महाराष्ट्र में मतदान से पहले बीजेपी महासचिव पर पैसे बांटने के आरोप का मामला गरमाया हुआ है. इस मुद्दे पर विपक्ष बीजेपी समेत महायुति पर हमलावर है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में उठा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. दरअसल, पालघर के नालासोपारा में पैसे बांटने के आरोप मामले में तुलिंज पुलिस ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का नाम भी आरोपी के कॉलम में लिखा है. इससे पहले खबर थी कि इस मामले में उन पर आरोप नहीं हैं.
9 लाख 53 हजार कैश जब्त
दरअसल, होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर और पैसे बांटने के आरोप को लेकर चार एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें पहली एफआईआर में सूत्रों के मुताबिक विनोद तावड़े और राजन नाइक के खिलाफ BNS की धारा 223 और 173 और RP एक्ट की धारा 126 के तहत दर्ज किया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने अबतक 9 लाख 53 हजार कैश जब्त किए गए हैं.
जबकि दूसरी एफआईआर में बीजेपी महासचिव विनोद तावड़े और बीजेपी उम्मीदवार राजन नाइक के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर बीएनएस की धारा 223 और आरपी एक्ट की धारा 126 के तहत दर्ज की गई.
चुनाव आयोग को जांच करानी चाहिए: तावड़े
वहीं, विनोद तावड़े ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि नालासोपारा के विधायकों की एक बैठक चल रही थी. मैं वहां चुनाव आचार संहिता के नियमों को समझाने गया था. तावड़े ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनकी गाड़ी, बैग और रूम की जांच की है. रूम नंबर 406 से 9 लाख 53 हजार कैश बरामद किए गए हैं. फिर भी मेरा मानना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए.
चुनाव अधिकारी ने दी ये जानकारी
नालासोपारा विधानसभा चुनाव अधिकारी शेखर घाडगे ने बताया कि हमें शिकायत मिली थी कि यहां एक राजनीतिक दल की बैठक चल रही है। जब हमारी टीम यहां पहुंची तो देखा कि एक बैठक चल रही थी. यहां कुछ मात्रा में नकदी जब्त की गई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. दो मामलों की तलाश जारी है. इससे चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
इन पर दर्ज किया गया है केस
इसके अलावा तीसरी एफआईआर राजन नाइक, विनोद तावड़े, हितेंद्र ठाकुर और क्षितिज ठाकुर के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 और आरपी एक्ट की धारा 126 के तहत दर्ज की गई. वहीं चौथी एफआईआर विधायक क्षितिज ठाकुर, प्रतीक ठाकुर सहित 5-6 अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई.
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
बता दें कि शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता सुदेश चौधरी ने आरोप लगाया था कि विवांता होटल में क्षितिज ठाकुर और उनके कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की. उनके साथ मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ है. यह एफआईआर बीएनएस की धारा 118(1), 189 (2), 189 (3) और 115 के तहत दर्ज की गई.
मेरी छवि खराब करने की कोशिश-तावड़े
मीडिया से चर्चा के दौरान तावड़े ने कहा कि वोटिंग की पूर्व संध्या पर 19 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया ने कहा कि विनोद तावड़े को मतदाताओं को 5 करोड़ रुपये बांटते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया और इस तरह के नाटकीय बयान दिए थे. तावड़े ने पलटवार करते हुए कहा कि वे सिर्फ मुझे और मेरी पार्टी को बदनाम करना चाहते थे। मैं गंभीर रूप से आहत हूं। तावड़े ने कहा कि नालासोपारा वाले झूठे मामले में मैंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत को मानहानि का नोटिस भेजा है, क्योंकि उन्होंने इस मामले में झूठ फैलाकर मेरी और बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम किया है.
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
तावड़े ने कहा कि सत्य सबके समक्ष है कि चुनाव आयोग और पुलिस की जांच में कथित 5 करोड़ की राशि प्राप्त नहीं हुई. यह मामला पूरी तरह से कांग्रेस की निम्नस्तरीय राजनीति का प्रमाण है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी नेता विनोद तावड़े पर पैसे बांटने के आरोप लगे थे. बहुजन विकास आघाड़ी ने आरोप लगाएं हैं कि विनोद तावड़े पांच करोड़ रुपये लेकर मुंबई के एक होटल में पैसे बांटने के लिए पहुंचे थे. इसके बाद इस मामले में राहुल गांधी भी बीजेपी पर हमलावर दिखाई दिए थे. राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा था कि मोदी जी, यह 5 करोड़ किसके SAFE से निकला है? जनता का पैसा लौटकर आपको किसने टेंपो में भेजा है? इसके बाद पूरे मामला एक राजनीति बवंडर बना गया था.
