स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसील, थाना इत्यादि अन्य शासकीय भवनों के लिए जगह सुनिश्चित करने को लेकर हुआ मंथन.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jabalpur News: जबलपुर के विकास की योजनाओं के पुनर्विलोकन बैठक कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई. इस दौरान कलेक्टर सक्सेना ने कहा कि जबलपुर के विकास के लिए 2047 को लक्ष्य रखकर विकास का प्लान तैयार करें. 2047 में जबलपुर की अनुमानित जनसंख्या 30 लाख के आस-पास होगी, अत: उस हिसाब से माइक्रो प्लान तैयार कर कार्य करें.
इन विषयों को लेकर हुई चर्चा
बैठक में प्रमुख रूप से निवेश क्षेत्र एवं विस्तार, शहरी विकास एवं भूमि प्रयोग, जनसंख्या एवं भूमि की आवश्यकता, नगर की महत्वपूर्ण परियोजनाएं, विकास योजनाओं का आंकलन आदि पर विस्तार से चर्चा की गई. जबलपुर विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं पर पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन दिया गया.
यातायात पर फोकस करने पर हुआ चिंतन
कलेक्टर ने आगे कहा कि दो हजार की जनसंख्या वाले रेसिडेंसियल व अन्य सभी क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडर के लिए समुचित स्थान सुनिश्चित किया जाये. इसके अलावा उन्होंने कहा कि शहर की आवश्यकताओं व बढ़ती जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए यातायात व्यवस्था सुनिश्चित रखने के लिए पार्किंग व्यवस्था का भी प्लान करें. यदि वाहन पार्किंग व स्ट्रीट वेंडर के लिए समुचित जगह सुनिश्चित हो जाती है तो विकास के प्लान सार्थक होंगे. जनसंख्या व शहर के विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, तहसील, थाना इत्यादि अन्य शासकीय भवनों के लिए भी जगह सुनिश्चित करना होगा.
इनकी रही उपस्थिति
बैठक में पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, अपर कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती प्रीति यादव, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक गहलोत सहित जबलपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी मौजूद थे.
नया मास्टर प्लॉन बनने से जबलपुर को होगा फायदा
बेंगलुरु और गुरुग्राम की तर्ज पर इस टाउनशिप में मध्यम वर्ग के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी.
आवागमन को बेहतर बनाने के लिए यहाँ 9 से 12 मीटर चौड़ी सड़कों का नेटवर्क बनाया जाएगा.
शहर की सुंदरता और सुरक्षा के लिए बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सेवाएं पूरी तरह से अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) होंगी.
प्रत्येक ब्लॉक में विशेष सर्विस एरिया और अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी.
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जबलपुर को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.
इस योजना में जबलपुर के आस-पास के 62 गाँवों को शामिल किया गया है और इस प्रकार शहर की सीमा का विस्तार किया गया है.
शहरी क्षेत्रों के एकीकरण का उद्देश्य एक समन्वित महानगरीय क्षेत्र की स्थापना को सुगम बनाना है, जिससे आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और संस्थागत क्षेत्रों का एकसमान विकास सुनिश्चित होने की उम्मीद है.
बेतरतीब निर्माण को रोककर शहर का संतुलित विकास सुनिश्चित किया गया.
हरित पट्टियों के आवंटन के माध्यम से प्रकृति की सुरक्षा के लिए उन्नत उपाय.
आवास, उपभोक्ता वस्तुओं और विनिर्माण क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह की संभावना है.
स्मार्ट बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं के उपयोग के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा.
शहर की भूमि का उपयोग
बढ़ती आवासीय आवश्यकताओं के लिए नये आवासीय क्वार्टर.
परिवहन मार्गों और स्मार्ट सिटी जिलों में या उनके निकट स्थित व्यावसायिक केंद्र.
रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए निर्दिष्ट क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करना.
हरित पट्टी और पारिस्थितिकी-संवेदनशील क्षेत्र प्रकृति के लिए आरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित करना.
बुनियादी ढांचे का विकास
ट्रैफिक जाम को कम करने के उद्देश्य से सड़क संपर्क बढ़ाने की योजना में रिंग रोड को भी शामिल किया गया है.
शहर की बस सेवाओं में सुधार किया जाएगा तथा बस रैपिड ट्रांजिट प्रणाली की शुरुआत की जाएगी.
स्मार्ट सिटी मिशन यातायात, प्रशासन और उपयोगिताओं से संबंधित डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है.
2047 में शहरी विस्तार होगा
2047 के बाद जबलपुर की जनसंख्या दस गुना बढ़ जाएगी, इसलिए इस योजना में किफायती मकानों के निर्माण को बढ़ावा देना, पुरानी कॉलोनियों का पुनर्विकास और शहर के चारों ओर सैटेलाइट टाउनशिप का विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र को विकसित करने की योजना शामिल है.
मास्टर प्लॉन लागू होने में देरी
मास्टर प्लान 2021 की समय-सीमा खत्म हो चुकी है. अधिकारी अपने हिसाब से फेरबदल कर रहे हैं.
2047 की योजना अभी भी मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है और परामर्श के लिए खुली है तथा आपत्तियों और सुझावों का समाधान अभी किया जाना है.
नए शामिल किए गए गांवों में अधिकांश परियोजनाएं रुकी हुई हैं, क्योंकि कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं है.
