संसद के मकर द्वार से लेकर संसद के अंदर तक पानी भर गया. इंडिया गठबंधन के AAP नेता बोल रहे हैं कि बाहर पेपर लीक और अंदर संसद लीक कर रहा है, कांग्रेस ने भी इस मामले में सरकार को घेरा है.
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By- DB News Update| Edited By- Supriya
नईदिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली से बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई. नई संसद की छत से पानी टपक रहा है, जिससे संसद भवन में पानी भर गया. संसद में पानी भरने से इंडिया गठबंधन के AAP नेता बोल रहे हैं कि बाहर पेपर लीक और अंदर संसद लीक कर रहा है, कांग्रेस ने भी इस मामले में सरकार को घेरा है.
कल रात हुई बारिश के बाद दिल्ली में जगह-जगह जल जमाव हो गया. लेकिन यह जल जमाव सिर्फ दिल्ली की सड़कों पर नहीं बल्कि संसद के अंदर तक पहुंच गया. संसद के मकर द्वार पर पानी ही पानी भर गया. सिर्फ मकर द्वारा नहीं बल्कि संसद के अंदर भी पानी भर गया था.
लोकसभा में उठा मुद्दा
सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही के समापन के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भारत यात्रा पर आए और उस समय सदन के विशेष बॉक्स में बैठे हुए जापानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने अपने द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर ओम बिरला ने मणिकम टैगोर की मांग को खारिज करते हुए कहा कि वे सभी सांसदों को आगाह करते हैं.
ने लीक के कारणों की जांच के लिए एक विशेष समिति के गठन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, “समिति रिसाव के कारणों पर ध्यान केंद्रित करेगी, डिजाइन और सामग्रियों का मूल्यांकन करेगी और आवश्यक मरम्मत की सिफारिश करेगी। इसके अलावा, इसे एक रखरखाव प्रोटोकॉल स्थापित करना चाहिए और अपने निष्कर्षों को सार्वजनिक रूप से शेयर करके पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।”
अखिलेश यादव ने भी बोला हमला
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली NDA सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पुरानी संसद नई संसद से बेहतर थी। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहां पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे। क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है। जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर, आपको बता दें कि नई संसद का उद्घाटन पिछले साल मई में हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर, 2020 को नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी.
मई 2023 को पीएम ने नई संसद का उद्धाटन किया था
पीएम ने 28 मई 2023 को नई संसद का उद्धाटन किया था नए संसद भवन का उद्धाटन 28 मई 2023 को हुआ था। प्रधानमंत्री ने 10 दिसंबर 2020 को इसकी आधारशिला रखी थी। नए संसद भवन का निर्माण 15 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था। इस बिल्डिंग को पिछले साल नवंबर में पूरा हो जाना था। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनी ये बिल्डिंग प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे 28 महीने में बनाया गया।
क्यों बनाई गई नई बिल्डिंग पुराना संसद भवन 97 साल पहले 1927 में बनाया गया था। मार्च 2020 में सरकार ने संसद को बताया था कि पुरानी बिल्डिंग ओवर यूटिलाइज्ड हो चुकी है और खराब हो रही है। इसके साथ ही लोकसभा सीटों के नए सिरे से परिसीमन के बाद जो सीटें बढ़ेंगीं, उनके सांसदों के बैठने के लिए पुरानी बिल्डिंग में पर्याप्त जगह नहीं है। इसी वजह से नई बिल्डिंग बनाई जा रही है
4 मंजिला बिल्डिंग में भूकंप का असर नहीं
पुराना संसद भवन 47 हजार 500 वर्गमीटर में है, जबकि नई बिल्डिंग 64 हजार 500 वर्ग मीटर में बनाई गई है। यानी पुराने से नया भवन 17 हजार वर्ग मीटर बड़ा है। नया संसद भवन 4 मंजिला है। इसमें 3 दरवाजे हैं, इन्हें ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार नाम दिया गया है। सांसदों और VIPs के लिए अलग एंट्री है। इस पर भूकंप का असर नहीं होगा। इसका डिजाइन HCP डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है। इसके आर्किटेक्ट बिमल पटेल हैं।
नई संसद के उद्घाटन का 20 विपक्षी पार्टियों ने बहिष्कार किया कांग्रेस समेत 20 विपक्षी पार्टियों ने उद्घाटन समारोह के बहिष्कार किया था। विपक्ष का कहना था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दरकिनार कर प्रधानमंत्री मोदी से इसका इनॉगरेशन कराने का निर्णय न केवल गंभीर अपमान है, बल्कि यह लोकतंत्र पर भी सीधा हमला है। वहीं, भाजपा समेत 25 पार्टियां उद्घाटन समारोह में शामिल हुईं.
