करवा चौथ 2026 पर चंद्रमा निकलने का समय कई शहरों में अलग-अलग बताया गया है. पंचाग के अनुसार चंद्रमा निकलने का समय रात 8 बजकर 17 मिनट पर है, कई शहरों में समय का बदलाव देखने को मिल सकता है.
Source : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा
Written By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: करवा चौथ का पावन पर्व आज गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा. वैदिक रीति-रिवाज से मनाया जाने वाला यह पर्व हर व्रतधारी महिला के लिए महत्वपूर्ण होता है. लिहाला महिलाओं के मन में केवल यही सवाल रहता है कि आखिरकार करवा चौथ पर चांद निकलने की शुभ घड़ी कब जाएगी? यदि आप भी चांद देखने की शुभ घड़ी का इंतजार कर रहे हैं तो यहां हिंदू पंचाग की गणना के अनुसार चंद्रमा निकलने का शुभ समय बताने जा रहे हैं. चांद रात 8 बजकर 17 मिनट पर निकलेगा, मगर कई शहरों में चांद निकलने के समय में थोड़ा बदलाव भी देखने को मिल सकता है.
रात 8:17 मिनट पर है चंद्रमा निकलने का समय
हिंदू पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ का यह त्योहार हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस साल यह चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को 1 बजकर 06 मिनट पर शुरू हो रही है और 29 अक्टूबर को रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगी. वहीं पूजा करने का समय गुरुवार को शाम 05:38 बजे से शुरू होकर शाम 06:56 बजे तक रहेगा.
करवा चौथ व्रत- 29 अक्टूबर, दिन गुरुवार
चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 29 अक्टूबर, रात 1:06 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त- 29 अक्टूबर, रात 10:09 बजे
मौसम के जानकारों के अनुसार बताया जा रहा है कि इस साल बारिश और तूफान के चलते कई जगहों पर बादल छाने, बारिश होने या मौसम में बदलाव की संभावना है. इसके चलते कहीं-कहीं चंद्रमा के दर्शन के लिए इंतजार भी करना पड़ सकता है.
करवा चौथ पर पूजन सामग्री पहले से कर लें एकत्रित
अक्सर देखा गया है कि कई व्रतधारी महिलाएं करवा चौथ के दिन थाली सजाते समय कोई न कोई पूजन सामग्री की कमी बनी ही रहती है. कभी रोली की डिब्बी दिखाई नहीं पड़ती है तो कभी याद आता है कि दीपक की बाती कमरे में छूट गई है. करवा और छलनी खरीदने के बाद भी पूजा का छोटा से छोटा सामान छूट ही जाता है. ऐसे में तैयारी का आसान तरीका है कि शाम की पूजा, चंद्रमा को अर्घ्य और बायने का सामान पहले ही अलग रख लें. थाली में रोली, अक्षत, फूल, दीपक, घी, बाती और मिठाई पहले सही रख लें. करवा, जल का पात्र और परिवार की परंपरा में इस्तेमाल होने वाली दूसरी सामग्री भी पहले से जुटा लें.
पूजा के लिए क्या-क्या सामान चाहिए?
- पूजा का स्थान तैयार करने के लिए साफ चौकी और कपड़ा.
- पूजा-पद्धति के अनुसार शिव-पार्वती, गणेश जी या करवा चौथ का पूजन चित्र.
- पूजन के लिए करवा और उसका ढक्कन.
- पूजा की थाली और छोटी कटोरियां.
- रोली या कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन- तिलक
- मौली या कलावा.
- फूल और माला
- दीपक, घी और रूई की बाती
- धूप या अगरबत्ती
- भोग के लिए फल और मिठाई.
- चंद्र अर्घ्य के लिए साफ जल और लोटा.
- व्रत कथा की पुस्तक.
- पान, सुपारी, नारियल, गेहूं या चावल, सींकें, आटे की लोई.
- पारिवारिक रीति के अनुसार विशेष पकवान भी रखे जाते हैं.
चंद्रमा को अर्घ्य देने का सामान अलग रखें
शाम की पूजा के बाद चंद्रदर्शन के लिए जाते समय जरूरी सामान ढूंढना न पड़े, इसलिए एक छोटी थाली अलग तैयार कर लें. उसमें ये चीजें रखी जा सकती हैं:
- – साफ जल से भरा लोटा या करवा.
- – दीपक और उसे जलाने का सामान.
- – परिवार की परंपरा के अनुसार फूल, अक्षत और मिठाई.
- – छलनी, यदि आपके घर में उससे चंद्रदर्शन की रीति है.
कई घरों में छलनी से चांद और पति का चेहरा देखने की परंपरा निभाई जाती है. हालांकि, पूजा की स्थानीय रीति अलग हो सकती है.
करवे में जल भरें या अनाज?
करवे में जल या अनाज भरने के अलावा कई प्रकार की सामग्री भरने की परंपरा है. हलांकि इस सवाल का जवाब हर परिवार में एक जैसा नहीं मिलेगा. कुछ घरों में जल से भरा करवा रखा जाता है, जबकि कुछ परंपराओं में अनाज और ढक्कन पर मिठाई या दूसरी सामग्री रखने की रीति है. कहीं एक करवा इस्तेमाल होता है तो कहीं दो. इसलिए करवे की संख्या और उसमें रखी जाने वाली सामग्री घर की पूजा-पद्धति के अनुसार तय करें. पहली बार व्रत रख रही हैं तो खरीदारी से पहले यह बात पूछ लेना ही सार्थक रहेगा.
बायना और श्रृंगार का सामान की तैयारी कैसे करें?
कई परिवारों में सास या घर की बड़ी महिला को बायना देने की परंपरा है. इसमें मिठाई, फल, पकवान, वस्त्र, सुहाग सामग्री और दक्षिणा रखी जाती है. इसकी सामग्री परिवार की रीति और अपनी सुविधा के अनुसार तय करें. अपनी बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी और आभूषण पूजा सामग्री से अलग रखें. सरगी की परंपरा वाले घरों में सुबह के भोजन की तैयारी भी रात को कर लेने से आखिरी समय की भागदौड़ कम होगी.
करवा चौथ पर कहां, कब दिखेगा चांद?
करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026 को चंद्रोदय का समय हर शहर में एक जैसा नहीं होता है. हिंदू पंचांग की संबंधित शहरों के लिए की गई गणना के अनुसार अनुमानित समय इस प्रकार है-
- जबलपुर- रात 8:16 बजे
- भोपाल- रात 8:26 बजे
- इंदौर- रात 8:34 बजे
- लखनऊ- रात 8:06 बजे
- नोएडा- रात 8:16 बजे
- नई दिल्ली- रात 8:17 बजे
- कोलकाता- रात 7:47 बजे
- पटना- रात 7:52 बजे
- जयपुर- रात 8:28 बजे
- मुंबई- रात 9:00 बजे
- गया- रात 7:51 बजे
- दरभंगा- रात 7:46 बजे
सोलह श्रृंगार में कौन-कौन सी चीजें आती हैं?
सोलह श्रंगार की सूची में महावर, इत्र, गजरा जैसे श्रंगार शामिल रहते हैं. दरअसल, सोलह श्रृंगार की कोई एक सूची नहीं होती है, अपितु स्थानीय परंपराओं के अनुसार श्रंगार की चीजें बदल जाती हैं. इस लिस्ट में ये चीजें शामिल रहती हैं-
- बिंदी: माथे पर लगाई जाने वाली बिंदी या कुमकुम
- सिंदूर: मांग में लगाया जाने वाला सिंदूर
- मांग: टीका मांग और माथे का आभूषण
- काजल: आंखों का श्रृंगार
- नथ: नाक का आभूषण
- कर्णफूल: कानों के झुमके या बालियां
- हार या मंगलसूत्र: परंपरा के अनुसार गले का आभूषण
- मेहंदी: हाथों और पैरों पर रचाई जाने वाली मेहंदी
- चूड़ियां: कलाइयों का श्रृंगार
- बाजूबंद: बांह पर पहना जाने वाला आभूषण
- अंगूठी: हाथ की उंगलियों का आभूषण
- कमरबंद: कमर पर पहना जाने वाला आभूषण
- पायल: पैरों का आभूषण
- बिछिया: पैर की उंगलियों में पहना जाने वाला आभूषण
- गजरा: फूलों से बालों की सजावट
- इत्र: सुगंध के लिए इस्तेमाल होने वाला प्रसाधन
यह एक प्रचलित सूची है. परिवार और क्षेत्र के अनुसार इसमें अंतर मिल सकता है.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
