पौष माह की अमावस्या सोमवार को है. इस दिन साल की आखिरी सोमवती अमावस्या होगी. सोमवती अमावस्या पर किए गए धार्मिक कार्य का पुण्य कभी खत्म नहीं होता.
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By : DB News Update| Edited By : प्रिंस अवस्थी
Somvati Amavasya 2024: हिन्दू धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि सोमवार को अमावस्या बड़े भाग्य से ही पड़ती है. किसी भी मास की अमावस्या यदि सोमवार को हो तो उसे सोमवती अमावस्या कहा गया है. जबलपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार इस साल की आखिरी पौष अमावस्या (Paush amavasya) सोमवार को होगी, इससे सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग बन रहा है.
सोमवती अमावस्या 30 या 31 दिसंबर 2024 कब ?
पौष कृष्ण अमावस्या तिथि 30 दिसंबर को तड़के 04:01 बजे से लेकर 31 दिसंबर को तड़के 03:56 बजे तक है. उदयातिथि के अनुसार 30 दिसंबर 2024 को ही पौष माह में सोमवती अमावस्या
सोमवती अमावस्या पर वृद्धि योग सुबह से रात 8 बजकर 32 मिनट तक है और मूल नक्षत्र है, जो रात 11:57 बजे तक है.
सोमवती अमावस्या का महत्व और पूजा विधि
स्नान-दान- इस दिन पवित्र नदियों गंगा, यमुना आदि या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए. पितरों के निमित्त दान करना उत्तम माना जाता है.
पितृ तर्पण- इस दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है.
पति की लंबी आयु- विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए उपवास रखती हैं.
सोमवती अमावस्या पर दान- सोमवती अमावस्या पर जरूरतमंदों को चावल, आटा, दाल, चीनी मिठाई और फल चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, अगर अमावस्या अगर सोमवार के दिन पड़ती है तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है. सोमवती अमावस्या के दिन व्रत करने और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है. इसके अलावा अमावस्या के दिन पितरों का पिंडदान और तर्पण करने से पितृ दोष से छुटकारा मिलता है.
पितरों को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें यह काम
- – इस दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करें. फिर पितरों का स्मरण कर तर्पण दें. तर्पण के लिए काले तिल, सफेद फूल और कुश का इस्तेमाल होता है. तर्पण से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
- – इस दिन स्नान के बाद पीपल वृक्ष की जड़ में जल देना चाहिए. इससे भी पितृ दोष दूर होता है. इस दिन पीपल की पूजा करें, 7 बार परिक्रमा करें और सरसों तेल में काले तिल डाकर दीप जलाएं. मान्यता है कि पीपल में पितृ भी वास करते हैं. इसलिए पीपल वृक्ष में जल देने और पीपल की सेवा करने से तीर्थ समान फल मिलता है और पितृ भी प्रसन्न होते हैं. इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करना चाहिए.
- – इस दिन पितरो को प्रसन्न करने के लिए पितृ चालीसा का पाठ करना काफ़ी शुभ होता है. साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराएं, दान-दक्षिणा दें.
इस उपाय से मिलेगी शिव जी की कृपा
मान्यता है कि सोमवती अमावस्या का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए भी बेहद शुभ बताया गया है. इस दिन स्नान के बाद शिव मंदिर में 1.15 (सवा) किलो चावल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा करें. इसके बाद इन चावलों का दान किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होते हैं.
सोमवती अमावस्या पर लंबी आयु के लिए उपाय
सोमवती अमावस्या के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी आदि से अभिषेक करें. मान्यता है इससे लंबी आयु का वरदान मिलता है. इस दिन व्रत करना शुभ फलदायी होता है.
सोमवती अमावस्या पर करें ये उपाय
- अमावस्या पर दिया दान पितरों को संतुष्ट करता है. मान्यता है इससे पितृ दोष दूर होता है.
- पीपल के पेड़ को जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं.
- इस दिन सुहागिनों को सुहाग की सामग्री दान दें, मान्यता है इस दिन माता पार्वती की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है.
- धर्म ग्रंथों के अनुसार, सोमवती अमावस्या का दिन पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए श्राद्ध की रस्मों को करने के लिए उपयुक्त माना गया है. कालसर्प दोष निवारण की पूजा करने के लिए भी यह दिन उपयुक्त होता है.
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