12 अप्रैल का दिन हिंदू पंचाग के अनुसार बहुत खास माना जा रहा है. इस दिन पांच ग्रह एक साथ होने के कारण शुभ योग का निर्माण हो रहा है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
12 April 2025 Shubh Yog: हिंदू पंचांग (Panchang) के अनुसार 12 अप्रैल, 2025 शनिवार का दिन बहुत खास है. इस दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इस दिन को हनुमान जयंती के नाम से भी जाना जाता है. हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जयंती मनाई जाती है. साल 2025 में 12 अप्रैल को दोपहर 3.21 मिनट पर इस तिथि की शुरूआत होगी, जिसका समापन 13 अप्रैल सुबह 5.51 मिनट पर होगा. शनिवार का दिन शनि पूजा और हनुमान जी की उपासना के लिए बहुत शुभ माना गया है.
क्यों खास है 12 अप्रैल का दिन?
12 अप्रैल, शनिवार के दिन मीन राशि में पंचग्रही योग का निर्माण हो रहा है. इस दिन मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि और राहु का संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में पंचग्रही योग कहा जाता है. यह योग अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और जब यह किसी शुभ तिथि, जैसे कि हनुमान जन्मोत्सव, पर पड़ता है, तो उसका प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है.
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार 12 अप्रैल 2025, शनिवार के दिन पूरे दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी. इस दिन शाम 06:08 तक हस्त नक्षत्र फिर चित्रा नक्षत्र रहेगा. आज ग्रहों से बनने वाले वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, बुधादित्य योग, व्याघात योग का साथ मिलेगा. अगर आपकी राशि मिथुन, कन्या, धनु, मीन राशि है तो मालव्य योग का लाभ मिलेगा.
चन्द्रमा कन्या राशि में रहेंगे वहीं चन्द्रमा – केतु का ग्रहण दोष रहेगा. वहीं आज के दिन शुभ कार्य के लिए शुभ समय नोट कीजिए आज दो समय है. दोपहर 12:15 से 01:30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त एवं दोपहर 02:30 से 03:30 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया रहेगा. वहीं सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा.
पूजा, उपासना, मंत्र और पाठ करने से अलग-अलग फल मिलते हैं
हनुमान जी कलियुग में भी साक्षात भगवान बताए गए हैं। इसीलिए कहा जाता है कि उनकी पूजा, उपासना, मंत्र और पाठ करने से अलग-अलग फल मिलते हैं और कष्ट दूर होते हैं.
हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय है हनुमान चालीसा का पाठ. माना जाता है कि हनुमान चालिसा का पाठ करने वाले भक्त को कोई बंधक नहीं बना सकता है और उस पर जेल जाने की नौबत नहीं आती है. मान्यता है कि गलती होने पर जेल हो जाने की स्थिति में दोषी व्यक्ति अगर 108 बार “हनुमान चालीसा” का पाठ करे और यह संकल्प करे कि वह भविष्य में कभी बुरे काम नहीं करेगा, तो हनुमान जी की कृपा होने पर उसका संकट दूर हो जाता है. जेल से उसे मुक्ति मिल जाती है.
हनुमान जी का एक पाठ उनके भक्तों को उनके शत्रुओं से मुक्ति दिलाता है और शत्रुओं को दंडित भी करने में मदद करता है. कहा जाता है कि एकाग्रचित होकर 21 दिन तक विधि-विधान से “बजरंग बाण” का पाठ करने से व्यक्ति को उसके शत्रुओं से मुक्ति मिलती है अथवा शत्रुओं को उनके किए गए गलत कर्मो का दंड मिल जाता है. हालांकि बजरंगबली ऎसे ही भक्तों की मदद करते हैं जो बुराई से दूर रहकर सत्य की राह पर चलते हैं.
हनुमान जी की उपासना से निरोगी काया का आशीर्वाद भी मिलता है. इसके लिए सबसे सटीक पाठ है “हनुमान बाहुक” का. विधान है कि शुद्ध जल का बर्तन सामने रखकर 26 अथवा 21 (मुहूर्त के मुताबिक) दिनों तक प्रतिदिन करने से कंठ रोग, गठिया, वात, जोड़ों का दर्द जैसे रोगों से मुक्ति मिल जाती है. ध्यान रखें कि शुद्ध जल को प्रतिदिन पाठ के बाद पी लें और रोजाना पात्र को शुद्ध जल से भरें.
अगर आत्मविश्वास घट रहा हो, परिस्थितियां विपरीत हों, काम नहीं बन रहा हो, तो ऎसे समय में “सुंदरकाण्ड” सबसे अचूक उपाय है. मान्यता है कि सुंदरकांड अध्याय में हनुमान जी कि विजयगाथा है और इस तरीके से इसका पाठ करने वाला व्यक्ति आत्मविश्वास से भर जाता है.
कई लोगों को बचपन से भूत-प्रेत और अंधेरे से डर लगता है, ऎसे लोगों के लिए हनुमान जी का एक मंत्र चमत्कारिक बदलाव करता है. हनुमान जी का यह मंत्र है “हं हनुमंते नम:” इस मंत्र का जाप सोने से पहले किया जाना चाहिए. मंत्र जाप से पूर्व शरीर को साफ पानी से धो लेना चाहिए. इस मंत्र के नियमित जाप से भय अपने आप दूर भागने लगता है और व्यक्ति निर्भिक बन जाता है.
घर में सुख-शांति का संचार करने के लिए भी हनुमान जी का एक उपाय किया जा सकता है. शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में गुड़-चने का प्रसाद चढ़ाएं. रोजाना घर में हनुमान चालीसा का पाठ करें. 21 दिन के बाद मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ाएं.
हनुमान जी का साबर मंत्र एक ऎसा मंत्र है जो भक्त को सीधे उसकी पीड़ा उन तक पहुंचाता है और शीघ्र समाधान होता है. ध्यान रहे कि इस मंत्र का प्रयोग वही लोग करें जो खान-पान की अशुद्धता और अन्य बुराईयों से परे हों. हनुमान जी के शाबर मंत्र के कई प्रकार हैं जो अलग-अलग कार्यो के लिए हैं. इसलिए मंत्र और विधि-विधान किसी जानकार से पूछ कर ही शुरू करें.
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हनुमान जो को इष्ट मानने वाले भक्तों को रोजाना उनकी पूजा-उपासना और पाठ करना चाहिए. अगर किसी कारणवश उन्हें समय नहीं मिलता हो, तो हनुमान जी के एक मंत्र का जाप 11 बार करना चाहिए. यह मंत्र है “ऊं हनुमते नम:” इस मंत्र के जाप से पाठ नहीं करने की कमी भी पूरी हो जाती है. साथ ही बिगड़े काम भी बनने लगते हैं.
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