पाकिस्तान से तनाव के बीच एक और कड़ा फैसला, एयरफोर्स चीफ PM से मिले, रक्षामंत्री राजनाथ बोले- देश जैसा चाहता है, वो होकर रहेगा
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
India blocks Chenab River Flow: भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965, 1971 और 1999 की जंग के बाद भी सिंधु जल समझौते को सस्पेंड नहीं किया था. लेकिन इस बार पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद रविवार को चिनाब नदी का पानी रोक दिया. जिससे पड़ोसी मुल्क की हालत खराब हो गई है. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू के रामबन में बने बागलिहार बांध से चिनाब का पानी रोका गया है. वहीं कश्मीर में किशनगंगा बांध के जरिए झेलम नदी का पानी रोकने की प्लानिंग चल रही है.
उधर एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक PM और एयरचीफ मार्शल के बीच पहलगाम हमले को लेकर बातचीत हुई.
पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल) को 12 दिन हो चुके हैं. पाकिस्तान से तनाव के बीच PM मोदी लगातार सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग कर रहे हैं, शनिवार को उन्होंने नेवी चीफ के साथ मीटिंग की थी.
उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि, रक्षा मंत्री के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि भारत पर बुरी नजर रखने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए. मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि आप (देशवासी) जो चाहते हैं वह निश्चित रूप से होगा.
बगलिहार बांध पर क्यों आमने-सामने हैं भारत-पाकिस्तान?
बगलिहार बांध दोनों पड़ोसियों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. पाकिस्तान इस मामले में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता की मांग कर चुका है. पाकिस्तान को किशनगंगा बांध को लेकर भी खासकर झेलम की सहायक नदी नीलम पर इसके प्रभाव के कारण आपत्ति है.
अब आपको यहां कि जियोग्राफी बताते हैं. चिनाब नदी हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बारलाचाला से निकलती है. हिमाचल में ये दो नदियों से मिलकर बनती है जिनके नाम हैं चंद्रा और भागा. हिमाचल से ये नदी फिर जम्मू-कश्मीर जाती है. इस नदी में पानी का काफी प्रवाह है और इसी नदी पर जम्मू-कश्मीर के रामबन में बगलिहार बांध प्रोजेक्ट बना है जिस पर पाकिस्तान को शुरू से ही ऐतराज रहा है. दरअसल भारत पश्चिमी नदियों में से एक चिनाब पर सिर्फ रन ऑफ द रिवर प्रोजेक्ट ही बना सकता है और बिजली उत्पादन के लिए जितना जरूरी हो उतना ही पानी रोक सकता है. भारत ने इसी हक का इस्तेमाल किया है. लेकिन पाकिस्तान को इस बांध के डिजाइन और भंडारण क्षमता पर ऐतराज रहा है. इस मामले में एक न्यूट्रल एक्सपर्ट ने डैम की ऊंचाई सिर्फ डेढ़ मीटर करते हुए बाकी फैसला भारत के पक्ष में सुनाया है.
दो दशक पुरानी संधि निलंबित
मीडिया में चल रही खबरों के आधार पर पता चला है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद दशकों पुरानी संधि को निलंबित करने का निर्णय लिया. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें अधिकतर पर्यटक थे. विश्व बैंक की मध्यस्थता से की गई सिंधु जल संधि ने 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के उपयोग को नियंत्रित किया है.
लंबे समय से विवाद में बगलिहार बांध
भारत पाकिस्तार के बीच का यह बगलिहार बांध दोनों पड़ोसियों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. पाकिस्तान इस मामले में विश्व बैंक की मध्यस्थता की मांग कर चुका है. पाकिस्तान को किशनगंगा बांध को लेकर भी खासकर झेलम की सहायक नदी नीलम पर इसके प्रभाव के कारण आपत्ति है. इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है.

