नंदी महाराज को भोलेनाथ का परम भक्त कहा जाता है. अक्सर लोग नंदी जी के कान में अपनी विश को कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं किस कान में कहने से पूरी होती है मनोकामना.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Nandi Bhagwan: भगवान शिव के परम भक्त और सारथी के रूप में नंदी को माना गया है. ऐसी मान्यता है कि नंदी जी के कान में कहने से सीधे बात शिव जी तक पहुंचती है. इसीलिए लोग नंदी महाराज के बाएं कान में अपनी इच्छा जताते हैं. नंदी महाराज को भगवान शिव का परम भक्त कहा जाता है. जिस मंदिर में शिव जी की मूर्ति होती है उनके साथ नंदी भगवान जरुर होते हैं क्योंकि उनकी पूजा भी शिव जी के साथ की जाती है. नंदी महाराज शिव जी की सवारी भी है. ऐसा माना गया है नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहने से विश जल्द ही पूरी हो जाती है.
नंदी, भगवान शिव के गणों में से भी एक हैं. महादेव के साथ-साथ नंदी जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मत है कि भगवान शिव अधिकतर अपनी तपस्या में ही लीन रहते हैं. ऐसे में उन तक अपनी इच्छा पहुचाने के लिए नंदी जी का सहारा लिया जाता है.
कैसे करें पूजन
- शिव मंदिर में पूजा करते समय मौन व्रत रखना चाहिए. इसके बाद उनकी पूजा करनी चाहिए. इसके बाद नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कहें और दाहिने को बंद कर दें.
- नंदी महाराज से अपनी इच्छा कहने से पहले ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. ऐसा करने से शिव जी अपने भक्तों की मनोकामना शीर्घ पूर्ण कर देते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना कहते समय इस बात का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए, कि आपके द्वारा कही गई बात कोई और न सुन रहा हो, इसलिए अपनी बात कहते समय आपको अपना मुंह भी ढक लेना चाहिए. मनोकामना कहने के बाद नंदी जी को कुछ भेंट जैसे – फल, प्रसाद या धन आदि अर्पित करना चाहिए. अंत में कहें कि ‘नंदी महाराज हमारी मनोकामना पूरी कीजिए.’
बांए कान में ही क्यों कहें इच्छा
नंदी महाराज के बाएं कान में अपने मनोकामना को कहें और शिव जी तक आपकी बात जरुर पहुंचेगी. नंदी जी के कान में ऐसा इच्छा कहनी चाहिए, जिसका पूरा होना संभव हो. इसी के साथ किसी के अहित से जुड़ी इच्छा भी नंदी जी के कान में नहीं कहनी चाहिए.
नंदी महाराज के कान में मनोकामना कहने की विधि और नियम
सही कान: नंदी जी के हमेशा बाएं (left) कान में ही अपनी मनोकामना कहनी चाहिए.
दायां कान बंद करें: अपनी इच्छा कहते समय नंदी का दायां कान अपने दाहिने हाथ से बंद कर लें.
मुंह को ढकें: बोलते समय अपना मुंह भी अपने हाथों से ढक लें, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आपकी बात न सुन सके.
मंत्र का जाप: मनोकामना कहने से पहले और बाद में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का उच्चारण अवश्य करें.
सात्विकता: मन में किसी का बुरा सोचने या गलत इच्छा रखने के बजाय सच्चे मन से अपनी प्रार्थना कहें.
नंदी महाराज के सामने ऐसी रखें श्रद्धा
मनोकामना को रखें गुप्त- अगर आप चाहते हैं कि भोलेनाथ आप पर अपनी कृपा बनाए रखें और मनोकामना पूरी करें तो अपनी इच्छा केवल नंदी महाराज को बताएं, किसी और के सामने न बोलें.
भोलेनाथ का ध्यान करें- नंदी महाराज केवल भोलेनाथ के वाहन ही नहीं, बल्कि उनके परम भक्त भी हैं. उनके कान में अपनी इच्छा व्यक्त करने के बाद “ॐ नमः शिवाय”* या “हर हर महादेव” का जप करें.
आभार प्रकट करें- नंदी महाराज और भगवान शिव का आभार प्रकट और मन में विश्वास बनाए रखें कि आपकी इच्छा पूर्ण होगी. ऐसा करने से भोलेनाथ भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं.
सच्चे दिल से प्रार्थना- अगर आप चाहते हैं कि आपकी मनोकामना पूरी हो तो सच्चे मन से नंदी महाराज के कान में अपनी कामना कहें और धर्म व सत्य का मार्ग अपनाएं.
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