तेहरान में हमास सुप्रीम की हुई हत्या के बाद दुनिया की नजर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर है. मोसाद इजरायल की ऐसी खुफिया एजेंसी है, जिसका डंका पूरी दुनिया में बजता है. फिलहाल, इजरायल की तरफ से इसपर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: सुप्रिया
Ismail Haniya Murder: ईरान की राजधानी तेहरान में हमास सुप्रीम इस्माइल हानिया की हत्या हुई है. यह हत्या ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पद की सपथ ली. ईरानी IRGC ने बताया कि इस्माइल हानिया और एक गॉर्ड की हत्या उसके तेहरान स्थित आवास में की गई.
हिजबुल्लाह से जुड़ी समाचार साइट अल मायादीन ने दावा किया है कि इस्माइल हानिया की हत्या इजरायल ने की है. इस हत्या में इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ है. फिलहाल, इजरायल की तरफ से इसपर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.
इजरायल के लिए खुफिया एजेंसी मोसाद और देशों में सफल अभियान…
इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का पूरा नाम ‘सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलिजेंस एंड स्पेशल ऑपरेशंस’ है. इसके अलावा इजरायल में अमन और शिन बेट भी खुफिया एजेंसी के तौर पर काम करती हैं. मोसाद पर पहले भी ईरान में हुई कई हाई प्रोफाइल हत्याओं का आरोप लग चुका है.
मोसाद का प्रमुख काम विदेशी खुफिया जानकारी जुटाना, खुफिया विश्लेषण और खुफिया अभियानों को अंजाम देना है. यह एजेंसी दिसंबर 1949 से ब्रिटिश शासनादेश अवधि के दौरान फिलिस्तीन में यहूदी सैन्य बल की खुफिया शाखा के तौर पर काम कर रही थी.
रूवेन शिलोआ का मोसाद का पहला डायरेक्टर चुना गया था. इजरायल की स्थापना के बाद यह एजेंसी लगातार इजरायल के लिए काम कर रही है और कई देशों में सफल अभियान चलाया है.
रूसी फाइटर जेट की चोरी कर चुका है मोसाद
इजरायल की एजेंसी मोसाद रूस के सुपरसोनिक फाइटर जेट मिग-21 को चोरी कर चुका है. मिग-21 60 के दशक में दुनिया के सबसे तेज उड़ने वाला लड़ाकू विमान था. इस विमान स्पीड इतनी अधिक थी कि अमेरिका भी मिग-21 से डरता था.
इस्माइल हानिया हत्या में मोसाद पर शक क्यों?
इसके अलावा मोसाद साल 1972 में हुए म्यूनिख ओलंपिक में 11 इजरायलियों की हत्या करने वालों को कई देशों में खोजकर हत्या कर दी थी. मोसाद के इस बदले की कार्रवाई की चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी. खिलाड़ियों की हत्या का आरोप फिलिस्तीन के ब्लैक सेप्टेंबर और फिलीस्तीन लिबरेशन अर्गनाइजेशन पर लगा था.
आतंकियों को 11-11 गोलियां मारा करते थे
इस ऑपरेशन में मोसाद ने सभी आतंकियों को 11-11 गोलियां मारा करते थे. इसके अलावा मोसाद ने अर्जेंटीना में नाजी युद्ध अपराधी एडोल्फ एकमैन का अपहरण कर लिया था. इसके अलावा भी दुनिया के कई देशों में मोसाद कई गुप्त अभियान चला चुका है. ऐसे में एक बार फिर इस्माइल हानिया की हत्या में दुनिया को मोसाद पर शक हो रहा है.
अमेरिका ने कहा- हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं
बीबीसी की रिपोर्ट की मानें तो अब तक इस बारे में इसराइल ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं अमेरिका ने कहा है कि इस हमले से उसका कोई लेना-देना नहीं है.
हनिया तेहरान में कहां रुके थे, इस बारे में न तो आधिकारिक जानकारी सामने आई थी और न ही उनकी मौत के बारे में कोई अधिक विवरण सामने आया.
इतना ही नहीं, क्राइम सीन यानी घटनास्थल की कोई तस्वीर और वीडियो तक जारी नहीं किया गया. यहां तक कि हनिया और उनके बॉडीगार्ड की भी कोई फोटो जारी नहीं की गई.
हनिया और उसके बॉडीगार्ड की मौत की खबर चर्चा में
हनिया और उनके बॉडीगार्ड की इस तरह से मौत की ख़बर पूरे इलाके़ के लिए बड़ी खबर है, क्योंकि मौजूदा हालात में इसके बाद मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध का ख़तरा और भी बढ़ गया है.
इस घटना के बाद हमास और इसराइल के बीच युद्धविराम को लेकर चल रही बातचीत की संभावनाओं पर भी अब सवाल खड़े हो गए हैं.
ईरान से लेकर हमास, लेबनान के हिज़्बुल्लाह और इराक़, सीरिया और यमन में मौजूद ताकतों ने इसका बदला लेने की बात की है.
ये भी महत्वपूर्ण है कि हनिया पर हमले से एक दिन पहले इसराइली सेना ने कहा था कि उसने बेरुत में हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडरों में से एक फौद शुक्र को मार दिया है.
