बरगी माध्यमिक विद्यालय के छात्र SP को शिकायत पत्र देकर कहा “मैडम के साथ गंदी हरकत करते हैं प्रिंसिपल…’
Source : DB News Update
By : DB News Update| Edited by : प्रिंस अवस्थी
MP News: जबलपुर के बरगी नगर स्थित शासकीय माध्यमिक उच्चतर विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं एसपी आफिस पहुंचकर अपने प्रींसिपल की करतूतों का खुलासा किया है. एसपी को लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि हमारे स्कूल के प्रिंसिपल अच्छे नहीं है. लिखित शिकायत में बताया गया कि स्कूल में पोस्टेड एक महिला टीचर का कहना है कि प्रिंसिपल किशन राय खेड़े स्कूल में जॉइनिंग के बदले में दैहिक शोषण की डिमांड कर रहे हैं.
यह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है, जहां एक प्रिंसिपल द्वारा नौकरी की ज्वाइनिंग (ज्वाइनिंग के बदले अस्मत) के लिए महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग करने का आरोप लगा है. पीड़ित महिला ने इस उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ जिले के पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है.
कार्यस्थल या नौकरी के दौरान इस तरह का यौन उत्पीड़न कानूनन एक संगीन अपराध है. भारत में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और कानूनी अधिकार दिए जाने के बाद भी ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं.
पुलिस अधिकारी को लिखित शिकायत देते हुए टीचर और छात्रों ने उनकी गंदी हरकतों को लेकर कहा कि छात्रांए और स्कूल की टीचर परेशान हैं. स्कूल में पदस्थ गेस्ट टीचर ने बताया कि प्रिंसिपल किशन राय खेड़े स्कूल में ज्वाइनिंग देने के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग कर रहें हैं.
क्या है मामला
बरगी नगर के प्राचार्य पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं और एक महिला अतिथि शिक्षक ने 40 किलोमीटर की यात्रा कर जबलपुर एसपी कार्यालय पहुंची और उनके द्वारा प्राचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई. छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने स्कूल का माहौल असुरक्षित बना दिया है. उनका कहना है कि प्राचार्य उन्हें लगातार मानसिक तनाव में डालते हैं. कक्षा 12 की एक छात्रा ने बताया कि जब उसने प्राइवेट एडमिशन लेकर पढ़ाई की अनुमति मांगी, तो प्राचार्य ने उसे अकेले में बुलाया.
महिलाओं को कानूनी अधिकार और सुरक्षा के उपाय
भारतीय न्याय संहिता (BNS) / IPC: कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न या नौकरी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने की मांग करना कानूनन दंडनीय अपराध है. पीड़ित महिला इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सीधे वरिष्ठ अधिकारियों (जैसे SP) से कर सकती है.
POSH एक्ट (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013): हर सरकारी और निजी संस्थान (जहां 10 या अधिक कर्मचारी हों) में एक आंतरिक शिकायत समिति (ICC) होना अनिवार्य है. पीड़ित महिला इस समिति में भी लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है.
शी-बॉक्स (She-Box): केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए शी-बॉक्स पोर्टल पर सरकारी या निजी क्षेत्र की कोई भी महिला कर्मचारी कार्यस्थल पर हुए यौन उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती है.
इधर इंदौर में लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा शिक्षक
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय बालक क्रमांक-1 संयोगितागंज के प्राचार्य और नोडल अधिकारी राजकुमार चेलानी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है. आरोपी पर एक निजी स्कूल की शिकायत का निराकरण करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है. मामले की शिकायत इदरिस नगर निवासी और द इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल संचालक रवि जायसवाल ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी. शिकायत में बताया था कि उनके स्कूल के खिलाफ एक अभिभावक ने शिकायत की थी.
10 रुपये की मांग पर पकड़ा गया
इस शिकायत के निराकरण के एवज में संकुल प्राचार्य राजकुमार चेलानी 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे. शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई.
जैसे ही रुपए दिए, टीम ने दबोच लिया.
प्राचार्य ने रिश्वत की राशि लेकर आवेदक को स्कूल बुलाया था. इसके बाद लोकायुक्त की ट्रैप टीम सक्रिय हो गई. जैसे ही प्राचार्य ने आवेदक से 10 हजार रुपए लिए, टीआई प्रतिभा तोमर और हेड काॅन्स्टेबल आशीष शुक्ला की टीम ने उन्हें पकड़ लिया. आरोपी राजकुमार चेलानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम-2018 की धारा-7 के तहत कार्रवाई की जा रही है.
महिलाओं को ऐसे मिलती है हेल्प
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