बिहार सरकार के PWD मंत्री नितिन नबीन कायस्थ समाज से आते हैं. बांकीपुर सीट से इस बार 5वीं बार विधायक बने हैं. 45 साल की BJP का 45 वर्ष की आयु का अध्यक्ष मिला.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
BJP President Nitin Nabin: BJP ने एक बार फिर नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सबको चौंका दिया है. 5 बार के विधायक और बिहार सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में उनके पास जनता के बीच लंबे समय से कार्य करने का अनुभव है. साल 1980 में जन्मे नितिन नबीन बीजेपी के अब तक के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष होंगे. बीजेपी का गठन भी 1980 में ही हुआ था. ऐसे में 45 साल की बीजेपी को 45 साल का अध्यक्ष मिल गया है. इस नियुक्ति से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगे.
शाह का रिकॉर्ड तोड़ेंगे नितिन नबीन
अमित शाह का जन्म अक्टूबर 1964 में हुआ था और शाह जुलाई 2014 में बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए थे. ऐसे में उनकी उम्र की गणना की जाए तो अमित शाह 49 साल 9 महीने की उम्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. वहीं बिहार के नितिन नवीन महज 45 साल की उम्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह का भी रिकॉर्ड तोड़ेंगे.
नितिन नबीन से संगठन को और मिलेगी मजबूती!
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. उन्होंने आगे यह भी बताया कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी. उन्होंने जेपी नड्डा की जगह ली है. बहरहाल पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक स्तर पर बेहद ही अहम कदम माना जा रहा है. बीजेपी को पूरा भरोसा है कि नितिन नबीन की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी.
कौन हैं नितिन नबीन?
नितिन नबीन बिहार के पथ निर्माण और नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री के तौर पर अभी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बिहार में 5 बार के विधायक और राज्य सरकार में मंत्री के रूप में उनके पास जनता के बीच लंबे वक्त से काम करने का अनुभव है. नितिन नबीन 2 बार BJP के राष्ट्रीय युवा मोर्चा के महामंत्री भी रहे हैं.
अध्यक्ष बनने के बाद क्या बोले नितिन नबीन?
बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि यह केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा है, धन्यवाद करता हूं. उन्होंने आगे कहा कि हमारे केंद्रीय नेतृत्व में पीएम मोदी, जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा राजनाथ सिंह सबके अनुभव के साथ आगे काम करूंगा.
नितिन नबीन ने आगे कहा कि इन नेताओं के अनुभव का लाभ लेकर पार्टी को आगे बढ़ाएंगे. साथ ही कहा कि आज ही इस बड़ी जम्मेदारी को संभालने जा रहा हूं, निश्चित रूप पर बेहतर करूंगा.
लंबे समय तक खाली रहा पद
बीजेपी के इतिहास में यह पहला मौक़ा है, जब किसी अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इतने लंबे समय तक नया अध्यक्ष नहीं चुना गया हो. ऐसे में बीजेपी पर कई बार यह सवाल उठाया गया है कि देश की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली पार्टी अपना अध्यक्ष तक नहीं चुन पा रही है. हालाँकि नितिन नबीन के नाम ने भी कई लोगों को चौंकाया है. नितिन नबीन का जन्म 23 मई 1980 को हुआ था, यानी उनकी उम्र फ़िलहाल महज़ 45 साल है. ऐसे में यह भी सवाल किए जा रहे हैं कि एक युवा नेता अध्यक्ष के तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपनी भूमिका किस तरह निभाएँगे.
क्या उम्र बन सकती है चुनौती?
बीजेपी के संविधान के मुताबिक़ पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष वही व्यक्ति हो सकता है, जो कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सदस्य रहा हो और इस लिहाज से नितिन नबीन को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाने में कोई परेशानी नहीं है. बीजेपी सांसद और बिहार राज्य बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “आप उम्र की बात कर रहे हैं, लेकिन नितिन नबीन पाँच बार के विधायक हैं. वो छत्तीसगढ़ के प्रभारी थे, जहाँ बीजेपी ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज कर सरकार बनाई है.”
उन्होंने कहा, “बीजेपी अध्यक्षीय प्रणाली पर चलती है. जो अध्यक्ष बन जाता है, उसके पीछे सारे नेता कार्यकर्ता खड़े होते हैं.” संजय जायसवाल मानते हैं कि नितिन नबीन का बिहार के एक-एक बीजेपी कार्यकर्ता से संपर्क है. ऐसा पहली बार है कि बिहार से किसी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, जो बिहार बीजेपी के लिए गर्व की बात है. हाल के समय में देखा गया है कि बीजेपी ने कई ऐसे चेहरों को बड़ी ज़िम्मेदारी दी है, जिनकी चर्चा आमतौर पर नहीं रही है.
