मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारत के दौरे पर हैं. इसी बीच मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पीएम मोदी से मुलाकात की.
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Muizzu India Visit: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारत के दौरे पर हैं. इसी बीच मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पीएम मोदी से मुलाकात की है. उनकी मुलाकात हैदराबाद हाउस में हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा का हवाला देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत मालदीव के साथ अपने रिश्ते और मज़बूत करना चाहता है. दरअसल विक्रम मिसरी ने ये टिप्पणी उस सवाल के जवाब में की थी, जिसमें मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के नज़दीकी रिश्तेदार और धार्मिक संगठन सलफ़ जमीअत के अध्यक्ष अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई एक कथित टिप्पणी का ज़िक्र था.
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव में हनीमाधू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया. इस दौरान मालदीव में RuPay कार्ड से भुगतान की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू इस तरह के पहले लेनदेन के गवाह बने.
PM मोदी ने जारी किया बयान
PM मोदी ने कहा, “भारत और मालदीव के संबंध सदियों पुराने हैं. भारत मालदीव का सबसे करीबी पड़ोसी और घनिष्ठ मित्र देश है. हमारी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और सागर विजन में मालदीव का महत्वपूर्ण स्थान है.”
पीएम मोदी को कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी बताया गया था
इस पोस्ट में पीएम मोदी को कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी बताया गया था. हालांकि बाद में उन्होंने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था.
इसके अलावा मालदीव में कई एक्स अकाउंट ने पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर मालदीव का दौरा करने को लेकर सवाल उठाए थे. अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद की कथित पोस्ट पर के बारे में सवाल पूछने पर विक्रम मिसरी ने कहा, ”भारत और मालदीव ने पहले भी इस तरह की टिप्पणियों की कोई परवाह नहीं की है.” “आज मालदीव और भारत के रिश्तों की जो स्थिति है, वह ख़ासतौर पर पिछले नौ-दस महीनों के दौरान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू की भारत का यात्रा का नतीजा है. इसे देखते हुए निश्चित तौर पर भारत और मालदीव के रिश्ते का भविष्य अच्छा है.”
भारत और मालदीव के संबंधों में तनाव था
ये घटना उन कई हालिया घटनाओं में से एक है, जो 2023 में राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू के सत्ता में आने के बाद भारत और मालदीव के संबंधों में तनाव की वजह बनी थी. मुइज़्ज़ू को पहले राष्ट्रपतियों की तुलना में ज़्यादा चीन समर्थक माना जाता रहा है. ये रिश्ते 2023 में तब बिगड़ गए थे, जब मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने “इंडिया आउट” अभियान की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति चुने गए थे. इस कैंपेन का उनकी जीत में अहम योगदान माना जाता है.
इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव तब और बढ़ा जब मुइज़्ज़ू सरकार के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट किए. इसके बाद भारतीय पर्यटकों ने मालदीव न जाने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया था. मालदीव भारतीय पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. यहां सबसे ज़्यादा चीन और भारत के पर्यटक जाते रहे हैं. पर्यटन मालदीव की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता है.
चुनाव जीतने के बाद शुरुआत के महीनों में मुइज़्ज़ू भारत को लेकर बहुत आक्रामक थे और चीन से संबंध गहरे करने की बात कर रहे थे. मुइज़्ज़ू ने पिछले साल 13 जनवरी को चीन का दौरा किया था और इस दौरे के बाद भारत का बिना नाम लिए निशाना साधा था.
मालदीव भले छोटा देश है लेकिन इससे किसी को धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता
मुइज़्ज़ू ने भारत का नाम लिए बिना कहा था, ”मालदीव भले छोटा देश है लेकिन इससे किसी को हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है.” उन्होंने अपने से पहले की सरकार में मालदीव के आंतरिक मामलों में भारत पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया था. लेकिन मालदीव कई तरह के आर्थिक संकट से जूझ रहा था और इस संकट से निकलने में भारत की मदद मिलने के बाद मुइज़्ज़ू की आक्रामकता कम होती गई. भारत ने मालदीव को क़र्ज़ चुकाने की मियाद बढ़ा दी थी और करेंसी स्वैप भी किया था.
