निजी जमीन पर सड़क बनाने का विरोध करना पड़ा महंगा….रीवा जिले के हिनौवा गांव में एक निजी जमीन पर जबरन सड़क निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। उनकी जमीन पर सड़क बनाए जाने का विरोध महिलाएं कर रही थीं.
Source : DB News Update
By -DB News Update/edited by -supriya
MP रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा में जमीनी विवाद के चलते दंबगों ने दो महिलाओं को जिंदा गाड़ने जैसा दुस्साहस कर दिया। यह तो भला हो कि समय रहते दोनों महिलाओं को मुरम से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पीड़ित महिलाओं की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
रीवा जिले के हिनौवा गांव में एक निजी जमीन पर जबरन सड़क निर्माण को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। उनकी जमीन पर सड़क बनाए जाने का विरोध महिलाएं कर रही थीं। इसी दौरान दंबगों ने दोनों महिलाओं के ऊपर सड़क निर्माण में इस्तेमाल में आने वाली मुरुम डाल दी, जिससे एक महिला गले तक और दूसरी महिला कमर के ऊपर तक मिट्टी में धंस गईं।
महिलाओं के विरोध से नाराज दूसरे पक्ष
राजेश सिंह उर्फ छुटकउ अपनी जेसीबी और मुरुम से भरा डंपर लेकर विवादित स्थल पर सड़क बनाने के लिए पहुंचा था। निजी जमीन पर सड़क बनते देख आशा पांडेय और ममता पांडेय ने विरोध किया। दोनों महिलाओं द्वारा किए जा रहे विरोध से नाराज दूसरे पक्ष के गोकर्ण पांडेय, महेंद्र पांडेय, चंद्रभान पांडेय सहित आधे दर्जन से ज्यादा लोगों ने दोनों महिलाओं के साथ मारपीट कर दी। इसी बीच दूसरे पक्ष के लोगों ने दोनों महिलाओं के ऊपर डंपर से मुरुम उड़ेल दिया। इससे एक महिला गले तक जबकि दूसरी महिला कमर तक मुरम में धंस गई।
आरोपियों पर मामला दर्ज ..
विवाद होने की जानकारी मिलने पर दोनों महिलाओं के परिवार वाले मौके पर पहुंचे और फावड़े की मदद से मुरम में धंसीं दोनों महिलाओं को बाहर निकाला। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है। गंगेव पुलिस चौकी ने डंपर मालिक समेत मारपीट करने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लीया है। दोनों ही महिलाओं का इलाज करवाया गया है, जिसके बाद हालत ठीक होना बताया है।
क्या है पूरा मामला?
मालूम हो कि यह घटना एक जमीन विवाद को लेकर हुई थी, जिसमें दबंगों ने दो महिलाओं को जिंदा गाड़ दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने समय रहते ही दोनों महिलाओं को बाहर निकाल लिया। वहीं, दोनों पीड़िताओं की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। दरअसल, हिनौवा गांव में एक निजी जमीन पर जबरन सड़क निर्माण को लेकर दोनों महिलाएं विरोध कर रही थी। इसी बीच दबंगों ने दोनों महिलाओं के ऊपर सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली मुरुम डाल दी। इससे एक महिला गले तक और दूसरी कमर तक जमीन में धंस गई।
आदिवासी वाला एंगल नहीं
रीवा रेंज के डीआईजी साकेत कुमार पांडेय ने मीडिया को उक्त मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद है। एक पक्ष रोड बनाना चाहता है तो दूसरा विरोध कर रहा था। इसी दौरान महिलाओं के ऊपर मुरुम डाली गई है। दोनों महिलाएं अब स्वस्थ्य हैं वह अस्पताल से अपने घर आ गई हैं। इस मामले में आदिवासी, दलित जैसा कोई मुद्दा नहीं है। केवल परिवारों के बीच का विवाद है।
डिप्टी सीएम ने कही कार्रवाई की बात
वहीं, इस मामले में एमपी के डेप्युटी सीएम और रीवा विधानसभा सीट से विधायक राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करने वाले आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा। कड़ी कार्रवाई होगी।
कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
अब इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। एमपी कांग्रेस ने सीनियर नेता अरुण यादव ने कहा- रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौता का दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। जहां महिलाओं द्वारा अपनी जमीन पर सड़क बनाने का विरोध किया तो दबंगों ने महिलाओं को मुरुम के नीचे दबा कर जिंदा दफनाने का प्रयास किया। भाजपा की सरकार में माफ़ियाओं का बोलबाला है, दलित, आदिवासी, महिलाओं को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
डंपर मालिक सहित मारपीट करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज
वहीं, इस मामले में गंगेव पुलिस चौकी ने डंपर मालिक सहित मारपीट करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इलाज के बाद दोनों महिलाओं की हालत अब ठीक हैं।
