PM मोदी ने 31 मई को भोपाल से दतिया और सतना के नवनिर्मित एयरपोर्ट्स का वर्चुअल लोकार्पण किया.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Satna and Datia Airports News: दतिया व सतना के हवाई सेवा से जुड़ने से अब मां पीतांबरा और मां शारदा देवी के दर्शन और सुलभ हो जाएंगे. बुंदेलखंड और बघेलखंड की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. आज भारत को अहिल्याबाई की प्रेरणा से अपना परिश्रम और सामर्थ्य बढ़ाना है. रानी कमलापति, रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई, रानी चेनम्मा जैसे नाम हमें गौरव से भर देते हैं. हमें भारत की नींव मजबूत करनी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (31 मई) लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर भोपाल पहुंचे थे. जंबूरी मैदान में आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में पीएम शामिल हुए थे, इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई ने अपने कार्यकाल में विकास के साथ विरासत को सहेजा था. आज का भारत भी इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है.
इस मौके पर पीएम मोदी ने दतिया और सतना के नवनिर्मित एयरपोर्ट्स का वर्चुअल लोकार्पण किया. इन दोनों हवाई अड्डों के शुभारंभ से मध्य प्रदेश के 2 प्रमुख क्षेत्रों में यातायात, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति मिलेगी.
दतिया एयरपोर्ट की क्या है खासियत?
दतिया एयरपोर्ट का निर्माण 60 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है और यह 124 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है. इसमें 1.81 किलोमीटर लंबा रन-वे, दो चेक-इन काउंटर और 50 कारों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध है. फ्लाई बिग एयरलाइन की 19 सीटर विमान सेवा यहां से सप्ताह में 4 दिन संचालित की जाएगी.
दतिया धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण
श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट खासा फायदेमंद रहेगा क्योंकि दतिया धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है. एयरपोर्ट पर पेयजल, टेंट, सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई, मेडिकल, एम्बुलेंस जैसी सुविधाओं के साथ गर्मी को ध्यान में रखते हुए ओआरएस पैकेट, अस्थायी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की भी व्यवस्था की गई है.
सतना एयरपोर्ट की ये है खासियत
सतना एयरपोर्ट की यदि बात करें तो इसका निर्माण ₹37 करोड़ की लागत से पुरानी हवाई पट्टी का पुनर्निर्माण के रूप में किया गया है. 1200 मीटर लंबे रनवे के साथ, इस एयरपोर्ट पर 19 सीटर विमानों की आवाजाही की सुविधा होगी. एक समय में 2 विमानों की पार्किंग की क्षमता भी यहां उपलब्ध है, जिससे इसका प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
सतना एयरपोर्ट पर 750 वर्गमीटर में टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, वीआईपी लाउंज, दिव्यांगजनों हेतु सुविधाएं और आधुनिक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. एयरपोर्ट की 5.5 किमी लंबी बाउंड्री वॉल इसे सुरक्षित बनाती है.
सतना के लिए क्यों फायदेमंद है एयरपोर्ट
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल सतना बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे. इन दोनों हवाई अड्डों का शुभारंभ मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करेगा.
पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विमानन विभाग की समीक्षा की है. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू ने मध्यप्रदेश की प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही है. इसके तहत पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे. इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है. इसके अलावा सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की एयरस्ट्रिप्स को भी भविष्य में एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है.
पहले चरण में पांच एयरपोर्ट बनेंगे
मध्यप्रदेश में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे. इनमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने में पूरी मदद करेगी.
सिंहस्थ से पहले शुरू होगा उज्जैन एयरपोर्ट
केंद्रीय मंत्री ने उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर तक हासिल करने को कहा गया है. वहीं, सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट अहम भूमिका निभाएगा. शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए नई साइट की तलाश भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

