दिल्ली के जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में पहुंच गए थे प्रदर्शनकारी, आरक्षण हटाने की मांग को लेकर किया जा रहा प्रदर्शन, पुलिस ने साफ कहा है कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी गई.
Source : MEDIA
Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Reservation Reform Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शनकारियों की भीड़ देखने को मिली. सोशल मीडिया से शुरू हुआ ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ जमीनी स्तर पर देखने को मिलने लगा. तभी अचानक दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाना प्रारंभ कर दिया. यहां बताना जरूरी है कि UGC के इक्विटी नियम और जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकजुट हो गए थे, तभी शुक्रवार को देर रात प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर दूर ले जाया गया. दरअसल, प्रदर्शनकारी मौजूदा जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और सरकारी योजनाओं में आर्थिक आधार को ज्यादा महत्व देने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे UGC और SC-ST से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी अपनी मांगें सरकार के सामने रखना चाहते हैं.
केन्द्रीय सुरक्षा बल और दिल्ली पुलिस ने दिखाई सख्ती
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बल सख्ती दिखाई है और प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल से हटाना शुरू कर दिया. पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है. मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने मीडिया पर अपनी बात साझा करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए जुटे थे. उनका कहना है कि वे आरक्षण व्यवस्था में सुधार और इसकी समीक्षा की मांग कर रहे हैं.
प्रदर्शन को खत्म करने पुलिस का एक्शन डरावना
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने के लिए जिस प्रकार से दिल्ली पुलिस एक्शन लिया है, उन तस्वीरों और सोशली मीडिया के वीडियो को देखें तो कई दृश्य डरावने हैं. मीडिया रिपोर्ट से भी पता चला है कि भारी संख्या दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान जंतर-मंतर के धरना स्थल पर पहुंचे और सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर हटाना शुरू कर दिया.
पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से किया इंकार
मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को ही साफ कर दिया था कि 21 अगस्त को आरक्षण सुधार के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं दी गई है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने का दावा करने वाले वीडियो को भी ‘झूठा और भ्रामक’ बताया था. इसके बावजूद शुक्रवार को प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे.
हालांकि बताया जा रहा है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाद में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दे दी थी.
सचिन शर्मा फिर चर्चा में
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं, वे जंतर मंतर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी. बताया जा रहा है कि पुलिस ने जंतर-मंतर पर पोस्टर लगाकर भी प्रदर्शनकारियों को सूचित किया है कि यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. वहीं, पुलिस ने 21 अगस्त को रामलीला मैदान में दोपहर 4.00 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए NOC दी है. हालांकि, रामलीला मैदान में प्रदर्शन भी संबंधित विभागों की पूर्व अनुमति और तय शर्तों के अधीन होगा.
जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स जोड़ने के लिए की गई वेल्डिंग
जंतर-मंतर के दोनों तरफ लगे बैरिकेड्स को जोड़ने के लिए वेल्डिंग कर दी गई है. बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स को आपस में जोड़कर मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, मल्टी लेवल बैरिकेडिंग भी की गई है. दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्सेस भी मौके पर तैनात है.
सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया निर्णय
यहां बताना जरूरी है कि पिछले दिनों सीजेपी ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था और इस दौरान प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन तक पहुंच गए थे. उसी घटना से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है.
किन मांगो को लेकर किया जा रहा प्रदर्शन
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़ी नीतियों में बदलाव किया जाए.
- जाति के आधार पर आरक्षण खत्म हो.
- जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा हो.
- उच्च शिक्षा संस्थानों और सरकारी नौकरियों में मेरिट के आधार पर सेलेक्शन हो.
- छात्रों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए.
- सरकारी फॉर्म और प्रोसेस में जाति आधारित पहचान को कम वेटेज मिले.
- समान अवसर और न्यूट्रल कंपीटिशन को बढ़ावा मिले.
- भारत में आरक्षण की शुरुआत कैसे हुई?
- आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ का प्रावधान लागू करें.
धारा 163 BNSS पहले से लागू
दिल्ली पुलिस का दावा है कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है. इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के जुलूस, प्रदर्शन और सभा पर रोक है. पुलिस ने लोगों से अपील की थी कि प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और उसे आगे न फैलाएं. पुलिस ने यह भी चेतावनी दी थी कि फर्जी खबर बनाने या फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
‘आर्थिक रूप से कमजोर’ को मिले मदद
कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी मदद से वंचित नहीं किया जा सकता है. लेकिन सहायता उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है. इसके लिए स्कॉलरशिप, फीस में मदद और कोचिंग जैसी सुविधाओं को आर्थिक जरूरत के आधार पर देने की बात कही गई.
