जम्मू-कश्मीर की धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर. जल्द शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा, बर्फ पर चलने के लिए हाे जाएं तैयार’
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ बाबा बर्फानी के दर्शन की तारीख निश्चित हो गई है. यह देशभर के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है. 2026 अमरनाथ यात्रा के लिए पहले से ही पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू हो रहा है. यह ऐलान श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने किया है, जो हर साल यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभाता है. बतादें कि भक्तों का बर्फ से ढकी चोटियों के बीच स्थित शिव गुफा में जाने के लिए आधिकारिक मार्ग – पहलगाम और बालटाल – ही सुरक्षित मार्ग हैं, इसलिए श्राइन बोर्ड ने सभी पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच का प्रबंध पहले से करना चाहता है. इसके अलावा, सरकार यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए नो-फ्लाइंग ज़ोन घोषित किया जाता है, जिससे तीर्थयात्रियों के मन में सुरक्षा का भाव रहे और वे बाबा अमरनाथ के गीत गाते हुए गंतव्य तक पहुंचें. बर्फ की चादर समेटे रमणीय स्थल पर जैसे-जैसे आप ऊपर चढ़ते हैं, हवा ठंडी होती जाती है और हृदय में गर्माहट आती है. लेकिन जैसे ही बर्फ के शिवलिंग के दर्शन होते हैं सारी कठिनाई शांति में तब्दील हो जाती है. इसलिए, अभी से योजना बनाएं, सावधानी से यात्रा करें और अपने भीतर शिव का अनुभव करें.
अमरनाथ यात्रा के लिए कब और कहां होगा पंजीकरण?
अमरनाथ यात्रा शुरू करने से पहले पंजीकरण कराना आवश्यक है. पंजीयन 15 अप्रैल से देशभर की 554 निर्धारित बैंक शाखाओं में शुरू होगा. इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक को अधिकृत किया गया है. श्रद्धालु अपने नजदीकी शाखा में जाकर आवेदन कर सकते हैं.
कौन कर सकता है अमरनाथ जाने के लिए आवेदन?
अमरनाथ यात्रा के लिए 13 से 70 वर्ष तक के श्रद्धालु ही पंजीकरण करा सकेंगे. 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और छह सप्ताह से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं को इजाज़त नहीं दी जाएगी.
बायोमीट्रिक से होगा पंजीकरण?
इस बार प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए आधार आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है. यह वेरिफिकेशन नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के पोर्टल के जरिए किया जाएगा. किसी तकनीकी दिक्कत होने पर बैंक मैनुअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के ज़रिए भी पंजीकरण स्वीकार करेगा.
जरूरी दस्तावेज और शुल्क का निर्धारण
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जमा करना होगा, जो 8 अप्रैल या उसके बाद अधिकृत डॉक्टर या मेडिकल संस्थान द्वारा जारी किया गया हो. इसके अलावा वैध पहचान पत्र और सही मोबाइल नंबर देना भी जरूरी होगा. पंजीकरण शुल्क प्रति यात्रा परमिट 150 रुपये तय किया गया है.
अमरनाथ यात्रा से जुड़ी अहम बातें
- यात्रा परमिट ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर जारी किया जाएगा. हर एक बैंक शाखा को प्रतिदिन सीमित कोटा दिया गया है. परमिट पर यात्रा मार्ग (बालटाल या पहलगाम) और तिथि स्पष्ट रूप से दर्ज होगी.
- श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वो मौसम, ऊंचाई और स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियों का खास ध्यान रखें. यात्रा की तारीखों और अन्य दिशा-निर्देशों की घोषणा जल्द की जाएगी.
- हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं. बेहतर व्यवस्था और नई तकनीक के साथ इस बार भी यात्रा को और सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी की गई है.
ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
अमरनाथ यात्रा के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें.
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अपलोड करें (अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र).
अपना मार्ग चुनें: पहलगाम या बालटाल.
पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें और अपनी पर्ची डाउनलोड करें.
ऑफ़लाइन पंजीकरण
कोई भी श्रद्धालु जम्मू या श्रीनगर में कुछ बैंक शाखाओं में भी अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकता है. उन्हें अपना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और अन्य विवरण देना होगा. वे आपको अमरनाथ यात्रा का परमिट जारी कर देंगे.
यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव
केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही जा सकते हैं।
जल्दी पंजीकरण कराना बेहतर है क्योंकि तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित है।
अपना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तैयार रखें, अन्यथा आपको प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
पहलगाम मार्ग
दूरी: लगभग 48 किमी
समय: 4-5 दिन
पथ: आसान से मध्यम
आपको क्या दिखाई देगा: हरे-भरे घास के मैदान, नदियाँ, छोटे गाँव
अमरनाथ जाने का यह रास्ता लंबा है लेकिन आसान है। चलते समय आप प्रकृति का आनंद ले सकते हैं. जो लोग अमरनाथ की शांत यात्रा चाहते हैं, उन्हें यह रास्ता बहुत पसंद आता है.
बाल्टल मार्ग
दूरी: लगभग 14 किमी
समय: 1-2 दिन
मार्ग: खड़ी चढ़ाई और कठिन
आपको क्या दिखाई देगा: बर्फ से ढके पहाड़, झरने
यह मार्ग छोटा है लेकिन कठिन है. इसके लिए आपको शारीरिक रूप से चुस्त-दुरुस्त होना आवश्यक है. कई युवा तीर्थयात्री इसे पसंद करते हैं क्योंकि यह तेज़ और रोमांचक है. अमरनाथ के मार्गों पर हर जगह स्वयंसेवक और सहायक मौजूद रहते हैं. वे पानी, भोजन और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं. तीर्थयात्री कभी-कभी एक-दूसरे की मदद भी करते हैं.
अमरनाथ की यात्रा मार्ग पर दर्शनीय स्थल
- चंदनवारी: हरे-भरे घास के मैदान और नदियाँ हैं. पहलगाम से प्रस्थान का स्थान है.
- शेषनाग झील: ऊंचाई पर शांत झील. अमरनाथ यात्रियों के लिए विश्राम स्थल है.
- पंचतरणी: यहाँ पाँच नदियाँ मिलती हैं. अमरनाथ मार्ग पर तीर्थयात्री यहाँ ध्यान करते हैं और विश्राम करते हैं.
- अरु घाटी: पहलगाम के पास स्थित है, फोटोग्राफी और सैर के लिए बेहद खूबसूरत जगह है.
अमरनाथ के मार्ग पर तीर्थयात्री अक्सर रुकते हैं, देखते हैं और कृतज्ञता का अनुभव करते हैं. कुछ लोग हल्का-फुल्का नाश्ता करते हैं. कुछ लोग बस चुपचाप बैठकर पहाड़ों का आनंद लेते हैं.
2025 में सरकार यात्रा को लेकर चिंतित थी
अमरनाथ यात्रा 2025 जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई थी. इस यात्रा को लेकर सरकार भी चिंतित थी. अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा था कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद ‘इस वर्ष की यात्रा विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होगी.’ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, “सुरक्षा और साजो-सामान की दृष्टि से हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो. आपके अनुभव को देखते हुए मुझे विश्वास है कि सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे.”
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के कामकाज का आकलन करने के लिए गुलमर्ग में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आपातकालीन तैयारियों, पर्यटकों की सुरक्षा, खेल और साहसिक पर्यटन, मोबाइल कनेक्टिविटी तथा स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में कार्यों की समीक्षा की गई.
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, आगामी धार्मिक पर्वों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि मेला खीर भवानी, ईद, मुहर्रम और अमरनाथ यात्रा जैसे आगामी धार्मिक आयोजनों पर चर्चा करते हुए अब्दुल्ला ने आवश्यक निर्देश दिए.

