यूपी उपचुनाव की तारीख 13 नवंबर से बढ़कर 20 नवंबर हो गई है, अखिलेश यादव के विधायक का दावा बढ़ाएगा सियासी पारा
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
UP Bypolls 2024: उत्तर प्रदेश उपचुनाव के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को हटना तय है, ये दावा किया है सपा मुखिया अखिलेश यादव के विधायक हाजी रफीक अंसारी ने. सपा विधायक के इस बयान के बाद यूपी में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. अखिलेश के ये विधायक चुनाव की तारीख बदलने के फैसले पर भी बीजेपी को घेरने से पीछे नहीं रहे और मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर भी बड़ी बात कह डाली.
बीजेपी चुनाव जीते या हारे योगी का हटना तय
मेरठ की शहर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के लगातार दूसरी बार विधायक हाजी रफीक अंसारी बीजेपी पर जमकर बरसे. कहने लगे यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर हम उपचुनाव जीतेंगे, लेकिन उन्होंने जो दूसरी बात कही वो चर्चा का विषय बन गई. हाजी रफीक अंसारी ने कहा कि बीजेपी चुनाव जीते या हारे योगी का हटना तय है. हम चुनाव जीतेंगे और योगी हटेंगे, जब उनसे ये पूछा गया कि ये बात कहां से पता चली तो कहने लगे उनका का रूख बता रहा है और हवाओं का रूख भी बहुत कुछ कहानी कह रहा है. प्रदेश और देश के सियासी माहौल में सीएम योगी हटाने की चर्चा आम है और चुनाव के नतीजों का इंतजार कीजिए बाकी तस्वीर साफ हो जाएगी.
अगले वर्ष यानी 2026 में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं. योगी सरकार के इस कदम का सबसे ज्यादा असर असम, पश्चिम बंगाल और केरल पर पड़ेगा, जहां घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव लंबे समय से सामाजिक राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं. हालांकि यह एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन भाजपा को छोड़कर अन्य राजनीतिक दलों ने इसे अपने एजेंडा में प्रमुखता से जगह नहीं दी है.
भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद एक्शन में CM योगी
उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने आज भ्रष्टाचार के आरोपों ओ देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. सीएम योगी ने यूपी में स्टाम्प और रजिस्ट्री विभाग के सभी निबंधकों और उप निबंधकों के ट्रांसफर पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है. सीएम ने ट्रांसफर पर रोक के साथ साथ ट्रांसफर में हुए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने को भी निर्देशित किया है.
सहायक निबंधन के ट्रांसफर भी रोके गए
यूपी में मई और जून महीने को ट्रांसफर सीजन कहते हैं. इसमें सभी विभाग कर्मचारियों की मांग और विभाग की जरूरत के हिसाब से ट्रांसफर कर सकते हैं. इस ट्रांसफर सीजन में स्टाम्प एवं राजस्व विभाग में 58 उप निबंधकों के अलावा हाल ही में प्रमोट हुए 29 उप निबंधकों के ट्रांसफर को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है. इसके अलावा क्लर्क लेवल के 114 कनिष्ठ सहायक निबंधन के ट्रांसफर भी रोके गए हैं.
स्टाम्प एवं रजिस्ट्री विभाग के मंत्री ने क्या बताया?
इस मामले में यूपी के स्टाम्प एवं रजिस्ट्री विभाग के मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि सब रजिस्ट्रार और उससे नीचे के स्तर के अधिकारियों और बाबुओं के ट्रांसफर का अधिकार डायरेक्टर के पास होता है. उनसे ऊपर के ट्रांसफर प्रमुख सचिव की सहमति से किया जाता है. मंत्री रवीन्द्र जयसवाल ने कहा कि सब रजिस्ट्रार और बाबुओं के ट्रांसफर को बिना सहमति के आधार पर मनमाने तरीके से किए जाने की शिकायत के बाद सीएम ने रोक लगाने के साथ जांच का आदेश दिया है.
मंत्री रवींद्र जायसवाल ने ये भी बताया कि अधिकारियों ने मनमाने तरीके से 12वीं पास बाबुओं को रजिस्ट्रार बनाने का आदेश जारी कर दिया. साथ ही मनमानी जिलों में भेजने पर भी हुई है. जो योग्य नहीं था, उसे भी बड़े जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया है. इन्हीं शिकायतों को लेकर सीएम योगी ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंट की नीति के तहत ये आदेश जारी किया है.
संघ-भाजपा की जीत वाली नई रणनीति, योगी के साथ बड़ा दांव
उत्तर प्रदेश में घुसपैठ पर योगी आदित्यनाथ का ताजा आदेश आने वाले समय में संघ-भाजपा की रणनीति का स्पष्ट संकेत देता है. घुसपैठ और जनसांख्यिकीय असंतुलन को राष्ट्रीय मुद्दा बनाते हुए योगी की सख्त प्रशासक की छवि का इस्तेमाल किया जा रहा. असम के बाद उत्तर प्रदेश ही एकमात्र राज्य है जिसने इस दिशा में सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है.
