देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. पीएम मोदी ने इस दौरान Gen Z और जेन अल्फा के युवाओं को सौगात दी.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Independence Day 2026: लाल किले पर आज आजादी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने तिरंगा झंडा फहराया. इससे पहले पीएम मोदी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने 76 मिनट का भाषण दिया. उन्होंने इस अवसर पर Gen Z और जेन अल्फा का विशेष ख्याल रखा और इस अवर पर कई घोषणाएं भी कीं. पीएम ने कहा कि- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं. समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं. इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा और विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा.’ स्वतंत्रता दिवस का यह साल बेहद खास रहा, क्योंकि वंदे मातरम् के 150 साल पूरे हो गए हैं और लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाया गया.
इन घोषणाओं से युवाओं को रिझाने की कोशिश
- मोदी सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगी.
- गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं के लिए कई परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी.
- फॉर्च्यून 500 में आने वाले समय में 50 कंपनियां भारत की हों ये लक्ष्य हमारा होना चाहिए.
- दुनिया की टॉप 5 बैंक में भारत की एक बैंक होनी चाहिए.
- हमारे कंसलटिंग अकाउंटिंग फर्म्स दुनिया में टॉप पर होनी चाहिए.
- मोदी बोले- योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा
- भारत के पास आस्था के केंद्र हो, आयुर्वेद हो, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हील इन का मूवमेंट हो, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्में, गेमिंग, क्रिएटिव वर्ल्ड हो, वीएफएक्स, एनिमेंशन, डिजिटल कंटेंट हो.
- हमें ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरजे, ग्रीन मोबालिटी, ग्रीन मैन्यूफैक्चरिंग इन ग्लोबल स्केल को पाकर रहना है.
- देश के सीमलेस फास्ट कनेक्टिविटी को बढ़ाना होगा. शहरों को मेट्रो से जोड़ना होगा. हमारे पोर्ट्स को पोर्ट लैंड डेवलपमेंट की दिशा में आगे बढ़ना होगा.
- आज जमाना डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम का है. इमर्जिंग टेक्नोलॉजी भी हमें चुनौती दे रही हैं.
- हमें इनोवशन का हब बनना है. भारत की डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाना है. हमें इसके लिए प्रयास करने चाहिए.
- फूड प्रोडक्शन प्रोसेसिंग में ग्लोबल मार्केट में पहचान बनानी है.
लाल किले पर फहराया तिरंगा
पीएम मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया है. 13वीं बार ध्वजारोहण करके पीएम मोदी ने रिकॉर्ड बना दिया है. ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर गनर्स की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई. स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से सुसज्जित इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली. उस समय भारतीय वायु सेना के दो MI-17 हेलीकॉप्टर ने फूलों की बारिश की.
गाया गया वंदे मातरम
भारत के राष्ट्रीय गीत वंदा मातरम को 150 साल पूरे हो गए हैं. इस खास मौके पर पहली बार लाल किले से वंदे मातरम का गायन किया गया. लालकिले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम’ की आकृति भी बनाई गई, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के अलावा ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों समेत कुल 2,500 लड़के और लड़कियों ने हिस्सा लिया.
पहले अर्बन नक्सल कहा, फिर मांगें स्वीकार कीं- जयराम रमेश
पीएम मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि दो-तीन साल पहले प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक विरोधियों को अर्बन नक्सल कहते थे. उस समय संसद में सवाल पूछा गया था कि अर्बन नक्सल की परिभाषा क्या है. जयराम रमेश ने कहा कि गृह मंत्री की ओर से जवाब दिया गया था कि अर्बन नक्सल कोई चीज नहीं है और इसकी कोई परिभाषा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब प्रधानमंत्री लाल किले से अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए दिमागी नक्सल जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.
जयराम रमेश ने कहा कि जिन मुद्दों को प्रधानमंत्री की सोच में अर्बन नक्सल से जोड़ा जाता था, बाद में सरकार ने उन्हीं मांगों को स्वीकार किया. उन्होंने जातिगत जनगणना का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जातिगत जनगणना की मांग को अर्बन नक्सल सोच बताया गया, लेकिन करीब एक साल पहले सरकार ने जाति आधारित जनगणना की घोषणा की.
वंदे मातरम् पर भी जयराम रमेश ने रखी कांग्रेस की बात
जयराम रमेश ने वंदे मातरम् को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 1937 में कलकत्ता में 28 अक्टूबर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई थी. उनके मुताबिक गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने सलाह दी थी कि कांग्रेस की बैठकों में वंदे मातरम् की शुरुआती कुछ पंक्तियों का गायन किया जाए.
राहुल गांधी नहीं पहुंचे लाल किला
पीएम मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान के बीच राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक समारोह में शामिल नहीं होने को लेकर भी सियासत तेज हो गई है. लाल किले पर आयोजित समारोह में सभी प्रमुख केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे. इनमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल रहे. इसके अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा तथा शक्तिकांत दास भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
राहुल गांधी का नजरिया दिमागी नक्सल इकोसिस्टम जैसा-BJP
राहुल गांधी के समारोह में नहीं पहुंचने पर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने तीखा हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई देशभक्त नेता प्रतिपक्ष या सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह स्वेच्छा से आधिकारिक समारोह से अनुपस्थित रह सकता है? बीजेपी ने दावा किया कि यह लगातार दूसरा साल है, जब राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लाल किले पर आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए.
NEET प्रदर्शन में भी कई अर्बन नक्सल थे- गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी दिमागी नक्सल और अर्बन नक्सल को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि NEET के दौरान हुए प्रदर्शन में भी कई अर्बन नक्सल मौजूद थे. उन्होंने दावा किया कि यही लोग नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दौरान भी सक्रिय थे. गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ऐसे लोग देश के विकास के सबसे बड़े विरोधी हैं.

