Jagadguru Shri Rambhadracharya ने कहा कि भगवाधारी को ही राजनीति करनी चाहिए, ये कहां लिखा है कि राजनीति गुंडों को करनी चाहिए.
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By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Mallikarjun Kharge statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर सियासत गरमाई हुई है. इस पूरे विवाद पर जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य का बयान आया है. उन्होंने कहा कि ये कहां लिखा है? कि राजनीति भगवाधारियों को नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भगवाधारी को ही राजनीति करनी चाहिए. ये रंग भगवान का रंग है.
‘भगवाधारी’ को राजनीति करनी चाहिए. भगवा ‘भगवान’ का रंग है. उन्होंने कहा कि शिवाजी ने उसी भगवा ध्वज को फहराया और पूरे देश और महाराष्ट्र को एकजुट किया. भगवाधारी को राजनीति करनी चाहिए. योगी आदित्यनाथ के ‘बटोगे तो काटोगे’ नारे की आलोचना करते हुए खड़गे ने मुंबई में कहा कि जो लोग भगवा पहनते हैं और संत होने का दावा करते हैं, उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए.
कहां लिखा है कि राजनीति गुंडों को करनी चाहिए?
रामभद्राचार्य ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि कहां लिखा है कि राजनीति गुंडों को करनी चाहिए, राजनीति लफंगों को करनी चाहिए. राजनीति भगवाधारी को ही करनी चाहिए. ये भगवा रंग भगवान का रंग है. इस भगवा को रंग का ध्वज फहराकर शिवाजी ने पूरे महाराष्ट्र को एकजुट किया था. भगवाधारी को ही राजनीति करनी चाहिए. सूट-बूट वाले को राजनीति नहीं करनी चाहिए.
कई नेता साधुओं के वेष में रहते हैं
एक चुनावी सभा में सीएम योगी का नाम लिए बिना उनके भगवा वस्त्रों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निशाना साधते हुए कहा कि कई नेता साधुओं के भेष में रहते हैं और वो अब राजनेता बन गए हैं और कुछ तो मुख्यमंत्री भी बन गए हैं. वो गेरुआ कपड़े पहनते हैं और उनके सिर पर बाल नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी से कहूंगा या तो सफेद कपड़े पहने या अगर आप संन्यासी हैं और गेरुआं कपड़े पहनते हैं तो राजनीति से बाहर जाए.
बीजेपी की ओर से आई प्रतिक्रिया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के इस बयान पर बीजेपी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी की ओर से यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि ये कांग्रेस नहीं तय करेगी कि साधु संत क्या पहनेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सनातन संस्कृति और साधु-संतो पर जो बयान दिया है उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए. जिस तरह से मुगल अक्रांताओं ने सनातन को खत्म करने का प्रयास किया था, लेकिन फिर भी आज सनातन दुनिया को दिशा दिखा रहा है. साधु-संत क्या पहनेंगे ये कांग्रेस पार्टी तय नहीं करेगी, जो खुद भ्रष्टाचार के आकंठ दलदल में डूबी हुई है.
भाजपा और सहयोगी दलों ने की तीखी आलोचना
ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास हमेशा से झूठ बोलने और समाज में दरार डालने का रहा है. कांग्रेस ने कभी भी हिन्दू धर्म और सनातन संस्कृति का सम्मान नहीं किया. कांग्रेस पार्टी की तुलना मुगल आक्रांताओं से करते हुए ब्रजेश पाठक ने तत्काल माफी मांगने के लिए कहा.
ओम प्रकाश राजभर ने भी की निंदा
वहीं, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बांटकर सत्ता हासिल करने का है. कांग्रेस ने पिछड़े, दलित और मुस्लिम समुदायों को धोखा दिया है. सत्ता में रहते हुए इस पार्टी ने कभी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और किसानों के हित पर ध्यान नहीं दिया. बिना वजह की बयानबाजी करके ये केवल चर्चा में बने रहना चाहते हैं.
संत समाज की कड़ी प्रतिक्रिया
खरगे के बयान पर संत समाज ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि खरगे का बयान घटिया और निंदनीय है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि अगर वह हिन्दू धर्म और सनातन संस्कृति पर हमले करना बंद नहीं करती, तो संत समाज इसका कड़ा प्रतिकार करेगा.
स्वामी जितेन्द्रानंद ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी को ऑल इंडिया चर्च कमेटी बताते हुए कहा कि वह हिन्दू और सनातन धर्म पर प्रहार करना छोड़ दें, अन्यथा संत समाज कड़ा प्रतिकार करेगी.
अयोध्या के संत स्वामी करपात्री जी महाराज ने भी खरगे के बयान की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के नाम में ‘खड़ग’ होता है, जिसका काम होता है बांटना और काटना, जबकि योगी आदित्यनाथ का नाम ‘योग’ से जुड़ा है, जिसका मतलब होता है जोड़ना. स्वामी करपात्री जी ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा हिन्दू धर्म पर हमला करने वालों का समर्थन किया है.
