इजरायल ने पिछले कुछ हफ्तों के भीतर 500 से ज्यादा हवाई हमले किए हैं, जिनमें सीरियाई नौसेना पर भी हमले शामिल हैं. सीरिया के अलेप्पो के दक्षिण में रक्षा कारखानों पर इजरायली हमले के दौरान 7 बड़े विस्फोट सुने गए. हालांकि, इन हमलों में किसी के हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली है.
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Israel Strike Syria: इजरायल ने गुरुवार (2 जनवरी) की रात सीरिया के अलेप्पो शहर के दक्षिणी इलाके में स्थित सीरियाई सेना के ठिकानों पर बमबारी की. सीरियाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली सेना ने अल-सफीरा शहर के पास स्थित रक्षा सुविधा और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाया. यह हमले सीरिया के अंदर इजरायल की ओर से किए जा रहे ताजा हवाई हमलों का हिस्सा हैं, जो बशर अल-असद की सत्ता के गिरने के बाद तेजी से बढ़े हैं.
सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया के अलेप्पो के दक्षिण में रक्षा कारखानों पर इजरायली हमले के दौरान 7 बड़े विस्फोट सुने गए. हालांकि, इन हमलों में किसी के हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली है. AFP ने अल-सफीरा क्षेत्र के एक निवासी के हवाले से बताया कि ये हमले इतने जोरदार थे कि जमीन हिल गई और घरों के दरवाजे और खिड़कियां खुल गईं.
सीरिया पर लगातार हवाई हमले
हमले की भयावहता का जिक्र करते हुए एक स्थानीय निवासी ने बताया, “यह अब तक का सबसे जोरदार हमला था, जिसने रात को दिन में बदल दिया.” पिछले महीने की शुरुआत में इस्लामिक विद्रोहियों द्वारा बशर अल-असद की सत्ता को गिराने के बाद से इजरायल ने सीरिया पर लगातार हवाई हमले शुरू कर दिए थे.
क्यों शुरु हुआ इजरायल और सीरिया में विवाद
मीडिया में चल रहीं खबरों के अनुसार इजराइल और सीरिया में विवाद ड्रूज समुदाय को लेकर है, जिस पर सीरिया की सरकार अपना राज चाहती है और इजरायल उस समुदाय को अपनी तरफ करने के लिए सीरिया से उनकी रक्षा करने का वादा निभा रहा है. इजरायल ने सीरिया के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया है, जिसे वह इजरायल की सुरक्षा और ड्रूज समुदाय की रक्षा के लिए जरूरी बता रहा है. 11 फरवरी को इजरायल की सेना ने ऐलान किया था कि इजरायली रक्षा बल (IDF) सीरिया में पूरा साल कार्रवाई करते रहेंगे. इसके बाद 23 फरवरी को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी सीरिया (कुनैत्रा, दारा और सुवेदा प्रांतों) से सीरियाई सेना की वापसी की मांग की. 25 फरवरी को इजरायल की सेना दक्षिणी सीरिया में घुसी. वहीं इजरायल की सेना ने दमिश्क में एयर स्ट्राइक की.
रक्षा कारखानों पर किया जा रहा हमला
विदेशी मीडिया सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि अलेप्पो के दक्षिण में रक्षा कारखानों पर इजरायली हमले के परिणामस्वरूप कम से कम 7 बड़े विस्फोट सुने गए. हमलों में किसी के हताहत होने की कोई तत्काल जानकारी नहीं है. एएफपी ने अल-सफीरा क्षेत्र के एक निवासी के हवाले से बताया कि इजरायल ने रक्षा कारखानों पर हमला किया. हमले बहुत जोरदार थे. इससे जमीन हिल गई, दरवाजे और खिड़कियां खुल गईं.
बम गिरते ही रात में हो गई दिन जैसी रोशनी
निवासी ने एएफपी को बताया, ‘मैंने अब तक का सबसे जोरदार हमला सुना. इसने रात को दिन में बदल दिया.’ दिसम्बर की शुरुआत में इस्लामिक विद्रोहियों ने असद की सत्ता को उखाड़ फेंका था. पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को भागकर रूस में शरण लेनी पड़ी है. दमिश्क पर विद्रोहियों के कब्जे के बाद से ही इजरायल ने सीरिया पर हमले शुरू कर दिए थे.
शुरुआती कुछ दिनों के भीतर ही इजरायली सेना ने 500 से ज्यादा हवाई हमले किए थे, जिसमें सीरियाई नौसेना पर भी हमले शामिल थे. हवाई हमलों के अलावा इजरायली सेना ने 1974 में गोलान हाइट्स के पास बने सीरियाई क्षेत्र में बने बफर जोन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था. कुछ रिपोर्टों में इजरायली सेना के दमिश्क से 20 किलोमीटर की दूरी पर देखे जाने की बात कही गई थी.
घटनास्थल की ओर जाने वाले सभी रास्ते किए बंद
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलेप्पो की आंतरिक सुरक्षा कमान ने घटनास्थल की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है. वहीं, अलेप्पो के हमदानीया इलाके के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि उन्होंने एक बहुत बड़ा धमाका सुना और छत पर जाने पर दूर तक ऊंची लपटें नजर आ रही थीं. फिलहाल अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
