Bangladesh Violence : बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग पर बवाल, झड़प में अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत
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By : DB News Update | Edited By: Supriya
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस झड़प में अब तक कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है. कट्टरपंथियों ने हिंदुओं और मंदिरों पर हमले किए. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्कॉन और काली मंदिरों समेत हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया गया. हंगामे को देखते हुए भक्तों को शरण लेने के लिए मजबूर पड़ा. हिंसा में एक हिंदू की भी मौत हुई है. ऐसे में भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है. भारत ने लोगों को यात्रा से बचने को कहा.बांग्लादेश में इस समय इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया गया है, वहां पूरे देश में कर्फ्यू लागू है.
इसलिए जल रहा बांग्लादेश
पिछले दिनों बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर काफी बवाल हुआ था, जिसे वहां के सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया था. अब प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे पर हुए बवाल को लेकर ही सरकार से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. रविवार को स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन के बैनर तले असहयोग कार्यक्रम में प्रदर्शनकारी भाग लेने पहुंचे थे. अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई.
बांग्लादेश के ये प्रमुख मंदिर निशाने पर
मीडिया में चल रहीं खबरों के अनुसार बांग्लादेश में बढ़ती अशांति के मद्देनजर, खुलना डिवीजन में स्थित मेहरपुर में एक इस्कॉन मंदिर का टारगेट किया था. जिसमें प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी गई है. इस घटना ने भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा देवी के पवित्र देवताओं सहित मंदिर को नष्ट कर दिया है. बता दें, इस मंदिर की काफी मान्यताएं हैं. जगन्नाथ रख यात्रा के दौरान यहां काफी श्रद्धालु दर्शन करते आते हैं. स्थिति ठीक होने के बाद हो सकता है, मंदिर का निर्माण फिर से किया जाए.
ढाकेश्वरी नेशनल मंदिर ढाका में एक हिंदू मंदिर है, जो काफी प्राचीन है. इसे बांग्लादेश का ‘नेशनल मंदिर’ भी कहा जाता है. मान्यता है कि, यहां देवी सती के मुकुट का मणि गिरा था. इस मंदिर की गिनती 51 शक्तिपीठों में होती है. यहां ढाकेश्वरी देवी की पूजा होती है, जो देवी दुर्गा का अवतार मानी जाती हैं. इसका निर्माण 12 वीं शताब्दी में सेन वंश के राजा बल्लाल सेन ने करवाया था.
चंद्रनाथ मंदिर बांग्लादेश में चटगांव के पास स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है, जहां हिंदू पवित्र ग्रंथों के अनुसार, देवी सती की दाहिनी भुजा गिरी थी. चंद्रनाथ मंदिर हिंदुओं का एक तीर्थ स्थल है. इसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 1,020 फीट (310 मीटर) है. चंद्रनाथ मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम नहीं है.
आदिनाथ मंदिर, बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के तट पर महेशखली द्वीप पर मैनाक पहाड़ी के शिखर पर स्थित है. यहां भगवान शिव की पूजा की जाती है. यह मंदिर बंगाली कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन महीने में लगने वाले वार्षिक मेले के लिए प्रसिद्ध है. 13 दिनों तक चलने वाले इस मेले में पूरे बांग्लादेश से हजारों हिंदू आते हैं.
पुथिया मंदिर बांग्लादेश के राजशाही जिले में बना हुआ है. ये बांग्लादेश में सबसे ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है. मंदिर श्याम सागर नामक झील के चारों ओर बने हैं और मंदिर के आस पार शिव सागर नाम की खाई है. पुथिया शिव मंदिर बांग्लादेश का सबसे बड़ा शिव मंदिर है. कुछ समय पहले पाकिस्तानी सेना ने मंदिर में बसे शिवलिंग को विस्थापित करने और तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन वे इसे अपने स्थान से हिलाने में असमर्थ रहे थे.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमले
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. पिछले दिनों हिंदू संन्यासी चिन्मय कृष्ण दास को गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया.
हालांकि, बांग्लादेश की चटगांव की अदालत ने हिंदू संन्यासी चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने से इनकार कर दिया था. हिंदू संत को जमानत ना मिलने पर इस्कॉन कोलकाता ने इसको दुखद बताया था. चिन्मय कृष्ण दास को जमानत ना मिलने पर इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने कहा कि सुनवाई के दौरान एक अच्छी बात यह रही कि अदालत में वकीलों ने चिन्मय दास का पक्ष रखा. इससे पहले सुनवाई के दौरान वकीलों को पक्ष रखने की अनुमति नहीं मिली थी. उन्होंने कहा था कि यह दुखद है कि उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया.
