MP Liquor Ban: एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को इस नदी के किनारे बसे धार्मिक शहरों और उसके आसपास मांस और शराब के सेवन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिए.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट| Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Meat-Liquor Ban: नर्मदा नदी राज्य के लोगों के लिए भक्ति, आस्था और श्रद्धा का केंद्र है. नर्मदा दुनिया की एकमात्र नदी है, जिसकी परिक्रमा श्रद्धालु करते हैं. प्रदेश के लोगों की आस्था का ध्यान रखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने नर्मदा नदी के किनारे स्थित शहरों और धार्मिक स्थलों के आसपास मांस और शराब के सेवन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिये. इस हफ्ते कैबिनेट की बैठक में मोहन यादव ने कहा कि अनूपपुर जिले के अमरकंटक को पर्यावरण संरक्षण के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. नर्मदा नदी के किनारे बसे धार्मिक शहरों और स्थानों में मांस और शराब का सेवन न हो, यह सुनिश्चित होना चाहिए.
अधिकारियों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक करने के निर्देश
बता दें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मांस-मछली की दुकान हटाने के साथ ही यूपी की तर्ज में धार्मिक स्थलों में लगे लाउड स्पीकर का वॉल्यूम निर्धारित डेसीमीटर के अनुरूप रखने के निर्देश भी दिए हैं, जिसको लेकर कल कलेक्टर अवि प्रसाद ने अधिकारियों और धर्मगुरुओं की बैठक बुलाई है, जिसमें सभी प्रकार के निर्णय लेने की बात हो सकती है.
मुख्यमंत्री के आदेश पर उज्जैन से शुरू हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शपथ ली और सबसे पहले खुले में मांस-मटन-मछली बेचने पर प्रतिबंध लगाते हुए कार्रवाई के आदेश पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने शाम को आदेश जारी किया और उनके गृह नगर उज्जैन मे निगम की टीम ने तीन दुकानों पर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने ताले लगा दिए. ये आदेश मुख्यमंत्री ने शाम 7 बजे जारी किए थे और उसके बाद नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया. नगर निगम के उपायुक्त और स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी संजेश गुप्ता टीम के साथ सबसे पहले मुनि नगर के दो तालाब स्थित लकी चिकन एवं मटन सेंटर पर पहुंचे यहां उन्होंने ताला लगाकर दुकान सील कर दी. इसके बाद वार्ड क्रमांक 6 में मोहन नगर क्षेत्र में दुकान पर ताला लगा दिया. वहीं, वार्ड क्रमांक 25 में हाजी चिकन एवं मटन सेंटर पर ताला लगाने के लिए टीम गई लेकिन वहां दुकान पहले से ही बंद थी और ताला लगा था, इसलिए नगर निगम का कर्मचारी को खड़ा कर दिया जैसे ही दुकान खुलेगी उसे पर कार्रवाई कर दी जाएगी.
रिमूवल गैंग बैठक में बुलाई गई
उपायुक्त गुप्ता ने बताया मुख्यमंत्री के आदेश के परिपालन में यह कार्रवाई की गई है और शहर के सभी स्वास्थ्य विभाग के दरोगा नगर निगम की रिमूवल गैंग की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक के बाद नगर निगम द्वारा एलान कराया जाएगा और सभी लोगों को समझाइश दी जाएगी की कोई भी खुले में मांस मटन मछली ना बेचें ऐसा करने वालों पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भी नगरीय निकायों से अनुमति प्राप्त की जाए. नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड, पर्यटन सहित शासकीय भवन निर्माण में संलग्न सभी एजेंसियां बिल्डिंग परमिशन लें और निर्माण में बिल्डिंग लाइन, ओपन स्पेस, पार्किंग आदि का अनिवार्य ध्यान रखें. टीडीआर व टीओडी के क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि रहवासियों को सुविधा प्राप्त हो और शहरों की बेहतर प्लानिंग भी सुनिश्चित की जा सके.
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने जानकारी दी कि स्मार्ट सिटी मिशन 1.0, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा है. इसके साथ ही अमृत 1.0, स्वच्छ भारत मिशन 1.0 और डे-एनयूएलएम में प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. प्रजेंटेशन में शहरी अधोसंरचना विकास के लिए जारी पूंजीगत योजनाओं जैसे कायाकल्प, मास्टर प्लान सड़क, स्मार्ट सिटी, यूनिटी मॉल आदि कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया.
सांस्कृतिक और धार्मिक अखंडता को बनाए रखने पर जोर
सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि नर्मदा नदी के किनारे 21 जिले, 68 तहसील, 1,138 गांव और 1,126 घाट हैं. साथ ही 430 प्राचीन शिव मंदिर और दो शक्तिपीठ भी हैं. मंत्रिमंडल की बैठक में मोहन यादव ने नर्मदा नदी की सांस्कृतिक और धार्मिक अखंडता को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है. उन्होंने राज्य प्रशासन को आदेश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि नदी के पवित्र स्थलों के पास कोई भी मांस और शराब की बिक्री न हो.
नर्मदा नदी नहीं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत है- सीएम
सीएम ने कहा कि नर्मदा सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि हमारे राज्य की सांस्कृतिक विरासत है. इसकी पवित्रता को बनाए रखा जाना चाहिए और हम इसे सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाएंगे. उन्होंने कहा कि इसे एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन गतिविधि बनाने के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिक्रमा पथ विकसित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाना चाहिए. परिक्रमा पथ पर स्थानों को चिह्नित करके स्थानीय पंचायतों और समितियों के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास की गतिविधियां शुरू की जानी चाहिए.
होमस्टे विकसित करके भोजन का प्रबंध करने के निर्देश
उन्होंने कहा कि स्यंव सहायता समूहों और स्थानीय युवाओं को नदी की परिक्रमा करने वाले लोगों के लिए भोजन आदि की व्यवस्था के साथ होमस्टे विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
