Indore Metro प्रोजेक्ट का सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर शहर को आधुनिक परिवहन की नई राह पर ले जाएगा. भोपाल में आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन के दौरान इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम चरण का वर्चुअल शुभारंभ किया गया.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Indore Metro Inauguration by PM Modi: देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बनाने वाले इंदौर को एक और सौगात मिल गई है. भोपाल में आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन के दौरान इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम चरण का वर्चुअल शुभारंभ किया गया. मेट्रो परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 1520 करोड़ रूपये की लागत से निर्माण कार्य हुआ है. यह यलो लाइन मेट्रो परियोजना 6 किलोमीटर के रूट पर संचालित होगी. मेट्रो में 900 से अधिक यात्रियों की क्षमता है तथा इसमें सभी आधुनिक, सुगम एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं. यात्रियों की सहूलियत के लिए स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, एआई आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और क्यूआर कोड आधारित टिकट प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी स्थापित की गई हैं.
आज (31 मई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में शामिल हुए, जहां से वर्चुअली इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवा का शुभारंभ किया. यह शुभ अवसर लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर आयोजित किया गया था.
CM यादव ने मेट्रो का किया सफर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव-उद्घाटित इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के गांधीनगर स्थित देवी अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण किया. लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किये. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन से झलकारी बाई मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की. वह अहिल्याबाई मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन से वापस भी आये. उन्होंने यात्रा के दौरान मेट्रो रेल संचालन कक्ष का अवलोकन किया. मेट्रो रेल संचालन से जुड़े अधिकारियों से तकनीकी और प्रबंधकीय पहलुओं की जानकारी प्राप्त की. यात्रा के दौरान उन्होंने महिला यात्रियों से भी संवाद किया और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के विषय में प्रतिक्रियाएं और अनुभव जाने.
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की क्या है खासियत?
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण की सबसे बड़ी खासियत इसका सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर है, जिसकी लंबाई लगभग 6 किलोमीटर है. यह येलो लाइन का हिस्सा है, जिसमें 5 प्रमुख स्टेशन-गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर 6, 5, 4 और 3 स्टेशन शामिल हैं. यह कॉरिडोर न केवल शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि प्रदूषण को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह कॉरिडोर इंदौर को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर की दिशा में अग्रसर करने वाला है.
कुल 28 स्टेशन बनेंगे
पूरे इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 31.32 किलोमीटर है, जिसमें 22.62 किलोमीटर एलेवेटेड और 8.7 किलोमीटर भूमिगत मेट्रो लाइन शामिल है. येलो लाइन पर कुल 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ते हुए शहरी यात्रा को आसान, तेज और सुरक्षित बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 7,500 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पहले चरण के 6 किलोमीटर के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर लगभग 1,520 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
पार्किंग की कमी भी परेशानी
पता चला है कि बापट चौराहे को छोड़कर ज्यादातर खुले मेट्रो स्टेशनों पर फिलहाल पर्याप्त वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है. इससे दोपहिया या चारपहिया वाहन से स्टेशन पहुंचने वाले लोगों को परेशानी होती है. मेट्रो का मार्ग अभी आईएसबीटी कुमेड़ी, देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट और खजराना चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों तक भी नहीं पहुंचा है. इन क्षेत्रों के सीधे जुड़ने पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. यदि आम आदमी को पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलेगी तो मेट्रो के सफर पर असर पड़ सकता है.
मेट्रो में यात्रा के लिए कई प्रकार की छूट दी गई
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कई छूट भी शुरू की हैं. वापसी यात्रा पर 5 प्रतिशत और समूह में टिकट लेने पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. मोबाइल एप पर राशि जमा करने पर 8 से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त लाभ भी दिया जा रहा है. इससे न केवल यात्रियों में इजाफा होगा. बल्कि मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा भी मिलेगा. जिससे सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सकती है.

