महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. महाराष्ट्र की 288, झारखंड में अंतिम चरण की 38 विधानसभा सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है.
Source : MEDIA
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maharashtra Elections 2024: महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव में मतदान हो रहा है. इस सत्ता समर में कई ऐसे फैक्टर भी हैं जो चुनाव नतीजे तय करेंगे. बिटकॉइन और कैश फॉर वोट के वोट के आरोप से लेकर ध्रुवीकरण तक, वो कौन से फैक्टर हैं जो चुनाव नतीजे तय करेंगे? पहले बीजेपी के नेता और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह विरार के एक होटल में कैश के साथ नजर आए. विपक्ष की मीडिया सेल ने इसे तेजी से लपका.
23 नवंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे
महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. महाराष्ट्र की 288, झारखंड में अंतिम चरण की 38 विधानसभा सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है. तीन दिन बाद 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आ जाएंगे. इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले गठबंधन के साथ ही विपक्षी पार्टियों और गठबंधनों का भी बहुत कुछ दांव पर लगा है.
असली-नकली पार्टी की लड़ाई है
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना, शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) और अजित पवार की एनसीपी (एपी) के बीच असली-नकली पार्टी की लड़ाई है. झारखंड में बीजेपी और जेएमएम आदिवासी अस्मिता की पिच पर आमने-सामने हैं. दोनों ही राज्यों में जीत-हार कौन से फैक्टर तय करेंगे? मतदान के दिन बात इसे लेकर हो रही है.
हार-जीत तय करेंगे ये फैक्टर
- कैश फॉर वोट कांड
- हमनाम उम्मीदवार
- किसान कार्ड
- चंपाई, सीता और कल्पना सोरेन इफेक्ट
- घुसपैठिया कार्ड
- आदिवासी
- भ्रष्टाचार
- इमोशनल कार्ड
- ध्रुवीकरण
- डायरेक्ट कैश बेनिफिट योजनाएं
- कांग्रेस का प्रदर्शन
बिटकॉइन के खेल पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर
वोटिंग से पहले कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष को बैठे-बिठाए नया हथियार मिल गया. बिटकॉइन के खुलासे के बाद यह खेल सुबह होने तक अलग लेवल पर पहुंच गया. कांग्रेस नेता वोटिंग के बाद बीजेपी पर चुनाव में पैसा बांटने का आरोप लेकर टूट पड़े तो बीजेपी ने सुप्रिया सुले को घेर लिया. पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्र नाथ पाटिल ने भी आरोप लगाया कि क्रिप्टोकरेंसी डीलिंग से मिलने वाले कैश का उपयोग महाराष्ट्र चुनाव में हो रहा है. अजित पवार ने एक बयान देकर बताया कि बिटकॉइन वाले ऑडियो में बहन सुप्रिया सुले की आवाज है. शरद पवार ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि रवींद्र नाथ पाटिल ने आरोप लगाए हैं, वह कई महीनों तक जेल में रहा और उस व्यक्ति को साथ लेकर झूठे आरोप लगाना, यह सिर्फ बीजेपी ही कर सकती है. सुप्रिया सुले ने इस विवाद के बाद बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी को मानहानि का नोटिस भेज दिया.
कांग्रेस को पहले मिल गया ‘हथियार’, बीजेपी बैकफुट पर
वोटिंग से पहले पर कैश कांड वर्सेज बिटक्वॉइन बम के इस खुलासे से महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों सकते में हैं. करप्शन इस चुनाव में मुद्दा तो नहीं बना मगर वोटरों में यह संदेश जरूर चला गया कि वोटों के लिए नोट का खेल जमकर हो रहा है. अब इससे नुकसान होना तय है. माना जा रहा है कि बीजेपी नेता विनोद तावड़े के वीडियो से महायुति पर ज्यादा असर पड़ेगा, क्योंकि यह मुद्दा बिटकॉइन से पहले वोटरों के बीच में आया. कांग्रेस और विपक्षी दल इस वीडियो को वोटरों के मोबाइल तक पहुंचाने में सफल रहे. जब बिटकॉइन का मुद्दा उठा, तब तक ‘देख रहा है न विनोद..’ और ‘बीजेपी के सेफ में क्या है’ जैसे चुनावी फंडे जगह बना चुके थे. दूसरी ओर, बिटकॉइन का खेल बीजेपी पूरी तरह नहीं समझा सकी है.
सबसे ज्यादा होगा बिटकॉइन और कैश का इफेक्ट
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने वोटिंग के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने यह बताने की कोशिश बिटकॉइन का घोटाले की रकम विनोद तावड़े पर रुपये बांटने से ज्यादा है. मगर बीजेपी के पास अब वक्त ज्यादा नहीं बचा है. महाराष्ट्र में वोटिंग हो रही है. सुबह 9 बजे तक करीब 6.61 फीसदी मतदान हो चुका है. दूसरी ओर, एमवीए ने भी तावड़े के वोट फॉर कैश के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. एक्सपर्ट मानते हैं कि इस विवाद का असर भले ही महाराष्ट्र के सभी जिलों में नहीं हो, मुंबई में महायुति के लिए संकट पैदा कर सकता है.
