BRICS देशों को धमकी : डोनाल्ड ट्रम्प अगले साल 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
USA News : नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने BRICS देशों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है. ट्रम्प ने कहा, ‘हमें BRICS देशों से गारंटी चाहिए कि वो ट्रेड के लिए अमेरिकी डॉलर की जगह, कोई नई करेंसी नहीं बनाएंगे. अगर ऐसा होता है तो उन्हें अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 100% टैरिफ देना होगा.
क्या BRICS अपनी करेंसी बनाने वाला है
BRICS में भारत, रूस और चीन समेत उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले 9 देश शामिल हैं. इस साल अक्टूबर में रूस के कजान में BRICS देशों की समिट हुई थी. हालांकि सदस्य देशों के बीच करेंसी बनाने को लेकर सहमति नहीं बन पाई.
डॉलर के दम पर अमेरिका अरबों कमाता है
1973 में 22 देशों के 518 बैंक के साथ SWIFT नेटवर्क शुरू हुआ था. फिलहाल इसमें 200 से ज्यादा देशों के 11,000 बैंक शामिल हैं. जो अमेरिकी बैंकों में अपना विदेशी मुद्रा भंडार रखते हैं. अब सारा पैसा तो व्यापार में लगा नहीं होता, इसलिए देश अपने एक्स्ट्रा पैसे को अमेरिकी बॉन्ड में लगा देते हैं, जिससे कुछ ब्याज मिलता रहे. सभी देशों को मिलाकर ये पैसा करीब 7.8 ट्रिलियन डॉलर है. यानी भारत की इकोनॉमी से भी दोगुना ज्यादा.
करेंसी बनाने पर BRICS देशों में सहमति नहीं
BRICS में शामिल सदस्य देशों के बीच करेंसी बनाने को लेकर सहमति नहीं हो पाई है. इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान भी नहीं आया है. इस साल रूस में हुई BRICS देशों की समिट से पहले इसकी करेंसी को लेकर चर्चा तेज थी. हालांकि समिट से पहले ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ये साफ कर दिया था कि BRICS संगठन अपनी करेंसी बनाने पर विचार नहीं कर रहा है. समिट में BRICS देशों के अपने पेमेंट सिस्टम को लेकर चर्चा हुई थी. इस पेमेंट सिस्टम को ग्लोबल SWIFT पेमेंट सिस्टम की तर्ज पर तैयार करने को लेकर चर्चा हुई थी. भारत ने BRICS देशों को पेमेंट सिस्टम के लिए अपना UPI देने की पेशकश की थी.
ब्रिक्स में ये देश हैं शामिल
हालांकि जो भी देश ऐसा करने की कोशिश करेगा, उसे शुल्क को नमस्ते और अमेरिका को अलविदा कह देना चाहिए.’’ ट्रंप ने ब्रिक्स सदस्य देशों द्वारा अपनी मुद्रा जारी करने के किसी भी कदम की बार-बार आलोचना की है और यह अब तक का उनका सबसे कड़ा विरोध है. दिसंबर में भी ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को इस तरह के कदम के खिलाफ चेतावनी दी थी. ब्रिक्स दस देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात का एक अंतर-सरकारी संगठन है.
2009 में गठित ब्रिक्स एकमात्र प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समूह है जिसका अमेरिका हिस्सा नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में इसके कुछ सदस्य देश विशेष रूप से रूस और चीन अमेरिकी डॉलर का विकल्प या ब्रिक्स मुद्रा बनाने की मांग कर रहे हैं. ब्रिक्स के एक महत्वपूर्ण स्तंभ भारत ने कहा है कि वह ‘डी-डॉलराइजेशन’ (विश्व व्यापार और वित्तीय लेनदेन में डॉलर के उपयोग में उल्लेखनीय कमी) के खिलाफ है. विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने दिसंबर में कहा था कि भारत कभी भी ‘डी-डॉलराइजेशन’ के पक्ष में नहीं रहा है और ब्रिक्स मुद्रा बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और रूस को दी चेतावनी’
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव से पहले जो कहा था, वो उस रास्ते पर चलते नजर आ रहे हैं. रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को ब्रिक्स देशों को धमकाया. ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ब्रिक्स देश अपनी कोई नई करेंसी लेकर आते हैं और अमेरिकी डॉलर से व्यापार नहीं करते हैं, तो उन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है. ट्रंप ने यह धमकी सोशल मीडिया पर किये एक पोस्ट में दी है, जिसमें लिखा है कि मांग की कि ब्रिक्स सदस्य देश नई मुद्रा नहीं बनाने या किसी अन्य मुद्रा का समर्थन नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध हों जो अमेरिकी डॉलर की जगह लेगी या 100% टैरिफ का सामना करेगी.
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘हमें इन देशों से एक प्रतिबद्धता की जरूरत है कि वे न तो एक नई ब्रिक्स मुद्रा बनाएंगे, न ही शक्तिशाली अमेरिकी डॉलर को बदलने के लिए किसी अन्य मुद्रा को वापस लेंगे या, उन्हें 100% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. या फिर अमेरिका के बाजार को अदविदा कहना होगा.’
इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ‘ऐसे देश किसी अन्य मार्केट की तलाश कर सकते हैं. ऐसी कोई संभावना नहीं है कि ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर की जगह ले लेगा, और जो भी देश ऐसा करने की कोशिश करेगा उसे अमेरिका को अलविदा कह देना चाहिए.’
ट्रंप की ‘टैरिफ धमकी’ से परेशान कनाडा
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि टैरिफ पर नव निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. ट्रंप ने सोमवार घोषणा की कि पदभार ग्रहण करते ही वह कनाडा और मैक्सिको से आने वाले सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे. उन्होंने कहा कि वह तब तक टैरिफ लागू रखेंगे, जब तक दोनों देश अपने क्षेत्रों से अवैध रूप से अमेरिका में ड्रग्स और अप्रवासियों के प्रवाह को नहीं रोकते. सांख्यिकी कनाडा के अनुसार, इस वर्ष के पहले नौ महीनों में कनाडा ने अमेरिका को 300 बिलियन डॉलर से अधिक का सामान निर्यात किया.
