जबलपुर शहपुरा तहसील के अंतर्गत भगवान का विमान बड़ी धूम-धाम से निकला, संत-महंत और श्रद्धालुओं ने पालकी में विराजमान भगवान को ग्राम का भ्रमण कराया.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur Aeromania News: भगवान श्रीनृसिंह मंदिर से निकलकर नर्मदा तट पर विहार करते हैं. कुछ ऐसा ही दृश्य जबलपुर शहपुरा तहसील के अंतर्गत ग्राम कुलोन में स्थित नरसिंह भगवान मंदिर में भगवान का विमानोत्सव के अवसर पर देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और वीमानोत्सव बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर जगद्गुरु श्रीनृसिंहपीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि राम के काज से जो जुड़ जाता है वो वंदनीय हो जाता है. भगवान का उत्सव जो भी व्यक्ति उत्साह से जुड़ता है, वही सच्चा भक्त है. जो सनातन धर्म संस्कृति, गुरु, परापंराओ से प्रेम करता है वो श्रेष्ठ है. जो भगवान का हो जाता है वो सर्वश्रेष्ठ हो जाता है. जिसके जीवन में उत्तम विचारों का समावेश होता है वो भगवान से निर्मल मन और धन ऐश्वर्य संपत्ति प्राप्त करता है. इन्हीं विचारों के साथ श्रद्धालु के मन में भगवान के प्रति आस्था का आविर्भाव होता है और वे इस पुनीत कार्य में जुटे रहते हैं. श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का भी समय है.
पालकी को दिया जाता है वीमान का स्वरूप
श्रीनृसिंह भगवान के लिए एक पालकी तैयार की जाती है. उस पालकी को वीमान का स्वरूप दिया जााता है. जिसमं भगवान नृसिंह विराजमान होते हैं और उसके बाद श्रद्धालु अपने कंधों पर उस पालकी को रखते हैं. पालकी में अष्टधातु का सिंहासन रखा जाता है. यह सिंहासन वर्षो पुराना बताया जा रहा है, जिसमें भगवान विराजमान होते हैं और गांव का भ्रमण करते हैं. नर्मदा नदी के तट पर जाकर भगवान विचरण करते हैं और उसके बाद वापिस अपने धाम पहुंचते हैं.
हर वर्ष वीमान पर निकलते हैं भगवान
नरसिंह मंदिर कुलोन में वीमानोत्सव हर वर्ष मनाने की परंपरा है. मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं और वीमान में बैठकर विहार करते हैं. यह उत्सव क्षेत्रीय श्रत्रद्धालुओं के लिए एक ओर जहां आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है. वहीं शहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के वीमान को कंधा लगाने के लिए पहुंचते हैं. वीमान को कंधा देकर नर्मदा के तट पर विहार कराए जाने की परंपरा है. इसके बाद भगवान गांव का भ्रमण करते हुए वापिस मंदिर में विराजमान हो जाते हैं. यह कार्यक्रम हर वर्ष मंदिर के महंत जगद्गुरु डॉ. स्वामी नरसिंहदेवार्य जी द्वारा मनाया जाता है.

डोल ग्यारस के अवसर पर निकला विमान
जल झूलनी एकादशी डोल ग्यारस पर जगतगुरु नृसिंहपीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में नरसिंह मंदिर सिध्दा घाट कुलौन शहपुरा में भव्य विमानोत्सव मनाया गया. जिसमें कुलौन, बंसीपुर, सिध्दाघाट, बिजना, मुरकटैया, जलहरी, छरपट, भमकी, खिरकाखेडा, डढियाटोला, बेलखेड़ा, पाटन, शहपुरा के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए. इन ग्रामीणों की आस्था को देखते हुए बारी-बारी से वीमान में कंधा लगाने के लिए बुलाया जाता है और भगवान श्रीनृसिंह के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की जाती है. यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धालुओं के लिए दिलचस्प हो गया है. बल्कि आधुनिकता से परे इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय युवा नया रंग देने में जुटे रहते हैं.

इनकी रही उपस्थिति
विमानोत्सव कार्यक्रम में जगतगुरु श्रीराजारामाचार्य जी, महंत प्रकाशानंद, महंत त्यागी जी, भृगुदत जी, रामेश्वरानंद, योगी राजेशदास, विश्व हिन्दू परिषद अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, विधायक नीरज सिंह, अमित टहनगुरिया, राममूर्ति मिश्रा, संदीप जैन गुड्डा, मुन्ना पांडे, सुरेन्द्र सिंह, डॉ संदीप मिश्रा, राजेन्द्र यादव, रणधीर सिंह, राधवेंद्र शुक्ल, प्रमोद शुक्ल, जितेन्द्र पटेल, रामसिंह सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे.
विशाल भंडारे का आयाेजन
कार्यक्रम के अंत में बड़ी धूमधाम के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल होते हैं और भगवान का प्रसाद स्वयं अपने हाथ से बनाते हैं, उसके बाद वीमानोत्सव में शामिल भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाता है. यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के श्रद्धालुओं की सहभागिता होती है. कार्यक्रम के अंत में भगवान का आशिर्वाद लेकर श्रद्धालु अपने घर वापिस जाते हैं.

