By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: समृद्धि पाने के लिए स्थिर लग्न में करें लक्ष्मी पूजन, दिखेगा चमत्कार
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > समृद्धि पाने के लिए स्थिर लग्न में करें लक्ष्मी पूजन, दिखेगा चमत्कार
Religion

समृद्धि पाने के लिए स्थिर लग्न में करें लक्ष्मी पूजन, दिखेगा चमत्कार

DB News
Last updated: 02/11/2026 10:24 AM
DB News
Share
8 Min Read
दीपावली पर्व और प्रमुख तिथियों की जानकारी
SHARE

दीपावली 2026 कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का विधान बताया गया है और 9 नवंबर की अमावस्या पर श्राद्ध, स्नान-दान के लिए अच्छा मुहूर्त है.

Source : DB News Update

Contents
दीपावली 2026 कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का विधान बताया गया है और 9 नवंबर की अमावस्या पर श्राद्ध, स्नान-दान के लिए अच्छा मुहूर्त है.2026 में अमावस्या तिथि का समयलक्ष्मी पूजा 8 नवंबर को क्यों की जाएगी?9 नवंबर को पितृ श्राद्ध और स्नान-दान के लिए शुभ क्यों?8 नवंबर 2026 को लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्तदीपोत्सव प्रारंभ की प्रमुख तिथि एवं त्योहार

Written By : DB News Update | Edited By: सुप्रिया

Diwali 2026: संस्कृत का ‘दिवाली’ शब्द अब संस्कृति से जुड़ गया है. रोशनी के इस त्योहार में उत्साह झलकता है जो अंधेरे पर रोशनी की जीत, अज्ञान पर ज्ञान की जीत को याद दिलाता है. आजादी और ज्ञान के जश्न में पूरा हिन्दू समाज डूबा रहता है. इस पर्व को मनाने के लिए कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का इंतजार किया जाता है, जिसमें बड़ी धूमधाम से दिवाली के प्रकाश पर्व को मनाने की परंपरा है. इस अवसर पर मां लक्ष्मी और गणेश के पूजन का महत्व बताया गया है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि का आगाज होता है.

2026 में दीपावली की तारीख और अमावस्या को लेकर लोगों के मन में काफी संशय है, दरअसल लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 8 नवंबर को है, वहीं अमावस्या 9 नवंबर को है. ऐसे में हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष 2026 में दिवाली की मुख्य लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर दिन रविवार को ही की जाएगी, जबकि पितृ तर्पण, श्राद्ध और स्नान-दान का पर्व 9 नवंबर दिन सोमवार को मनाया जाएगा.

2026 में अमावस्या तिथि का समय

हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि का समय-

अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर 2026, सुबह 11:27 बजे से

अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर 2026, दोपहर 12:31 बजे तक

लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर को क्यों की जाएगी?

धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु जैसे प्रामाणिक धर्मग्रंथों के अनुसार, दिवाली पर महालक्ष्मी पूजन हमेशा कार्तिक अमावस्या की रात में ही करने का विधान बताया गया है. इसके लिए प्रदोष काल और महानिशीथ काल में अमावस्या तिथि का होना अनिवार्य माना गया है. अमावस्या तिथि 8 नवंबर दिन रविवार को दोपहर से शुरू होकर सूर्यास्त के बाद पूरी रात व्याप्त रहेगी. वहीं दूसरे दिन अमावस्या तिथि 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे ही समाप्त हो जाएगी, जिसके कारण शाम के समय (प्रदोष काल) प्रतिपदा तिथि लग जाएगी.

चूंकि, 9 नवंबर की शाम को अमावस्या तिथि नहीं मिलेगी, इसलिए तंत्र-मंत्र साधना, निशीथ काल और स्थिर लग्न की महालक्ष्मी पूजा 8 नवंबर की रात को ही संपन्न होगी.

9 नवंबर को पितृ श्राद्ध और स्नान-दान के लिए शुभ क्यों?

वैदिक परंपरा में देव कार्यों और पितृ कार्यों के लिए अलग-अलग काल-विधान तय किए गए हैं. जहां लक्ष्मी पूजा के लिए निशीथ और प्रदोष काल देखा जाता है, वहीं पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितरों के निमित्त तर्पण-श्राद्ध के लिए उदया तिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) को सर्वोपरि माना गया है.

चूंकि 9 नवंबर दिन सोमवार को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि उपस्थित रहेगी. इस कारण शास्त्रीय मान्यता के अनुसार जो तिथि सूर्योदय के समय विद्यमान होती है, उसी दिन स्नान-दान, अमावस्या का व्रत और पितृ कर्म करना श्रेष्ठ फलदायी होता है. इस कारण साधक 9 नवंबर की सुबह गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य और पितरों का तर्पण कर सकते हैं.

8 नवंबर 2026 को लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

प्रदोष काल- शाम 05:31 बजे से रात 08:09 बजे तक

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (स्थिर वृषभ लग्न)- शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक

शास्त्र सम्मत नियमानुसार गृहस्थों और व्यापारियों के लिए 8 नवंबर की शाम स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करना समृद्धिदायक रहेगा, वहीं 9 नवंबर की सुबह का समय दान-तर्पण और पितरों के आशीर्वाद के लिए सर्वोत्तम रहेगा.

दीपोत्सव प्रारंभ की प्रमुख तिथि एवं त्योहार

रमा एकादशी: 5 नवंबर को यह तिथि भगवान विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी का पूजन करने का विधान है. रमा महालक्ष्मी का ही एक नाम है. भक्त इस दिन भगवान विष्णु की कृपा पाने की कामना से व्रत करते हैं.

धनतेरस: दिन शुक्रवार, 6 नवंबर को भगवान धनवंतरि, महालक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने का पर्व है. इस दिन सोना, चांदी, पीतल के बर्तन या नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है. शाम को घर की दक्षिण दिशा में यमराज के नाम का चौमुखी दीपक (यम दीप) जलाने की परंपरा है.

रूप चौदस (नरक चतुर्दशी): 7 नवंबर दिन शनिवार को रूप चौदस है. इस पावन पर्व पर श्रद्धालु को सुबह सूर्योदय से पहले जागना होता है, इसके बाद उबटन लगाकर स्नान किया जाता है, माना जाता है कि ऐसा करने से रूप और सौंदर्य की प्राप्ति होती है. शाम को यमराज के निमित्त दीपदान करते हैं और घर के सभी कोनों व मुख्य द्वार पर दीपक जलाते हैं.

दीपावली: 8 नवंबर, रविवार के दिन शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु, भगवान गणेश और कुबेर जी के साथ ही अपने इष्टदेव का विधिवत पूजन करते हैं. घर को वंदनवार, रंगोली और दीयों से सजाते हैं. देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पर अखंड दीपक जलाते हैं और पूरे घर में रोशनी की जाती है.

कार्तिक अमावस्या और गोवर्धन पूजा (अन्नकूट): सोमवार, 9 नवंबर को तिथियों की घट-बढ़ की वजह से कार्तिक अमावस्या दो दिन (8 व 9 नवंबर) है. इसलिए कार्तिक अमावस्या का नदी स्नान और दान-पुण्य 9 तारीख को किया जाएगा. कुछ पंचांगों में इसी दिन गोवर्धन पूजा पर्व बताया गया है। जो लोग इस दिन गोवर्धन पूजा करेंगे, वे गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग या अन्नकूट का प्रसाद अर्पित किया जाता है।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज: 10 नवंबर मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में 10 तारीख को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी, जबकि कुछ जगहों पर इस दिन भाई दूज मनेगी. भाई दूज पर बहने अपने भाइयों को घर बुलाकर तिलक लगाती हैं, खाना खिलाती हैं, उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं. इस दिन यमराज और यमुना जी की कथा सुनी जाती है. कुछ जगहों पर भाई दूज 11 नवंबर (बुधवार) को मनाया जाएगा.

छठ पूजा (संध्या अर्घ्य): 15 नवंबर रविवार की तिथि पर शाम के समय नदी या तालाब के घाट पर जाकर डूबते हुए सूर्य (अस्ताचलगामी सूर्य) और छठ माता को अर्घ्य देने की परंपरा है.

अक्षय नवमी (आंवला नवमी): 18 नवंबर, बुधवार के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. इस दिन आंवले के वृक्ष की परिक्रमा और दान करने का विशेष महत्व है.

देवउठनी एकादशी: 20 नवंबर, शुक्रवार को भगवान विष्णु को चार महीने की योगनिद्रा से जगाने के लिए पूजा और मंत्रोच्चार किया जाता है. इस दिन तुलसी जी और भगवान शालिग्राम का विवाह कराया जाता है.

कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली): 24 नवंबर मंगलवार की तिथि पर ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं. शाम के समय नदी के घाटों, मंदिरों और घर पर दीपदान करते हैं. सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी जाती है और दान-पुण्य किया जाता है.

You Might Also Like

धनतेरस कब है? जानें… प्रदोष काल और स्थिर लग्न में सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदने का फल

तुलसी विवाह के साथ शुरु होंगे मांगलिक कार्य, जानें… कब योग निद्रा से जागेंगे श्रीहरि

करवा चौथ 2026 आज, जानें चांद निकलने की शुभ घड़ी!

शारदीय नवरात्रि 2026 में भूमि, भवन, वाहन क्रय करने के बन रहे योग, जानें कब है ग्रहों का दुर्लभ महासंयोग

रात्रि में कतई न करें घट स्थापना, जानें… कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और तारीख

TAGGED:DB NewsDB News UpdateDBNewsupdateDelhi Newsdivya bhumi updateDiwali 2026Jbp NewsKartik AmavasyaLakshmi PujaMP NEWS
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy1
Surprise0
Angry0
Previous Article CEC को हटाने को लेकर रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने भरी हुंकार
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

CEC को हटाने को लेकर रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने भरी हुंकार
National 01/11/2026
पटाखा संग्रहण एवं विक्रय स्थल पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही
Madhya Pradesh 31/10/2026
जबलपुर शहपुरा ब्रिज की बाधा दूर करने भोपाल-दिल्ली के अधिकारियों से संपर्क करो
Madhya Pradesh 30/10/2026
अभिषेक-सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी देखकर न्यूजीलैंड के होश उड़े, पस्त पड़े गेंदबाज
Sport 27/10/2026
//

यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

Quick Link

  • About Us
  • Contact
  • My Bookmarks
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Sitemap

Top Categories

  • Fashion
  • Health
  • Religion
  • Science
  • Technology
  • Travel

Contact Us

//

Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

Editor – Miss. Supriya 8815353246.

DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Follow US
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
  • Advertise
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?