तिरंगा यात्रा के बाद आयोजित सभा में भाषण के दौरान बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति ने कहा यूनाइटेड नेशन से सीजफायर का आदेश नहीं आता तो पाकिस्तान खत्म कर दिया जाता. ऑपरेशन संदूर के मुद्दे पर बीजेपी के कई नेता बयानबाजी कर रहे हैं.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Narendra Prajapati On Ceasefire: मध्य प्रदेश रीवा के मनगवां से बीजेपी विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति का विवादित बयान सामने आया है. उन्होंने यूएन के आदेश के बाद सीजफायर का बयान देकर बीजेपी सरकार की किरकिरी करा दी है. उनका बयान सोशल मीडिया में बायरल हो रहा है और अनेक मीडिया संस्थानों ने भी उनके बयान को महत्व देकर प्रकाशित किया है. इससे पहले मोहन यादव सरकार में मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयान से एमपी में सियासी घमासान मचा हुआ है. अब विधायक ने सेना की कार्रवाई को पीएम मोदी का कार्यक्रम बता दिया.
दरअसल, तिरंगा यात्रा के बाद आयोजित सभा में भाषण के दौरान बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति ने कहा यूनाइटेड नेशन से सीजफायर का आदेश नहीं आता तो पाकिस्तान खत्म कर दिया जाता.
उन्होंने अपने भाषण के दौरान आगे कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो ये कार्यक्रम चल रहा था, पाकिस्तान खत्म कर दिया जाता अगर यूनाइटेड नेशन से सीजफायर का आदेश नहीं आता.”
सांसद की भी जुबान फिसल गई थी
ऑपरेशन संदूर के मुद्दे पर बीजेपी के कई नेता बयानबाजी कर रहे हैं. जिसमें एमपी मंडला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी शामिल हैं, उनकी जुबान भी मीडिया से बात करते समय फिसल गई थी और उनका जवाब प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था.
सफाई में क्या कहा?
भाजपा ने पहले कहा था कि भारत ने UN या किसी अन्य देश के दबाव में आकर यह फैसला नहीं लिया है, बल्कि, यह निर्णय भारत ने खुद किया है. अब विधायक नरेंद्र प्रजापति के इस बयान से उनकी ही सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. जब पत्रकारों ने इस पर प्रजापति से सवाल किया तब उन्होंने सफाई में कहा कि मैने यूएस की यूएन का उपयोग किया था. वह गलती से निकल गया था.
दबाव में फैसला नहीं करता- पीएम
तीन दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत किसी के दबाव में फैसला नहीं करता. उन्होंने कहा था कि भारत जवाब देना जानता है. अब कांग्रेस भाजपा नेताओं के बयानों पर हमलावर हो गई है. कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष कविता पांडे ने कहा कि भाजपा के विधायक ही सरकार की पोल खोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि इंदिरा होना आसान नहीं है, न ही पाकिस्तान को तोड़कर बांग्लादेश बना देना आसान है. उन्होंने विधायक को अपनी हैसियत में रहकर बयानबाजी करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सेना के शौर्य और पराक्रम पर प्रश्न चिन्ह लगाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
विवादित बयान पर पहले से घिरे हैं शाह और देवड़ा
दरअसल, हाल ही मे मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था. जिसके बाद देश भर में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ. विपक्षी दलों ने मंत्री शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके बाद मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में मंत्री को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी फटकार लगाई थी.
वहीं, मंत्री विजय शाह के बाद बीते दिन मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवडा के बयान से तूफान खड़ा हो गया. डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा था कि “पूरा देश सैनिक और जवान प्रधानमंत्री मोदी के चरणों मे नतमस्तक है.” हालांकि, बाद में उन्होंने बताया कि “मेरा कहने का तात्पर्य था कि पूरा देश सैनिकों के चरणों में नतमस्तक है.”
तीनों बयानों से भाजपा की छवि पर असर
तीनों नेताओं के बयानों ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की छवि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. जब केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उदार, प्रगतिशील और दृढ़ नेतृत्व वाली छवि को पेश करने की कोशिश कर रही है, ऐसे में इस तरह के बयान पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं.
हमलावर है विपक्षी दल
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इन बयानों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उनका कहना है कि भाजपा जानबूझकर समाज में ध्रुवीकरण और राष्ट्रवाद की अतिवादी परिभाषा को आगे बढ़ा रही है, जिससे चुनावी लाभ लिया जा सके.
