कुवैत के शेख साद अल अब्दुल्ला इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भारत के PM नरेंद्र मोदी के लिए “हला मोदी” कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसमें PM मोदी ने भारतीय लोगों को संबोधित किया.
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
What is ‘Hala Modi’ Event: “ख़ुश-आमदीद वो आया हमारी चौखट पर, बहार जिस के क़दम का तवाफ़ करती है.” यह शायरी किसी के आने पर उसके स्वागत में लिखी गई है. यहां ख़ुश-आमदीद शब्द का अर्थ है स्वागत, ऐसा स्वागत जो किसी बड़े के आने पर किया जाता है. अरबी शब्दों को टटोलने पर पता चलता है कि स्वागत के लिए हला शब्द का भी इस्तेमाल किया जाता है.
भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुवैत में एक विशेष ‘हला मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों की एक सभा को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने भारत-कुवैत संबंधों को बढ़ावा देने में उनके महत्वपूर्ण योगदान और महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की. प्रधानमंत्री जी ने भारत की उपलब्धियों और विकास की गति को साझा किया और सभी को आगामी महाकुंभ 2025 और प्रवासी भारतीय दिवस में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया.
शेख साद अल अब्दुल्ला इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नाम रखा गया था “हला मोदी”. हालांकि, इसे लेकर काफी कंफ्यूजन की स्थिति रही. कुछ लोगों ने इसे हला मोदी कहा तो किसी ने हाला मोदी कहा. यहां हम आपको बताएंगे आखिर सही शब्द क्या है, इसके क्या मायने हैं.
पहले हला का अर्थ जान लें
अरबी में हला शब्द का इस्तेमाल स्वागत यानी वेलकम के लिए किया जाता है. अरबी में इसे अहलान कहते हैं, लेकिन स्थानीय लोग, खास तौर पर ओमान, यमन और कुवैत में बस हला कहते हैं. हला की जगह कई लोग ख़ुश-आमदीद शब्द भी इस्तेमाल करते हैं.
अब हाला का अर्थ समझ लें
अरबी में ‘हाला’ शब्द का अर्थ है, “चंद्रमा के चारों ओर प्रकाश की आभा”. यह एक अरबी महिला का नाम है. ‘हाला’ एक लिंग-तटस्थ नाम भी है, जिसका अर्थ है, “चांद के चारों ओर प्रभामंडल”. आसान शब्दों में कहें तो यह चांद या सूरज के इर्द गिर्द पड़ने वाला घेरा या फिर वह घेरा जो मोमबत्ती या किसी और प्रकाश के चारों ओर महसूस होता है, भी हो सकता है. यह नाम मिस्र, सूडान और सऊदी अरब में प्रचलित है.
हला औरहाला में क्या है सही और क्या हैं इसके मायने?
हला और हाला में सही क्या है, इसके लिए आपको हला के मूल शब्द पर जाना होगा. जैसा कि हमने ऊपर बताया कि अरबी में सही शब्द अहलान है, जिसका इस्तेमाल किसी के स्वागत के लिए किया जाता है. कई लोग इसे हैलो के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. इसे समझने के लिए आपको थोड़ा फ्लैशबैक में जाना होगा. इसी साल फरवरी में जब पीएम मोदी ने यूएई का दौरा किया था तब उनके लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसे ‘अहलान मोदी’ का नाम दिया गया था. यह पीएम मोदी के स्वागत के लिए था.
भारत और कुवैत के लिए एक साथ काम करने के बहुत सारे अवसर
प्रधानमंत्री ने भारत के विश्वबंधु, यानि दुनिया का मित्र, दृष्टिकोण को रेखांकित किया. उन्होंने भारत की तीव्र प्रगति और परिवर्तन, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और सतत विकास, के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के अलावा, भारत फिनटेक में वैश्विक अग्रणी देश है, स्टार्ट-अप क्षेत्र में तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक शक्ति है और दुनिया भर में सबसे अधिक डिजिटल रूप से जुड़े समाजों में से एक है. उन्होंने वित्तीय समावेश, महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और समावेशी विकास जैसी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. विकसित भारत और नए कुवैत की दोनों देशों की साझा आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हुए, उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और कुवैत के लिए एक साथ काम करने के बहुत सारे अवसर हैं. भारत की कौशल क्षमता और नवाचार दोनों देशों के बीच नई साझेदारी को बढ़ावा दे सकते हैं.
43 साल बाद किसी भारतीय पीएम का दौरा
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि इंदिरा गांधी (1981) के बाद, यह पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की कुवैत की पहली आधिकारिक यात्रा थी. इस मेगा इवेंट में कुवैत में रह रहे विभिन्न क्षेत्रों के हजारों भारतीय नागरिकों ने हिस्सा लिया और पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया.
