अमेरिकी एनर्जी सेफ्टी और मजबूत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 10 अरब डॉलर का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है. अडानी ने लिखा था, ‘अगर धरती पर कोई एक व्यक्ति है जो अटूट दृढ़ता, अटल धैर्य, निरंतर दृढ़ संकल्प और अपने विश्वासों के प्रति सच्चे रहने के साहस का प्रतीक है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Adani Group USA Investment: भारत देश के कारोबारी गौतम अडानी अपने अडानी समूह के जरिए अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया है. गौतम अडानी ने अमेरिका में एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा क्षेत्रों) में 10 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताने वाला एक पोस्ट किया है.
X पर एक पोस्ट के जरिए किया ऐलान
गौतम अडानी ने X पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को बधाई देते हुए लिखा कि…”डोनाल्ड ट्रंप को बधाई…जैसे-जैसे भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी और गहरी होती जा रही है. अडानी समूह अपनी वैश्विक विशेषज्ञता का फायदा उठाने और अमेरिकी एनर्जी सेफ्टी और मजबूत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 10 अरब डॉलर का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा लक्ष्य इसके जरिये 15,000 नौकरियों के मौके पैदा करने का है.
ट्रंप की जीत पर दृढ़ संकल्प और विश्वास व साहस का प्रतीक बताया
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों में ट्रंप की जीत को ऐलान होने के बाद अडानी ने उन्हें जीत की बधाई दी थी. अडानी ने लिखा था, ‘अगर धरती पर कोई एक व्यक्ति है जो अटूट दृढ़ता, अटल धैर्य, निरंतर दृढ़ संकल्प और अपने विश्वासों के प्रति सच्चे रहने के साहस का प्रतीक है, तो वह डोनाल्ड ट्रंप हैं. यह देखना आकर्षक है कि अमेरिका का लोकतंत्र अपने लोगों को सशक्त बनाता है और देश के संस्थापक सिद्धांतों को कायम रखता है। 47वें निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई.’ मुकेश अंबानी के बाद अडानी एशिया के दूसरे बड़े रईस हैं. ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 89.3 अरब डॉलर है.
भारत और अमेरिका के कारोबारी रिश्तों को प्रगाढ़ करने की पहल
गौतम अडानी की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पोस्ट के बाद साफ है कि भारत और अमेरिका के गहरे कारोबारी रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए अडानी समूह ने अपने कदम बढ़ा लिए हैं. हालांकि उन्होंने अमेरिका में शुरू की जाने वाली परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी लेकिन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करके ये साफ किया है कि भारत का इस क्षेत्र में लगातार निवेश के जरिए द्विपक्षीय सहयोग का वादा निभाया जाएगा.
अडानी कितना दे रहे सरकार को टैक्स?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रत्यक्ष कर (Direct Taxes) ₹28,720 करोड़ है. ₹45,407 करोड़ (यह वह टैक्स और शुल्क है जो समूह ने ग्राहकों या आपूर्तिकर्ताओं से एकत्र करके सरकार को चुकाए), ₹818 करोड़ जैसे- कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा भुगतान किया जा रहा है. यह राशि पिछले वित्त वर्ष (2023-24 में चुकाए गए ₹58,104 करोड़) की तुलना में लगभग 29% अधिक है.
अडानी ग्रुप का इन चीजों और क्षेत्रों में व्यापार
- – गुजरात के मुद्रा पोर्ट सहित देश-विदेश में कई बंदरगाहों का संचालन.
- – बिजली का उत्पादन, पारेषण (Transmission), कोयला खनन, और ग्रीन/रिन्यूएबल एनर्जी (अडानी ग्रीन एनर्जी).
- – देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों (जैसे अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर आदि) का संचालन और आधुनिकीकरण.
- – सीएनजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कारोबार (अडानी टोटल गैस).
- – फॉर्च्यून (Fortune) ब्रांड के तहत खाद्य तेल, आटा, चावल और दालें (अडानी विलमर के माध्यम से).
- -अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट के माध्यम से सीमेंट निर्माण.
- – डिफेंस और एयरोस्पेस, डेटा सेंटर, रियल एस्टेट, मीडिया और सड़कें.
अडानी पर कितना है कर्ज?
- – ग्रुप का लगभग आधा कर्ज भारतीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिया गया है, जबकि बाकी का हिस्सा विदेशी बैंकों और बॉन्ड के माध्यम से है.
- -अडानी समूह ने साल 2030 तक अपने बही-खाते पर कुल ऋण को घटाकर 1 लाख करोड़ रुपये तक लाने का लक्ष्य तय किया है.
- – ग्रुप समय-समय पर पुराने कर्ज चुकाने और ब्याज का बोझ कम करने के लिए नए लोन या रिफाइनेंसिंग का सहारा लेता रहता है.
यूनाइटेड स्टेट्स में अडानी ग्रुप को बड़ी कानूनी राहत
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सोमवार को भारतीय अरबपति गौतम अडानी के खिलाफ क्रिमिनल फ्रॉड के आरोपों को खारिज कर दिया, साथ ही उनकी एक कंपनी से जुड़े ईरान बैन के उल्लंघन के कथित मामलों को भी सुलझा लिया, जिससे यूनाइटेड स्टेट्स में अडानी ग्रुप को बड़ी कानूनी राहत मिली.
कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, US जस्टिस डिपार्टमेंट ने अडानी और उनके साथियों पर भारत के सबसे बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट से जुड़ी रिश्वतखोरी स्कीम में शामिल होने के क्रिमिनल आरोप हटाने की मांग की थी.
