सरकार ने लगाया अनिश्चितकालीन कर्फ्यू, पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
Source : MEDIA
By- DB News Update |Edited By-सुप्रिया
नई दिल्ली. पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र आंदोलन संगठन की ओर से घोषित असहयोग आंदोलन किया जा रहा है। इसके पहले दिन यानी चार अगस्त (रविवार) को बड़ी संख्या में प्रदर्शकारी सड़कों पर उतर आए। जिसकी वजह से कई जगहों पर पुलिस और उनके बीच हिंसक झड़प हुईं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इन झड़पों में अब तक 91 लोगों की मौत हो गई है। जिनमें 14 पुलिसवाले शामिल हैं। वहीं 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अनिश्चितकालीन के लिए लगा कर्फ्यू
हिंसा पर काबू पाने के लिए गृह मंत्रालय ने शाम 6 बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही आगामी 3 दिनों के लिए सरकार ने छुट्टी की घोषणा कर दी है। हिंसा का असर राजधानी ढाका में सबसे ज्यादा दिखा, यही वजह है कि शेख हसीना सरकार ने यहां दुकानों और बैंकों को बंद करने का आदेश जारी किया है। हिंसक भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और स्मोक ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। वहीं सरकार के अगले आदेश तक देश में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
ये छात्र नहीं आतंकवादी हैं – पीएम
वहीं रविवार को हुई नेशनल कमेटी ऑन सिक्योरिटी अफेयर्स की बैठक में प्रधानमंत्री ने हिंसा को लेकर कहा कि जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं वो छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं। उन्होंने देश के लोगों से प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एकजुट होने की अपील की। मीटिंग में बांग्लादेश की पीएम के साथ तीनों सेनाओं के चीफ, पुलिस चीफ और टॉप सिक्योरिटी अफसर शामिल हुए थे। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने सरकार के बातचीत के बातचीत के आह्वान को खारिज कर दिया। उन्होंने देश के लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। बता दें कि देश में बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए पीएम शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत का निमंत्रण भेजा था।
हसीना का प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए
बताया जा रहा है कि इस बीच, प्रधानमंत्री हसीना ने हिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि विरोध के नाम पर देश भर में तोड़फोड़ करने वाले छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं. मैं देश के लोगों से इन आतंकवादियों का सख्ती से दमन करने की अपील करती हूं.
मीडिया रिपोर्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के सूत्रों के हवाले से बताया कि पीएम हसीना ने गणभवन में सुरक्षा मामलों की राष्ट्रीय समिति की बैठक की. जिसमें सेना, नौसेना, वायु सेना, पुलिस, आरएबी, बीजीबी के प्रमुख और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए.
3 दिवसीय अवकाश की घोषणा
देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिवसीय अवकाश की घोषणा की है.
अवामी लीग के छह नेताओं की पीट-पीटकर मार डाला
बांग्लादेश का प्रमुख बंगाली अखबार प्रथम आलो ने बताया कि फेनी में पांच लोग, सिराजगंज में 13 पुलिसकर्मियों सहित 22, किशोरगंज में चार, ढाका में चार, बोगुरा में चार, मुंशीगंज में तीन, मगुरा में चार, भोला में तीन, रंगपुर में चार, पबना में तीन, सिलहट में चार, कमिला में तीन, जॉयपुरहाट में एक, हबीगंज में एक और बारिसल में एक व्यक्ति की मौत हुई है. अखबार की खबरों से पता चल रहा है कि नरसिंगडी में सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में अवामी लीग के छह नेताओं और कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.
सरकार करे राजनीतिक पहल
मीडिया में चल रहीं खबरों के अनुसार पूर्व सेना प्रमुख इकबाल करीम भुइयां ने कहा कि हम सरकार से मौजूदा संकट को हल करने के लिए राजनीतिक पहल करने का आग्रह करते हैं. हमारे सशस्त्र बलों को अपमानजनक अभियान में शामिल करके उनकी अच्छी प्रतिष्ठा को नष्ट न करें. उन्होंने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि बांग्लादेशी सशस्त्र बलों ने कभी भी जनता का सामना नहीं किया है या अपने साथी नागरिकों की छाती पर बंदूकें नहीं तानीं हैं.
