बांग्लादेश हिंसा की आग में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. शेख हसीना ढाका छोड़कर किसी सुरक्षित जगह पर चली गई हैं. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक यह माना जा रहा है कि वह भारत या फिनलैंड चली गई हैं.
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By- DB News Update/edited by-supriya
Bangladesh Violence: ढाका बांग्लादेश हिंसा की आग में झुलस रहा है. बांग्लादेश में भड़की हिंसा में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. अब बांग्लादेश में तख्तापलट हो चुका है. इस बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीन ने पद से इस्तीफा दे दिया है. शेख हसीना ढाका छोड़कर किसी सुरक्षित जगह पर चली गई हैं. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक यह माना जा रहा है कि वह भारत या फिनलैंड चली गई हैं.
अपनी बहन के साथ निकलीं
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना राजधानी ढाका छोड़कर जा चुकी हैं. ढाका में हिंसक झड़पों के बीच उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है. एजेंसी एएफपी को दिए एक बयान में शेख हसीना के करीबी सूत्र ने बताया, ‘शेख हसीना अपनी बहन के साथ गणभवन (प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास) से सुरक्षित जगह के लिए निकल गई हैं. उन्होंने बताया, ‘वो देश के नाम एक भाषण रिकॉर्ड करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पाया.’
बांग्लादेश वापिस जाएंगी शेख हसीना
भारत में शरणागत शेख हसीना की सुरक्षित वापसी बांग्लादेश वापसी होगी. इसको लेकर ढाका और नई दिल्ली में शीर्ष पर बैठे लोगों के बीच सहमति बन गई है. नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने बांग्लादेश के प्रशासनिक ढांचे में मौजूद कई प्रभावशाली सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सरक्षा इंतजामों और स्थिति को लेकर एक रोडमैप तैयार कर लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि शेख हसीना की वापसी में उनकी पूरी सुरक्षा गारंटी शामिल है.
हसीना की सुरक्षा का मुद्दा सुलझा
रिपोर्ट में कहा गया कि सूत्रों ने मामले में अधिक जानकारी नहीं दी लेकिन कहा कि कई महीनों की बातचीत के बाद पूरी सुरक्षा का मुद्दा सुलझा लिया गया है. साल 2024 में जुलाई-अगस्त के विद्रोह के बाद 5 अगस्त को शेख हसीना ढाका से भागकर भारत आ गई थीं. इसके बाद से वह नई दिल्ली में अज्ञात स्थान पर रह रही हैं. हसीना की दिल्ली में मौजूदगी भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव का प्रमुख कारण बनी हुई है.
हाल ही में ढाका में बे ऑफ बंगाल कंन्वर्सेशन के दौरान बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने साफ तौर पर दिल्ली का पक्ष रखा. त्रिवेदी ने कहा कि हसीना को जब शरण दी गई थी, उस समय भारत के पास कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने कहा कि शेख हसीना जब 5 अगस्त 2024 को भारत गई थीं, उस समय वह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं.
बांग्लादेश की सेना देगी हसीना को सुरक्षा
नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने बांग्लादेश के डिप्लोमैटिक और सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि अवामी लीग और सत्ताधारी BNP के बीच सुलह का मुद्दा अहम विषय बनकर उभरा है. सरकार के अहम स्तरों और सीनियर सैन्य नेतृत्व के बीच यह सोच मजबूत हुई है कि BNP और अवामी लीग के बीच सुलह के बिना समावेशी राजनीतिक स्थिरता मुमकिन नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया है कि शेख हसीना की देश वापसी के लिए बांग्लादेश की सेना पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगी. हालांकि, अभी वापसी की तारीख पक्की नहीं हुई है और इस पर बातचीत चल रही है.
मिलिट्री विमान में आई थीं भारत
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने मीडिया से चर्चा करने के दौरान कहा कि, “हसीना को भारतीय वायु सेना या भारतीय सेना नहीं लाई थी. आखिर किस देश का विमान प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत लाया था?” शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश के मिलिट्री एयरक्राफ्ट C-130A हरक्यूलिस से भारत के लिए उड़ान भरी थी और दिल्ली ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को शरण दी थी.
त्रिवेदी का अचानक दिल्ली दौरा
मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि इस बीच त्रिवेदी ने 5 अक्टूबर की शाम अचानक दिल्ली का एक दौरा किया,जो पहले से तय नहीं था. राजनयिक सूत्रों का कहना है कि त्रिवेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान का एक खास संदेश लेकर आए थे. इसी सप्ताह बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने भारतीय उच्चायुक्त की तारीफ की थी और कहा कि वह अच्छा काम कर रहे हैं. अगर भारत उनकी राय को महत्व देता है तो हम हर स्तर पर बात करने को तैयार हैं.

