शराब दुकान को हटाने की मांग के बाद बीकोर गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने खुद ही कार्रवाई करते हुए आग लगा दी. शराब के कारण गांव में कई सामाजिक समस्याएं बढ़ रही थीं. इसी नाराजगी के चलते महिलाओं ने दुकान के बाहर इकट्ठा होकर कार्रवाई करने का फैसला लिया.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीकोर गांव की महिला शक्ति शराब को लेकर मुखर हो गई हैं और उन्होंने मंगलवार शाम (9 सितंबर 2025) महिलाओं ने देसी शराब की एक लाइसेंसी दुकान पर धावा बोल दिया. महिलाओं ने वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकाल कर आग लगा दी और फिर पूरी दुकान को आग के हवाले कर दिया.
स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि वे लंबे समय से शराब की दुकान के कारण परेशान थीं. शराब के कारण गांव में कई सामाजिक समस्याएं बढ़ रही थीं. इसी नाराजगी के चलते महिलाओं ने दुकान के बाहर इकट्ठा होकर कार्रवाई करने का फैसला लिया. लंबे समय से शराब दुकान को लेकर विराेध प्रदर्शन किया जा रहा था. लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया और लगातार क्षेत्र में असमाजित गतिविधियां संचालित होने लगीं. गांव के युवा नशे के गिरफ्त में घर बर्बाद कर रहे थे, जिसके कारण गांव की महिलाओं में जबरजस्त आक्रोष देखने को मिल रहा था. लिहाजा गांव की महिलाओं ने खुद ही निर्णय ले लिया और शराब दुकान पर आग लगाकर फैसला कर लिया. इस मामले में पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन पर भी सवाल उठना लाजिमी है.
प्रशासन अलर्ट
नरसिंहपुर पुलिस को मंगलवार शाम शराब की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने स्थिति को सम्हाल लिया है. मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि शराब दुकान के मालिक ने शिकायत दर्ज कराई है और इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है.
शराब की बोतलें निकालकर बाहर फेंकी
गांव की महिलाओं का गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि बीते मंगलवार की शाम उन्होंने शराब दुकान पर धावा बोल दिया. वहां रखी पेटियों से शराब की बोतलें निकाल-निकालकर बाहर फेंकी गईं और फिर आग के हवाले कर दी गईं. लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही देर में पूरी दुकान जलकर राख हो गई. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें साफ दिख रहा है कि महिलाएं एकजुट होकर शराब को नष्ट कर रही हैं.
टना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची. आबकारी निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि इस दुकान का लाइसेंस वंशिका कंस्ट्रक्शन के पार्टनर रामलाल झारिया के नाम से जारी किया गया है. तहसीलदार निर्मल पटले और सहायक आबकारी अधिकारी बीएल उइके ने भी मामले की पुष्टि की है. दुकान संचालक की ओर से तेंदूखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी.
शराब की दुकान हटाने को कहा था
यह घटना केवल एक शराब दुकान में आगजनी का मामला भर नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समाज की पीड़ा और आक्रोश को भी दर्शाती है. महिलाएं लंबे समय से गांव से शराब दुकान हटाने की मांग कर रही थीं, लेकिन जब उनकी आवाज अनसुनी रही तो उन्होंने कठोर कदम उठाया. यह कदम कानून की दृष्टि से भले ही गलत हो, लेकिन सामाजिक दृष्टि से यह गांव की नाराजगी और मजबूरी को उजागर करता है.
इससे पहले भी हो चुका है शराब दुकान का विरोध
इतबारा बाजार क्षेत्र की शराब दुकान को हटाने के लिए नगर में धरना-प्रदर्शन भी किया गया था. प्रशासन ने इस दुकान को हटाने का निर्णय प्रशासनिक स्तर पर करीब छह माह पूर्व ही कर लिया था. लेकिन आबकारी विभाग ने उक्त दुकान के लिए जगह की तलाश नहीं की और न ही ठेकेदार ने रूचि दिखाई. लाइसेंसी ठेकेदार से भी इतबाजार क्षेत्र का मोह नहीं छूट रहा है जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है. ठेकेदार और विभाग दुकान को लक्ष्मीबाई वार्ड के बजाए इतबारा बाजार क्षेत्र में शुरू करने की जोर जुगत कर रहा है. रविवार की सुबह आवासीय परिसर में खोली गई शराब दुकान का महिलाओं ने विरोध किया और दुकान में अपना ताला लगा दिया. इतवारा बाजार की लाइसेंसी कम्पोजिट शराब दुकान को बीते शनिवार की शाम बाजार क्षेत्र से ही लगे बैलहाई काम्प्लेक्स के बाजू में स्थित इंद्रा वार्ड के आवासीय परिसर में लाया गया था.यह दुकान व्यस्ततम बाहरी रोड के कट प्वाइंट में भी शामिल है. जहां से वाहनों की सघन आवाजाही बनी रहती है. महिलाओं का कहना है कि रात को यहां पर शराब खरीदने वालों की धमाचौकड़ी से खासी परेशानी शुरू हो गई है. साथ ही राहगीरों को भी परेशान होना पड़ रहा है. रविवार सुबह स्थानीय महिलाएं हाथ में डंडे लेकर आक्रोश जताते हुए दुकान को यहां से हटाने लामबंद हो गईं. उन्होंने अपना ताला दुकान की शटर में डाल दिया. जब ठेकेदार के कर्मचारी यहां आए तो उन्होंने दुकान नहीं खुलने दी. इसकी जानकारी जब आबकारी के अधिकारियों तक पहुंची लेकिन रविवार का दिन होने से अधिकारी छुट्टी मनाते रहे और मौके पर नहीं पहुंचे. बताया जा रहा है कि आक्रोशित महिलाओं से जल्द दुकान को अन्यत्र ले जाने की बात जिम्मेदारों ने कही तो दोपहर के समय दुकान फिर से खुल गई.
विरोध का यह बना है क्रम
इतवारा बाजार क्षेत्र में दुकान के विरोध के बाद इसे बाजार क्षेत्र में ही दीनदयाल मार्केट में रोड की दुकान में शिफ्ट किया गया. जहां अभाविप ने स्थानीय व्यापारियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद ठेकेदार ने इस स्थान के ठीक पीछे दुकान रख ली. जहां सब्जी व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया. शनिवार को सीधे मुख्य मार्ग पर आवासीय परिसर में दुकान आने से महिलाओं ने विरोध जताया.
