमान का ख़तरा बना रहेगा जैसा हमेशा होता है.”
राघवन का इशारा, इससे पहले 2016 और 2019 में भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई की ओर है.
