केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आने की तारीख निश्चित, एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी होंगे उद्घाटन में शामिल
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur in longest flyover : जबलपुर दमोहनाका से मदनमहल तक बने सबसे लंबे फ्लाई ओवर ब्रिज (एलीवेटेड कॉरीडोर) के लोकार्पण की तारीख निश्चित हो गई है. केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे. फ्लाई ओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को किया जाएगा.
बता दें कि जाबालिपुरम् के रहवासियों को 5 साल से ज्यादा समय तक इस फ्लाईओवर के शुरू होने का इंतजार करना पड़ा. संस्कारधानी वासियों का यह इंतजार खत्म होगा. प्रदेश का यह फ्लाईओवर सबसे लंबा (6.85 किमी) मदन महल-दमोहनाका तक है. इस नए फ्लाईओवर से दमोहनाका और मदनमहल के क्षेत्रों के बीच का आवागमन सुगम हो जाएगा.
अनोखा है फ्लाईओवर
प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर कई मायनों में अनोखा है. सबसे लंबे फ्लाईओवर में आधुनिकता की कारीगरी जगह-जगह देखने को मिलेगी. मदन महल रेलवे स्टेशन के ऊपर बना केबिल स्टे ब्रिज अचंभित करने वाला है. क्योंकि रेलवे लाइन के ऊपर बना सबसे लम्बा केबिल स्टे ब्रिज है. इसकी लम्बाई 385.5 मीटर है. इस केबिल स्टे ब्रिज को देखने के लिए भी लोगों में कौतूहल है.
मध्य प्रदेश के सबसे बड़े एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण लगभग 7 किलोमीटर का बताया जा रहा है. इसके निर्माण में करीब 1055 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. 5 साल पहले शुरू हुआ यह निर्माण कार्य 20 अगस्त तक पूरी तरह से पूर्ण हो जाएगा.
फ्लाईओवर के नीचे भी किया गया सौन्दर्यीकरण
मदन महल से दमोह नाका के बीच फ्लाईओवर के नीचे भी सौंदर्यीकरण किया गया है. इस ब्रिज के नीचे खाली जगह का उपयोग जनता के लिए बास्केटबॉल कोर्ट, ओपन जिम और चिल्ड्रंस पार्क बनाने के लिए किया गया है, साथ ही हजारों पौधे भी लगाए गए हैं, जो फ्लाईओवर को सुंदर और आकर्षक बनाने में अहम रोल अदा कर रहे हैं. इस फ्लाईओवर के नीचे की हरियाली न केवल क्षेत्रीय लोगों की सेहत के लिए फायदेमंद साबित होगी. बल्कि शहर आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र होगी. इसकी सुंदरता बनाए रखने के लिए विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर प्रयास करने होंगे. तभी इसकी खूबसूरती कायम रह सकती है.
दिल्ली में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने लिया समय
इस फ्लाईओवर के लोकार्पण के लिए एमपी के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गत दिवस नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी और फ्लाईओवर के लोकार्पण के लिये आमंत्रित किया था, केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने 23 अगस्त को जबलपुर में कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति जताई है.
फ्लाईओवर में 8 रैम्प, जिसमें से होगी आवाजाही
मदन महल से दमोहनाका तक इस फ्लाई ओवर में 8 रैम्प बनाए गए हैं, जो शहर के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ते हैं. मुख्य रैम्प की चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है. इनमें एलआइसी से महानद्दा रैम्प और दीनदयाल चौक तथा गोहलपुर जाने वाले मार्ग का रैम्प शामिल है. बाकी रैम्प की चौड़ाई 8.40 मीटर है. इनमें मदन महल रेलवे स्टेशन के पास स्नेहनगर लिंक रोड और पश्चिम मध्य रेलवे के उत्सव सामुदायिक भवन के सामने उतरा रैम्प, यातायात थाना मार्ग और यादव कॉलोनी की तरफ जाने वाला रैम्प शामिल है.
रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा फ्लाईओवर
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बना सबसे लंबा फ्लाईओवर का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर कर दिया गया है, जिसका उद्घाटन अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जा रहा है. यह फ्लाईओवर जबलपुर के मदन महल से दमोह नाका को आपस में जोड़ता है. मदन महल छोर से शुरू होने वाला फ्लाईओवर महज 8 मिनिट में दमोह नाका छोर तक पहुंचा देता है.
एक नजर में फ्लाईओवर को जानें
- 6.85 किमी मदन महल से दमोहनाका तक फ्लाईओवर की लंबाई है.
- 1055 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट की लागत बताई जा रही है.
- 12 मीटर मुख्य कॉरीडोर की चौड़ाई रखी गई है.
- 8.40 मीटर छोटे रैम्पों की चौड़ाई रखी गई है.
- 2020 से फ्लाईओवर का निर्माण शुरु हुआ था.
- 2023 में एक्टेंशन के आधार पर दमोनाका छोर पर लंबाई बढ़ाई गई थी.
- 8 रैम्प छोटे और बड़े मदनमहल और दमोहनाका में रोटरी बनाई गई हैं.
- 2 बो ब्रिज और एक केबिल स्टे ब्रिज है.
- 385.5 मीटर केबल स्टे ब्रिज की लंबाई है.
- 193.5 मीटर केबल स्टे ब्रिज का हिस्सा रेलवे लाइन के ऊपर है.
