एमपी इंदौर से कटनी जा रही सिविल जज अभ्यर्थी अर्चना तिवारी, नर्मदा एक्सप्रेस में रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Woman Missing News in Indore: रक्षाबंधन के पर्व पर मध्य प्रदेश इंदौर से कटनी लौट रही युवती अर्चना तिवारी गुरुवार (7 अगस्त) रात्रि को नर्मदा पुल के पास से गायब हो गई. यह युवती नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रही थी. ट्रेन से रहस्यमय ढंग लापता होने पर जीआरपी, पुलिस सहित भोपाल, नर्मदापुरम् और कटनी की पुलिस तलाश में जुटी हुई है. लेकिन युवती का कहीं सुराग नहीं लग पा रहा है. जबकि ट्रेन के कटनी पहुंचने पर उनकी बर्थ पर राखी सहित बैग मिला है. लेकिन युवती लापता बताई जा रही है. अर्चना इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही थीं और रक्षाबंधन के मौके पर घर लौट रही थीं.
किस बर्थ पर सफर कर रही थी युवती?
अर्चना तिवारी नर्मदा एक्सप्रेस के बी-3 कोच में बर्थ नंबर 3 पर सफर कर रही थीं. कटनी पहुंचने पर परिजनों ने देखा कि उनकी बर्थ खाली थी, लेकिन उनका सामान और राखी वहीं मौजूद थी. परिजनों ने तुरंत जीआरपी कटनी को सूचना दी और रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. जीआरपी पुलिस की मानें तो अर्चना की अंतिम बातचीत उनकी मां से गुरुवार (7 अगस्त) रात 10:16 बजे हुई थी. इसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया. मोबाइल की आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन के पास दर्ज बताया जा रहा है.
सिविल जज की कर रही थी तैयारी
कटनी के मंगल नगर क्षेत्र की निवासी अर्चना लंबे समय से इंदौर में रहकर सिविल जज बनने की तैयारी कर रही थीं. रक्षाबंधन के दिन उन्हें लेने पूरा परिवार कटनी स्टेशन पहुंचा था. परिजनों का कहना है कि वह मानसिक रूप से बिल्कुल ठीक थीं और घर आने को लेकर उत्साहित भी थीं. ट्रेन से उतरने के बजाय इस तरह से लापता होना परिवार और पुलिस के लिए रहस्य बना हुआ है.
सहयात्रियों से भी पूछताछ
पुलिस ने उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सोशल मीडिया गतिविधि का विश्लेषण किया है. उसके नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों, जिनमें मित्र, सहपाठी और परिचित शामिल हैं, से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की जा रही है. ट्रेन टिकट चेकर, कोच अटेंडेंट और सहयात्रियों से भी पूछताछ की जा चुकी है.
पुलिस ने फिलहाल अपहरण की आशंका को खारिज कर दिया है. उनके अनुसार, उस रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण ट्रेन में काफी भीड़ थी. फिरौती की कोई कॉल नहीं आई है और न ही जबरन वसूली का कोई प्रयास किया गया है.
शादी से बचने का प्लान
शादी के दबाव से परेशान होकर अर्चना ने अपने दोस्तों सारांश और तेजिंदर सिंह के साथ मिलकर एक फिल्मी प्लान बना लिया. उसने सोचा कि ट्रेन से अचानक गायब हो जाने पर किसी को शक नहीं होगा, क्योंकि अक्सर ट्रेन से यात्री लापता हो जाते हैं और मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं.
योजना के मुताबिक, अर्चना ने ट्रेन में सफर किया और फिर तय लोकेशन पर पहुंचकर गायब हो गई. इसके बाद उसने नया फोन और नया सिम खरीदा ताकि कोई उसे ट्रेस न कर सके. अर्चना सीधा नेपाल के काठमांडू तक चली गई.
पुलिस की मेहनत रंग लाई
12 दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार पुलिस ने अर्चना को यूपी के लखीमपुर खीरी में नेपाल सीमा के पास से बरामद कर लिया. फिलहाल उसे पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया है.
भोपाल जीआरपी ने बताया कि अर्चना कटनी की रहने वाली है. वह एनएसयूआई की छात्र नेता रह चुकी है. जबलपुर में एडवोकेट की प्रैक्टिस करती थी. लगातार रिश्ते आ रहे थे, लेकिन उसने मना कर दिया. इसी बीच उसकी दोस्ती सारांश नाम के युवक से हुई. जनवरी से दोनों का कॉन्टैक्ट बढ़ा. परिवार ने जब एक पटवारी से रिश्ता तय किया और करियर छोड़कर सिर्फ शादी की बात कही तो अर्चना ने यह कदम उठाया.
आगे क्या होगा?
अर्चना को पुलिस ने बरामद कर लिया है और अब उससे पूछताछ हो रही है. उसके साथियों सारांश और तेजिंदर की भूमिका पर भी पुलिस जांच कर रही है. फिलहाल यह मामला केवल गुमशुदगी और मानसिक दबाव का लग रहा है, लेकिन अगर किसी तरह की कानूनी धारा लागू होती है तो कार्रवाई भी हो सकती है.
