कलेक्टर के अनुविभागीय दंडाधिकारियों को आदेश, नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाये
Source : DB News Update
Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Firecrackers storage sale guidelines in Jabalpur city News: दीपावली पर्व पर जनसुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए. पटाखा का अवैध भण्डारण और विस्फोटक मैगजीन में बिल्कुल भी लापरवाही न बरती जाए. कुछ ऐसे ही निर्देश जबलपुर जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा ने ने दिए हैं. अपने आदेश में जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने अनुभाग के अंतर्गत स्थायी एवं अस्थाई पटाखा संग्रहण और विक्रय स्थलों का तथा आतिशबाजी विनिर्माण एवं विस्फोटक मैगजीन स्थलों का निरीक्षण करें और निरीक्षण के दौरान जिन दुकानदारों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा हो, पटाखों का अवैध भंडारण एवं अनियमितता पाई जाए तो दुकानदार का तुरंत लाइसेंस विस्फोटक अधिनियम 2008 के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने की हिदायत दी है और साथ ही चायनीज, प्रतिबंधित पटाखा एवं पटाखे की अन्य सामग्री का उपयोग, प्रयोग और क्रय-विकय पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराएं.
प्रदूषण नियंत्रण पर भी रखनी होगी निगरानी
जिला दण्डाधिकारी ने आदेश में पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन, भोपाल द्वारा हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुये कहा कि इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को न केवल अपने अनुभाग के पटाखा निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय स्थलों का निरीक्षण करना होगा, बल्कि जनसुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुये मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मापदण्ड अनुसार पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन व आतिशबाजी के प्रयोग के संबंध में व्यवसासियों तथा आमजन को अपने स्तर से चेतावनी जारी करनी होगी और अपने अनुभाग के आतिशबाजी के अस्थाई विक्रेताओं की बैठक बुलाकर भी नियम-निर्देशों से अवगत कराना होगा.
धार्मिक स्थल, अस्पताल, स्कूल के नजदीक पटाखा दुकानें न हों
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश में अनुविभागीय दण्डाधिकारियों से यह सुनिश्चित करने कहा गया है कि अस्थाई पटाखा दुकानों के लिये चिन्हित स्थान आबादी क्षेत्र से दूर और सुरक्षित स्थानों पर हों. चिन्हित स्थान के अलावा एवं बिना लायसेंस के पटाखा का विक्रय न हो तथा धार्मिक स्थल, अस्पताल, स्कूल एवं किसी भी प्रतिबंधित स्थल के नजदीक पटाखा दुकानें न लगाई जायें. आतिशबाजी के अस्थाई भण्डारण एवं विकय हेतु तैयार शेड (दुकानें) की आपसी दूरी कम से कम तीन मीटर हों, ये एक दूसरे के आमने-सामने न हो तथा दुकानें अग्निरोधी सामग्री अथवा लोहे की चादरों से ही निर्मित हों. आतिशबाजी विक्रय हेतु तैयार शेड में अथवा शेडों की सुरक्षा हेतु निर्धारित दुकानों की आपसी 3 मीटर की दूरी में तेल से जलने वाले लैम्प अथवा खुली बत्तियों या कपड़े का उपयोग न किया जाये.
इन निर्देशों पर करना होगा अमल
आदेश में अनुविभागीय दंडाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने कहा गया है कि चायनीज और प्रतिबंधित पटाखा एवं पटाखा सामग्री का उपयोग और क्रय-विक्रय पर रोक का सख्ती से पालन हो. आतिशबाजी विक्रेता 125 डेसीबल से ज्यादा आवाज वाली किसी भी प्रकार की आतिशबाजी का विक्रय नहीं कर सकेगा. आतिशबाजी विक्रय स्थल से अन्य किसी भी प्रकार का व्यवसाय नहीं किया जायेगा. खाली खोखे, वारदाना या कॉर्टन और अनावश्यक सामग्री दुकान के सामने या आस-पास नहीं रखी जायेगी. कोई भी दुकानदार दुकान के आस-पास किसी भी प्रकार की आतिशबाजी की टेस्टिंग नहीं करायेंगे. दुकानों के आगे किसी भी प्रकार के वाहनों की पार्किंग न तो स्वयं करेंगे न ही किसी व्यक्ति को पार्किंग करने देंगे. आतिशबाजी विक्रेता आपस में सद्भाव बनाये रखेंगे। किसी भी प्रकार का विवाद करने पर अनुज्ञप्ति तत्काल निरस्त कर दी जायेगी.
आदेश में कहा गया है कि पटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था सुरक्षित तकनीकी मापदण्ड अनुसार ही हो तथा प्रकाश व्यवस्था का आपरेटिंग सिस्टम पूर्णतः सुरक्षित हो. आतिशबाजी विक्रय हेतु अस्थाई दुकानों का निर्माण अग्निरोधी सामग्री व तकनीकी अधिकारी की देखरेख एवं नियंत्रण में ही किया जाये. दुकानों के निर्माण में लकड़ी की रेक एवं कपड़े के शामियानों का उपयोग न हो.
पटाखा दुकान लगाने के लिए दिशा-निर्देश
- एक समूह में 50 से अधिक दुकानें अनुज्ञात नहीं की जायें.
- लायसेंस नवीनीकरण किये बिना आतिशबाजी का कय-विकय न हो.
- विक्रय स्थल पर आतिशबाजी का प्रदर्शन भी न हो.
- प्रत्येक लायसेंसधारी द्वारा दुकान के सामने अग्नि सुरक्षा हेतु बालू एवं पानी से भरी बाल्टियां व अन्य अग्निरोधी उपकरण रखें जायें.
- आतिशबाजी के विक्रय हेतु निर्धारित परिसर में 24 घंटे फायर बिग्रेड की सुविधा सुनिश्चित हो.
- आतिशबाजी अग्निरोधी सामग्री से बने शेड में ही रखी जाएगी और इस तरह सुरक्षित होगी कि कोई अनाधिकृत व्यक्ति उस तक न पहुंच सकें.
- थोक विक्रेता द्वारा फुटकर विक्रेता को उनका लायसेंस देखकर ही आतिशबाजी विक्रय किया जाये.
- निर्धारित स्थान से अन्य स्थान अर्थात शहरी क्षेत्र में कोई व्यक्ति अनाधिकृत रूप से आतिशबाजी का विक्रय करता पाया जाये तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की जाये.
सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया काम
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आयुक्त नगर पालिक निगम जबलपुर, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंम्पनी, विद्युत सुरक्षा निरीक्षक, सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा शेड निर्माण से संबंधित समस्त ऐजेंसी आदि अपने-अपने क्षेत्र में सुरक्षित अस्थाई शेड निर्माण करने अथवा करवाने की सुसंगत कार्यवाही हेतु पूर्णतः उत्तरदायी होंगे.
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आतिशबाजी दुकानें रहवासी भवन से पूर्णतः अलग होंगी. फटाखा दुकान से ऊपरी तल पर जाने का रास्ता नहीं होगा. फटाखा दुकान के उपर निवास स्थान नहीं होगा. फुटकर पटाखा व्यवसायी के नवीनीकृत लायसेन्स की कॉपी प्राप्त करके ही थोक पटाखा व्यवसायी उन्हें निर्धारित मात्रा में फटाखा की बिक्री करेंगें. ठेलागाडी और चलित रूप से और हाट बाजारों में दुकान लगाकर पटाखा का क्रय-विक्रय नहीं किया जायेगा. फटाखा व्यवसायियों एवं लायसेंस धारकों द्वारा लायसेंस में दी गई शर्तों एवं शासन के नियमों तथा स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा प्रदत्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जायेगा.
जिला दण्डाधिकारी ने आदेश में कहा है कि दीपावली पर्व के दौरान पटाखा विक्रय केंद्रों और अस्पताल परिसर में आवश्यकता अनुसार मेडिकल स्टॉफ, एम्बुलेंस व आवश्यक दवाईयां 24 घण्टे उपलब्ध रखी जायें, ताकि विपरीत परिस्थिति में इनका उपयोग किया जा सकें. इसी के साथ जिला अस्पताल में भी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित रखी जाये. आदेश में विद्युत विभाग को भी निर्देश दिये गये हैं कि किसी प्रकार की विपरीत एवं आपात स्थिति से निपटने हेतु पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, स्टॉफ आदि की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाये. पर्व के दौरान सूचनाओं के आदान प्रदान, विभिन्न विभागों के बीच समन्वयन और आवश्यक कार्यवाहियों हेतु तहसील कार्यालयों और नगरीय निकायों में 24 घण्टे संचालित रहने वाला कण्ट्रोल रूम स्थापित किये जायें.
