शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या लोगों के जीवन में हलचल मचा देती है, शनि का गोचर लगभग ढाई साल के बाद होता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं. शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने में करीब ढाई साल का समय लेते हैं.
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By : DB News Update | Edited By : सुप्रिया
Shani Sade Sati 2025: जबलपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार साल 2025 की शुरुआत में ही कई राशियों को साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिलने वाली है और साल 2025 में शनि का गोचर होने वाला है. शनि का गोचर लगभग ढाई साल के बाद होता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं. शनि एक राशि से दूसरी राशि में जाने में करीब ढाई साल का समय लेते हैं. इससे पहले शनि का गोचर साल 2023, जनवरी के माह में हुआ था. तब से अब तक शनि कुंभ राशि में विराजमान हैं. शनि का अगला गोचर साल 2025 में 29 मार्च को होने वाला है, शनि कुंभ राशि से मीन राशि में चले जाएंगे.
साल 2025 में शनि के गोचर के साथ शनि की साढ़ेसाती और शनि का ढैय्या जिन राशियों पर चल रही है उन लोगों को मुक्ति मिल सकती है. जानते हैं कौन-सी हैं वो राशियों जिन पर साल 2025 में शनि देव अपनी कृपा बरसा सकते हैं. शनि की ढैय्या ढाई साल तक रहती है, वहीं शनि की साढ़ेसाती साढ़े सात साल तक रहती है.
इन राशियों को शनि की ढैय्या से मिलेगी मुक्ति
इस समय शनि की ढैय्या कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर चल रही है. साल 2025 में शनि के मीन राशि में गोचर के साथ इन दोनों ही राशियों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी और सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या शुरु हो जाएगी. इसके लिए जाने माने ज्योतिषाचार्य से मिलकर इससे निकने के उपाय ढूढ़ने की आवश्यकता है, जीवन में उथल-पुथन न हो सके.
शनि की साढ़ेसाती से मिलेगी मुक्ति
इस समय शनि की साढ़ेसाती मकर, कुंभ और मीन राशि वालों पर चल रही है. शनि की साढ़ेसाती किसी भी राशि में साढ़े सात साल तक रहती है. इसके तीन चरण होते हैं. साल 2025 में मकर राशि वालों पर शनि साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी और मेष राशि वालों पर शुरु हो जाएगी. इसके अलावा मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण और कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण प्रारंभ हो जाएगा.
शनिदेव कब करेंगे राशि परिवर्तन?
न्याय के देवता शनिदेव अगले साल मार्च महीने में राशि परिवर्तन करेंगे। वर्तमान समय में शनिदेव कुंभ राशि में विराजमान हैं. अगले साल शनिदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों के जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है. शनिदेव 29 मार्च, 2025 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे.
शनिदेव कुंभ राशि में विराजमान हैं
वर्तमान समय में शनिदेव कुंभ राशि में विराजमान हैं. इस राशि में शनिदेव के गोचर के चलते कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है. शनिदेव के राशि परिवर्तन करने के साथ ही दोनों राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। इससे कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलेगा. सभी बिगड़े कार्य बनने लगेंगे. जीवन में खुशियों का आगमन होगा. मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी.
जातकों को जीवन में व्यापक लाभ देखने को मिल सकता है
शनिदेव के मीन राशि में गोचर करने से मकर राशि के जातकों को साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी.वर्तमान समय में मकर राशि के जातकों पर साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है. शनि की साढ़े साती से मुक्ति मिलते ही मकर राशि के जातकों को जीवन में व्यापक लाभ देखने को मिल सकता है. सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे. विवाह के इच्छुक जातकों का रिश्ता तय हो सकता है. वहीं, मेष राशि के जातकों पर साढ़े साती शुरू होगी. इसके लिए मेष राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता है.
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