Sawan Mahakal Darshan: सावन के तीसरे सोमवार भगवान महाकाल के दरबार में भक्तों का तांता लगा हुआ है. यदि उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी के दौरान 10008 से ज्यादा डमरु बजा दिए जाएं तो उज्जैन का विश्व रिकॉर्ड बन जाएगा.
By : DB News Update : Edited By- Supriya
Source : DB News Update
Mahakal Darshan: उज्जैन.सावन महीने के प्रत्येक सोमवार भगवान महाकाल के पट रात 2:30 बजे ही खोल दिए जाते हैं, जिसके बाद भगवान महाकाल का दूध, दही, जल आदि से अभिषेक किया जा रहा है.इस दौरान शिव भक्तों का लगातार दर्शन करने का क्रम जारी है. भगवान महाकाल के दरबार में ब्रह्म मुहूर्त में भस्म आरती की जा रही है, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं. भगवान महाकाल को भस्म आरती में भी फल और फूल का भोग लगाया जा रहा है. जो शिव भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने नहीं पहुंच पाते हैं उन्हें सवारी के माध्यम से दर्शन देने के लिए खुद भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं.
वर्ड रिकार्ड बनाने की तैयारी
भगवान महाकालेश्वर की पहली और दूसरी सवारी के दौरान कुछ नए प्रयोग के जरिए सवारी को और भी भव्यता देने की कोशिश की गई. जहां पहली सवारी में जनजाति समुदाय के लोक कलाकारों को प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया था. वहीं दूसरी सवारी में 350 पुलिस कर्मियों के बैंड ने प्रस्तुति देकर सवारी के भव्यता को और अधिक बढ़ाने के प्रयास किए गए. अब तीसरी सवारी में डमरू बजाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया जाएगा. उज्जैन के कलेक्टर और महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा के दौरान बातों ही बातों में यह भी विचार व्यक्त कर दिए थे कि डमरू बजाकर भी भगवान महाकाल की सवारी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जा सकता है.
यहां से आएंगे डमरू वादक
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो उज्जैन में भोपाल, छतरपुर सहित अन्य स्थानों से आए 700 डमरू वादक और उज्जैन के 800 स्थानीय डमरू बजाने वाले लोग मिलकर डमरू बजाएंगे, जिससे विश्व रिकॉर्ड बन जाएगा.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयोग
इससे पहले भी ग्वालियर में आयोजित तानसेन समारोह में दिसंबर 2023 में 1282 तबला वादकों ने एक साथ तबला बजाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके बादखजुराहो में 50वें नृत्य समारोह में 1484 कलाकारों ने नृत्य कला के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाया. हाल ही में इंदौर में एक साथ एक ही दिन में 11 लाख पौधे लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया गया. अब भगवान महाकाल की सवारी में डमरू की प्रस्तुति वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने की तैयारी है.
न्यूयार्क में 488 डमरू बजाने का है रिकार्ड
उज्जैन कलेक्टर की मानें तो न्यूयॉर्क में 488 डमरू बजाकर एनआरआई ने एक विशेष आयोजन के जरिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था. उज्जैन में अब भगवान महाकाल की सवारी में इसका रिकॉर्ड तोड़ा जाएगा.
1500 डमरू 10 मिनट तक बजेंगे
बता दें कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल की सवारी में लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं. कलेक्टर ने बताया कि रिकार्ड बनाने के लिए भगवान महाकाल की तीसरी सवारी के मार्ग पर करीब 1500 वादक डमरू बजाकर 10 मिनट प्रदर्शन करेंगे. डमरू वादक संस्कृति विभाग भोपाल से कलाकार और बाबा महाकाल की सवारी के साथ चलने वाली भजन मंडली के सदस्य होंगे. हलांकि इससे भी ज्यादा डमरू बजाने का रिकार्ड दर्ज है. इस रिकार्ड को तोड़ने के लिए इससे ज्यादा डमरू बजाने हाेंगे.
1008 डमरू का तोड़ा जा सकता है विश्व रिकॉर्ड
बताया जा रहा है कि भगवान महाकाल की सवारी में वर्तमान में भजन मंडली के रूप में चलने वाले 1000 से ज्यादा श्रद्धालु डमरू और अन्य वाद्य यंत्र लेकर चलते हैं. दूसरी तरफ नासिक और काशी के 1000 कलाकारों द्वारा भी सवारी में डमरू की प्रस्तुति दी जाएगी. इसके अतिरिक्त यदि सवारी में शामिल होने वाले अन्य श्रद्धालु डमरू लेकर भगवान महाकाल की भक्ति में डूब जाए तो विश्व रिकॉर्ड बनाया जा सकता है.
साल 2024 में ही महाशिवरात्रि के आसपास उत्तर प्रदेश के बरेली में शिव तांडव स्त्रोत के साथ 1008 डमरू बजाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है. यदि उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी के दौरान 1008 से ज्यादा डमरु बजा दिए जाएं तो उज्जैन का विश्व रिकॉर्ड बन जाएगा.


